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हम होंगे कामयाब...... कोरोना के सिपाही
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हम होंगे कामयाब......
भोपा। हौसले से हारेगा कोरोना.....। औरों को भी कोरोना से बचाना और खुद भी सुरक्षित रहना है, इस जज्बे के साथ कोरोना को मात देते हुए जहां एक स्वास्थ्य कर्मी महिला एक दिन का आराम करे बिना ही अपनी ड्यूटी पर लौट आई है। वहीं वैक्सीन लगाने में जुटी दो सगी बहनों सहित पांच स्वास्थ्य कर्मी महिला कर्मठता और लगन का परिचय देते हुए अब तक छह हजार से भी अधिक लोगों को वैक्सीन लगा चुकी हैं। कोरोना से छिड़ी जंग में वह अभी तक अपने आपको पूरी तरीके से सुरक्षित रखे हुए हैं।
- मोरना निवासी सुमन चौहान वैक्सीन आदि आवंटन सहित कोरोना से जुड़े कई मामले मोरना पीएचसी पर रहकर देख रही हैं। सुमन चौहान की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। लगभग दो सप्ताह तक सुमन ने कोरोना के साथ कड़ा संघर्ष किया और कोरोना को मात दी। मोरना चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अर्जुन सिंह बताते हैं कि सुमन चौहान को जैसे ही स्वास्थ्य लाभ मिला तो वह अपनी ड्यूटी पर लौट आई। सुमन चौहान के जज्बे को पूरा स्टाफ सैल्यूट करता है।
- मोरना की ही सगी दो बहन श्रुति ठाकरान वह छोटी बहन जौली मोरना पीएचसी पर महिला स्वास्थ्य कर्मी के रूप में तैनात हैं। दोनों बहनें जहां होम क्वारंटाइन किए गए लोगों के उपचार व देखरेख में लगी रहती हैं। वहीं अपने स्टाफ से जुड़ी सुलेखा दास और भोपा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात सुनिता सालार के साथ हिम्मत से अपनी ड्यूटी निभाते हुए अब तक लगभग छह हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन लगा चुकी हैं। महिला स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वह पूरी लगन व निष्ठा के साथ कोरोना से छिड़ी जंग में उतरी हैं। उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि जल्दी ही कोरोना को मात देंगे।
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खुद दुकान बंद कर दिया ऑक्सीजन का सिलिंडर
भोपा। भोपा क्षेत्र के गांव रहकड़ा निवासी सरदार कुलविंदर सिंह भोपा में कृषि यंत्र बनाने का कार्य करता है। भोपा निवासी युवक अक्षय का रिश्तेदार मेरठ के एक हॉस्पिटल में एडमिट है। मरीज में ऑक्सीजन की कमी आ जाने से उन्हें अचानक ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ी। भोपा में सरदार कुलविंदर सिंह ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। अक्षय का जब ध्यान कुलविंदर की ओर गया तो उस समय कुलविंदर ऑक्सीजन सिलेंडर से कृषि यंत्र बनाने का कार्य कर रहे थे। जब कुलविंदर को अक्षय ने समस्या बताई तो कुलविंदर सिंह ने ऑक्सीजन का भरा हुआ सिलिंडर उसके हवाले कर, अपने कार्य को भी बंद कर दिया। कुलविंदर सिंह का कहना है कि उसकी वजह से अगर एक व्यक्ति की जान बच सकती है तो वह दुकान पर तो एक सप्ताह बाद भी कार्य कर लेगा। सरदार कुलविंदर की व्यापारियों ने प्रशंसा की।
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भोपा। हौसले से हारेगा कोरोना.....। औरों को भी कोरोना से बचाना और खुद भी सुरक्षित रहना है, इस जज्बे के साथ कोरोना को मात देते हुए जहां एक स्वास्थ्य कर्मी महिला एक दिन का आराम करे बिना ही अपनी ड्यूटी पर लौट आई है। वहीं वैक्सीन लगाने में जुटी दो सगी बहनों सहित पांच स्वास्थ्य कर्मी महिला कर्मठता और लगन का परिचय देते हुए अब तक छह हजार से भी अधिक लोगों को वैक्सीन लगा चुकी हैं। कोरोना से छिड़ी जंग में वह अभी तक अपने आपको पूरी तरीके से सुरक्षित रखे हुए हैं।
- मोरना निवासी सुमन चौहान वैक्सीन आदि आवंटन सहित कोरोना से जुड़े कई मामले मोरना पीएचसी पर रहकर देख रही हैं। सुमन चौहान की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। लगभग दो सप्ताह तक सुमन ने कोरोना के साथ कड़ा संघर्ष किया और कोरोना को मात दी। मोरना चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अर्जुन सिंह बताते हैं कि सुमन चौहान को जैसे ही स्वास्थ्य लाभ मिला तो वह अपनी ड्यूटी पर लौट आई। सुमन चौहान के जज्बे को पूरा स्टाफ सैल्यूट करता है।
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- मोरना की ही सगी दो बहन श्रुति ठाकरान वह छोटी बहन जौली मोरना पीएचसी पर महिला स्वास्थ्य कर्मी के रूप में तैनात हैं। दोनों बहनें जहां होम क्वारंटाइन किए गए लोगों के उपचार व देखरेख में लगी रहती हैं। वहीं अपने स्टाफ से जुड़ी सुलेखा दास और भोपा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात सुनिता सालार के साथ हिम्मत से अपनी ड्यूटी निभाते हुए अब तक लगभग छह हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन लगा चुकी हैं। महिला स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वह पूरी लगन व निष्ठा के साथ कोरोना से छिड़ी जंग में उतरी हैं। उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि जल्दी ही कोरोना को मात देंगे।
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खुद दुकान बंद कर दिया ऑक्सीजन का सिलिंडर
भोपा। भोपा क्षेत्र के गांव रहकड़ा निवासी सरदार कुलविंदर सिंह भोपा में कृषि यंत्र बनाने का कार्य करता है। भोपा निवासी युवक अक्षय का रिश्तेदार मेरठ के एक हॉस्पिटल में एडमिट है। मरीज में ऑक्सीजन की कमी आ जाने से उन्हें अचानक ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ी। भोपा में सरदार कुलविंदर सिंह ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। अक्षय का जब ध्यान कुलविंदर की ओर गया तो उस समय कुलविंदर ऑक्सीजन सिलेंडर से कृषि यंत्र बनाने का कार्य कर रहे थे। जब कुलविंदर को अक्षय ने समस्या बताई तो कुलविंदर सिंह ने ऑक्सीजन का भरा हुआ सिलिंडर उसके हवाले कर, अपने कार्य को भी बंद कर दिया। कुलविंदर सिंह का कहना है कि उसकी वजह से अगर एक व्यक्ति की जान बच सकती है तो वह दुकान पर तो एक सप्ताह बाद भी कार्य कर लेगा। सरदार कुलविंदर की व्यापारियों ने प्रशंसा की।