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वन स्टॉप सेंटर से युवती गायब होने पर हंगामा
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जिला महिला अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर पर डीपीओ का घेराव करते ग्रामीण।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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वन स्टॉप सेंटर से युवती के लापता होने पर हंगामा
मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला चिकित्सालय में बनाए गए वन स्टॉप सेंटर से लड़की के गायब हो जाने पर रेत्ता नंगला के लोगों ने हंगामा काटा। ग्रामीणों की भीड़ को देख सेंटर इंचार्ज चली गईं। मौके पर मामले की जांच के लिए पहुंचे डीपीओ को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। बाद में कोतवाली पुलिस के पहुंचने पर मुक्त कराया गया। वन स्टॉप सेंटर इंचार्ज के खिलाफ जब ग्रामीणों ने तहरीर देने की बात की, तो शाम को लड़की सेंटर पर वापस आ गई।
छपार थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने डायल 112 पर फोन कर सुरक्षा की मांग की थी। छपार पुलिस लड़की को घर से ले आई और उसे सात सितंबर को जिला चिकित्सालय में बनाए गए वन स्टॉप सेंटर के सुपुर्द कर दिया। आरोप है कि बुधवार की सुबह 8.30 बजे वन स्टॉप सेंटर की इंचार्ज नीरू रानी ने युवती को छोड़ दिया। इससे पहले यहां लड़की से बात करने आए परिजनों को भी उससे बात नहीं करने दी गई। सेंटर से युवती के गायब होने की सूचना पर ग्रामीण और आसपास के बंजारा समाज के लोग जिला चिकित्सालय पहुंच गए। यहां वन स्टॉप सेंटर से जानकारी ली, तो उन्होंने कहा कि युवती ने यह लिखकर दिया है कि उसे परिवार वालों से जान का खतरा है। वह बालिग है और अपना निर्णय खुद ले सकती है। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। इसे लेकर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया कि युवती को किसके साथ भेजा यह बताएं।
रालोद के प्रवक्ता कमल गौतम के नेतृत्व में लोगों ने वन स्टॉप सेंटर को घेर लिया। भीड़ से पहले ही सेंटर इंचार्ज यहां से चली गई और बुलाने के बाद भी नहीं आई। इस मामले की जानकारी जब जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन को लगी, तो वह जांच के लिए वन स्टॉप सेंटर पहुंचे। जहां पहले से ही मौजूद ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। ग्रामीणों ने सेंटर इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई और लड़की की बरामदगी की बात की। शाम के समय जब छपार थाने में तहरीर देने की बात की गई, तो युवती अचानक रात में वन स्टॉप सेंटर पर पहुंच गई। ग्रामीणों में तेजपाल, मुकेश, शोभा बंजारा, सचिन, महक सिंह, विनोद गुर्जर, रोहित, आकाश, सन्नी, आजाद, संदीप कुमार, चांदवीर, तजबीर, अमित बंजारा, सोमपाल आदि मौजूद रहे।
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दोषियों पर कार्रवाई होगी
जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन का कहना है कि यदि कोई युवती जान का खतरा बता रही है तो उसको अकेले छोड़ा नहीं जा सकता। युवती को पुलिस के सुपुर्द कर उसके लिए अलग से व्यवस्था की जानी थी। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है, जो दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।
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मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला चिकित्सालय में बनाए गए वन स्टॉप सेंटर से लड़की के गायब हो जाने पर रेत्ता नंगला के लोगों ने हंगामा काटा। ग्रामीणों की भीड़ को देख सेंटर इंचार्ज चली गईं। मौके पर मामले की जांच के लिए पहुंचे डीपीओ को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। बाद में कोतवाली पुलिस के पहुंचने पर मुक्त कराया गया। वन स्टॉप सेंटर इंचार्ज के खिलाफ जब ग्रामीणों ने तहरीर देने की बात की, तो शाम को लड़की सेंटर पर वापस आ गई।
छपार थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने डायल 112 पर फोन कर सुरक्षा की मांग की थी। छपार पुलिस लड़की को घर से ले आई और उसे सात सितंबर को जिला चिकित्सालय में बनाए गए वन स्टॉप सेंटर के सुपुर्द कर दिया। आरोप है कि बुधवार की सुबह 8.30 बजे वन स्टॉप सेंटर की इंचार्ज नीरू रानी ने युवती को छोड़ दिया। इससे पहले यहां लड़की से बात करने आए परिजनों को भी उससे बात नहीं करने दी गई। सेंटर से युवती के गायब होने की सूचना पर ग्रामीण और आसपास के बंजारा समाज के लोग जिला चिकित्सालय पहुंच गए। यहां वन स्टॉप सेंटर से जानकारी ली, तो उन्होंने कहा कि युवती ने यह लिखकर दिया है कि उसे परिवार वालों से जान का खतरा है। वह बालिग है और अपना निर्णय खुद ले सकती है। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। इसे लेकर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया कि युवती को किसके साथ भेजा यह बताएं।
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रालोद के प्रवक्ता कमल गौतम के नेतृत्व में लोगों ने वन स्टॉप सेंटर को घेर लिया। भीड़ से पहले ही सेंटर इंचार्ज यहां से चली गई और बुलाने के बाद भी नहीं आई। इस मामले की जानकारी जब जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन को लगी, तो वह जांच के लिए वन स्टॉप सेंटर पहुंचे। जहां पहले से ही मौजूद ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। ग्रामीणों ने सेंटर इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई और लड़की की बरामदगी की बात की। शाम के समय जब छपार थाने में तहरीर देने की बात की गई, तो युवती अचानक रात में वन स्टॉप सेंटर पर पहुंच गई। ग्रामीणों में तेजपाल, मुकेश, शोभा बंजारा, सचिन, महक सिंह, विनोद गुर्जर, रोहित, आकाश, सन्नी, आजाद, संदीप कुमार, चांदवीर, तजबीर, अमित बंजारा, सोमपाल आदि मौजूद रहे।
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दोषियों पर कार्रवाई होगी
जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन का कहना है कि यदि कोई युवती जान का खतरा बता रही है तो उसको अकेले छोड़ा नहीं जा सकता। युवती को पुलिस के सुपुर्द कर उसके लिए अलग से व्यवस्था की जानी थी। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है, जो दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।