Muzaffarnagar News: आस्था के पथ पर बढ़े योगी तो पीछे छूटते गए सियासतदां, नाथ पंथ की परंपरा में डूबे नजर आए CM
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तुलसीपुर में पूरी तरह नाथ पंथ की परंपरा में पूरी तरह डूबे दिखे। शिव गोरखनाथ मंदिर में सिर्फ सांधु-संतों से की मुलाकात की। इस दौरान जिले के नेता मंदिर के मुख्य दरवाजे से ही वापस लौट गए।
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मुजफ्फरनगर जनपद में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तुलसीपुर में पूरी तरह नाथ पंथ की परंपरा में डूबे नजर आए। देशभर से आए पंथ के संत समाज से मुलाकात की। सिर्फ धर्म की चर्चा हुई। भंडारे से लेकर चादर रस्म तक निभाई। सीएम आस्था के पथ पर बढ़े तो जिले के भाजपा नेता भी पीछे छूटते चले गए। अधिकतर नेता मंदिर के बाहर से ही लौटे और वंदेभारत के कार्यक्रम में शामिल हुए।
तुलसीपुर में गुरुवार को संतों की जमावड़ा लगा। धर्म की बातें हुई। नाथ पंथ के कुंभ में सीएम योगी आदित्य नाथ पहुंचे और संतों से मुलाकात की। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व विधायक विक्रम सैनी समेत 16 भाजपा नेताओं ने हेलीपैड पर अभिनंदन किया।
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सीएम हेलीपैड से मंदिर की तरफ बढ़े तो भाजपा नेताओं का काफिला भी उनके साथ चला। मगर, मंदिर के बाहर ही सबको रोक लिया गया। सिर्फ सीएम कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर में बत्तीस मान के पंचों के बीच पहुंचे। यहां पूजा अर्चना की। पंच केशवानंद, महंत रूपनाथ और तुलसीपुर के संत योगी संध्यानाथ समेत अन्य संतों से धर्म चर्चा की।
पंच केशवानंद ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ नाथ पंथ के उपसभापति भी है। इस नाते ही वह बत्तीस मान के भंडारे में शामिल होने आए थे। सभा का कार्यक्रम तय नहीं था, वह सिर्फ समय पर निर्भर था। मंदिर में सिर्फ सुरक्षा अधिकारी और संत समाज ही रहा।
योगी मंदिर में पहुंचे तो वंदेभारत के लिए दौड़े भाजपा समर्थक
मुजफ्फरनगर। सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे ही मंदिर में घुसे तो भाजपा नेताओं ने जिला मुख्यालय के लिए दौड़ लगाई। अपने-अपने वाहनों से रेलवे स्टेशन पर वंदेभारत का स्वागत करने के लिए पहुंचे। जिनकी ड्यटी खतौली में थी, वह भी पहुंच गए।