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पट्टेदारों को कब्जा दिलाने पहुंची टीम लौटी बैरंग
Updated Sun, 25 Jun 2017 06:15 PM IST
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जोगराजपुर(पीलीभीत)। पुलिस को साथ लेकर पट्टेदारों को कब्जा दिलवाने पहुंची राजस्व टीम को लोगों का विरोध झेलना पड़ा। आखिर टीम का विरोध कर रहे लोगों को सही कार्रवाई का आश्वासन देना पड़ा। विरोध के बाद जांच में राजस्व टीम ने पट्टेदारों को अपात्र पाया। अब पूरे मामले की और भूमि गरीबों को देने की संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
गांव के तीन ऐसे लोगों को करीब डेढ़ दशक पहले उस समय गाटा संख्या सौ पर पट्टे किए गए थे, जब गांव पुवायां तहसील में लगता था। तब से पट्टेदारों को भूमि पर कब्जा नहीं मिल सका था। हालांकि इस दौरान पट्टेदारों ने कई बार भूमि पर कब्जा दिलवाने की मांग अफसरों से की। उक्त गाटा की भूमि पर ही बाजार है। गांव की गरीब रोशन लाल की पत्नी सरोज को कई साल पहले कुछ भूमि रहने को दे दी गई थी। इधर, शनिवार को नायब तहसीलदार अनुराग के नेतृत्व में पुलिस को साथ लेकर राजस्व टीम उक्त गांटा की भूमि की पैमाइश कर पट्टेदारों को कब्जा दिलवाने आ पहुंची। इसकी जानकारी पर एकत्र हुए कई लोगों ने टीम का घेराव कर विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि जिन लोगों को पट्टा किया गया था। वे धनाड्य हैं। कई साल पहले साठगांठ कर पट्टा करवाया गया था। भूमि धनाड्यों को नहीं मिलने दी जाएगी। गरीबों को भूमि दी जाए। भारी विरोध पर नायब तहसीलदार ने जांच के बाद सही कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं विरोध कर रहे लोग शांत हुए। इसके चलते टीम बगैर कब्जा दिलवाए ही लौट गई।
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गांव के तीन लोगों को गाटा संख्या सौ की भूमि पर उस समय पट्टा किया गया था, जब तहसील पुवायां हुआ करती थी। जांच में मौजूदा समय में जिन लोगों को पट्टा किया गया था, वे पात्र नहीं हैं। भूमि का कुछ हिस्सा एक गरीब महिला को रहने को देने का मामला पाया गया। भूमि पर बाजार है। कुछ पक्की दुकानें और घर भी बने हैं। भूमि गरीबों को मिले इसकी संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
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- अनुराग, नायब तहसीलदार
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गांव के तीन ऐसे लोगों को करीब डेढ़ दशक पहले उस समय गाटा संख्या सौ पर पट्टे किए गए थे, जब गांव पुवायां तहसील में लगता था। तब से पट्टेदारों को भूमि पर कब्जा नहीं मिल सका था। हालांकि इस दौरान पट्टेदारों ने कई बार भूमि पर कब्जा दिलवाने की मांग अफसरों से की। उक्त गाटा की भूमि पर ही बाजार है। गांव की गरीब रोशन लाल की पत्नी सरोज को कई साल पहले कुछ भूमि रहने को दे दी गई थी। इधर, शनिवार को नायब तहसीलदार अनुराग के नेतृत्व में पुलिस को साथ लेकर राजस्व टीम उक्त गांटा की भूमि की पैमाइश कर पट्टेदारों को कब्जा दिलवाने आ पहुंची। इसकी जानकारी पर एकत्र हुए कई लोगों ने टीम का घेराव कर विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि जिन लोगों को पट्टा किया गया था। वे धनाड्य हैं। कई साल पहले साठगांठ कर पट्टा करवाया गया था। भूमि धनाड्यों को नहीं मिलने दी जाएगी। गरीबों को भूमि दी जाए। भारी विरोध पर नायब तहसीलदार ने जांच के बाद सही कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं विरोध कर रहे लोग शांत हुए। इसके चलते टीम बगैर कब्जा दिलवाए ही लौट गई।
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गांव के तीन लोगों को गाटा संख्या सौ की भूमि पर उस समय पट्टा किया गया था, जब तहसील पुवायां हुआ करती थी। जांच में मौजूदा समय में जिन लोगों को पट्टा किया गया था, वे पात्र नहीं हैं। भूमि का कुछ हिस्सा एक गरीब महिला को रहने को देने का मामला पाया गया। भूमि पर बाजार है। कुछ पक्की दुकानें और घर भी बने हैं। भूमि गरीबों को मिले इसकी संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
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- अनुराग, नायब तहसीलदार