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ट्रैक्टर के आगे लेटीं महिलाएं, चकबंदी को लेकर धौलरा में जमकर हंगामा
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ट्रैक्टर के आगे लेटीं महिलाएं, चकबंदी को लेकर धौलरा में जमकर हंगामा
तितावी। चकबंदी को लेकर गांव धौलरा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। चकबंदी विभाग द्वारा खेतों के बीच से चकरोड निकाले जाने का विरोध करते हुए ग्रामीण महिलाएं कर्मचारियों के ट्रैक्टर के आगे लेट गईं। भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष से वार्ता में एडीएम (वित्त) ने मंगलवार को सभी शिकायतों का निस्तारण कराने का आश्वासन देकर मामला शांत किया।
थाना क्षेत्र के गांव धौलरा में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण इस प्रक्रिया का शुरूआत से ही विरोध कर रहे हैं, जिसे लेकर भारतीय किसान संगठन द्वारा कलक्ट्रेट में धरना भी दिया जा चुका है। वहीं, ग्रामीणों ने भी विभाग में चकबंदी प्रक्रिया पर ऐतराज दाखिल किए हुए हैं। सोमवार सुबह एसीओ चकबंदी शिल्पी, कानूनगो चकबंदी नरेश, अरुण व जितेंद्र और चकबंदी लेखपाल मांगेराम, अमित राठी व सचिन गांव में पहुंचे। वहां चकबंदी टीम ने गांव निवासी बदलू, सुनील, बुद्धसिंह व नरेंद्र आदि के खेतों के बीच से चकरोड निकालनी शुरू कर दी। इसके लिए हाल ही में बोई गई फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट किया जाने लगा। यह देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण महिलाएं भी मौके पर जा पहुंचीं और ट्रैक्टर के आगे खेतों में लेट गईं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी विभाग हठधर्मिता से चकबंदी कर कुछ व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने में लगा है। हंगामा होता देख चकबंदी टीम ने काम रोक दिया। सूचना पर भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक सोम भी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और एडीएम (वित्त) आलोक कुमार से फोन पर वार्ता की। इसमें एडीएम (वित्त) ने मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराकर सभी शिकायतों का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चकबंदी टीम मुख्यालय लौट गई।
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तितावी। चकबंदी को लेकर गांव धौलरा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। चकबंदी विभाग द्वारा खेतों के बीच से चकरोड निकाले जाने का विरोध करते हुए ग्रामीण महिलाएं कर्मचारियों के ट्रैक्टर के आगे लेट गईं। भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष से वार्ता में एडीएम (वित्त) ने मंगलवार को सभी शिकायतों का निस्तारण कराने का आश्वासन देकर मामला शांत किया।
थाना क्षेत्र के गांव धौलरा में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण इस प्रक्रिया का शुरूआत से ही विरोध कर रहे हैं, जिसे लेकर भारतीय किसान संगठन द्वारा कलक्ट्रेट में धरना भी दिया जा चुका है। वहीं, ग्रामीणों ने भी विभाग में चकबंदी प्रक्रिया पर ऐतराज दाखिल किए हुए हैं। सोमवार सुबह एसीओ चकबंदी शिल्पी, कानूनगो चकबंदी नरेश, अरुण व जितेंद्र और चकबंदी लेखपाल मांगेराम, अमित राठी व सचिन गांव में पहुंचे। वहां चकबंदी टीम ने गांव निवासी बदलू, सुनील, बुद्धसिंह व नरेंद्र आदि के खेतों के बीच से चकरोड निकालनी शुरू कर दी। इसके लिए हाल ही में बोई गई फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट किया जाने लगा। यह देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण महिलाएं भी मौके पर जा पहुंचीं और ट्रैक्टर के आगे खेतों में लेट गईं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी विभाग हठधर्मिता से चकबंदी कर कुछ व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने में लगा है। हंगामा होता देख चकबंदी टीम ने काम रोक दिया। सूचना पर भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक सोम भी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और एडीएम (वित्त) आलोक कुमार से फोन पर वार्ता की। इसमें एडीएम (वित्त) ने मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराकर सभी शिकायतों का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चकबंदी टीम मुख्यालय लौट गई।
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