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हिंसा पैदा करने वालों का अंत भी हिंसा ही हैं-योगतीर्थ
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शुकतीर्थ माता पूर्णागिरी आदि शक्ति पीठ आश्रम में संत महात्माओं को शाल ओढ़ाकर सम्मानित करते महाम
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर, मोरना। स्वामी ब्रह्ममूर्ति योगतीर्थ महाराज ने कहा कि जीवन की यात्रा शुभ आचरण से होनी चाहिए। धर्म की विकास गति से समाज की उन्नति होगी। सेवा कल्याण का मुख्य द्वार हैं। संत कृपा से बिगड़े काम बन जाते हैं।
ब्रहम ऋषि शुकदेव की तपस्थली शुकतीर्थ में ब्रह्मलीन गुरु हनुमान दास महाराज की आठवीं पुण्यतिथि पर माता पूर्णा गिरी आदि शक्ति पीठ शुकतीर्थ में कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगतीर्थ महाराज ने कहा कि कहा कि गुरु, स्त्री , अग्नि और राजा के पास कभी खाली हाथ न जाए। जब तक आप परमात्मा को नहीं जान पाएंगे, मोक्ष की प्राप्ति नहीं होगी। हिंसा पैदा करने वालों का अंत भी हिंसा से ही होता है। शास्त्रों, धर्म मंदिरों को बेचकर सनातन धर्म का शोषण किया जा रहा है, इसे रोकना होगा।
कार्यक्रम के दौरान आनंद वैश महाराज गुरुकुल आश्रम, स्वामी विवेकानंद सरस्वती जैनपुर करनाल, स्वामी भगवान दास शाकंभरी देवी, स्वामी केशवानंद महाराज संगरुर पंजाब, स्वामी प्रताप हंस बिजनौर, वैध जगपाल शिवानंद आदि सैकड़ों संत महात्माओं को महामंडलेश्वर स्वामी गोपाल दास महाराज ने शाल ओढ़ाकर व दक्षिणा देकर सम्मानित किया। संचालन पूर्व प्रधानाचार्य प्रेम शंकर मिश्रा ने किया। इस मौके पर अजय कृष्ण महाराज, स्वामी मारुति मुनि शाकंभरी देवी, मनोहर शर्मा, डायरेक्टर आदित्य चौधरी आचार्य इंद्रपाल हरविंदर सिंह गोपाल आदि सहित हजारों श्रद्धालु कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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ब्रहम ऋषि शुकदेव की तपस्थली शुकतीर्थ में ब्रह्मलीन गुरु हनुमान दास महाराज की आठवीं पुण्यतिथि पर माता पूर्णा गिरी आदि शक्ति पीठ शुकतीर्थ में कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगतीर्थ महाराज ने कहा कि कहा कि गुरु, स्त्री , अग्नि और राजा के पास कभी खाली हाथ न जाए। जब तक आप परमात्मा को नहीं जान पाएंगे, मोक्ष की प्राप्ति नहीं होगी। हिंसा पैदा करने वालों का अंत भी हिंसा से ही होता है। शास्त्रों, धर्म मंदिरों को बेचकर सनातन धर्म का शोषण किया जा रहा है, इसे रोकना होगा।
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कार्यक्रम के दौरान आनंद वैश महाराज गुरुकुल आश्रम, स्वामी विवेकानंद सरस्वती जैनपुर करनाल, स्वामी भगवान दास शाकंभरी देवी, स्वामी केशवानंद महाराज संगरुर पंजाब, स्वामी प्रताप हंस बिजनौर, वैध जगपाल शिवानंद आदि सैकड़ों संत महात्माओं को महामंडलेश्वर स्वामी गोपाल दास महाराज ने शाल ओढ़ाकर व दक्षिणा देकर सम्मानित किया। संचालन पूर्व प्रधानाचार्य प्रेम शंकर मिश्रा ने किया। इस मौके पर अजय कृष्ण महाराज, स्वामी मारुति मुनि शाकंभरी देवी, मनोहर शर्मा, डायरेक्टर आदित्य चौधरी आचार्य इंद्रपाल हरविंदर सिंह गोपाल आदि सहित हजारों श्रद्धालु कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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