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मरीज की मौत को लेकर नर्सिंग होम में हंगामा
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मुजफ्फरनगर। शहर के बालाजी चौक स्थित नर्सिंग होम में भर्ती मरीज की मौत होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मरीज के परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया। देर रात पूर्व राज्यमंत्री योगराज सिंह भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव शिकारपुर निवासी रोशन को उसके परिजनों ने चार दिन पूर्व हृदय रोग से संबंधित समस्या होने पर बालाजी चौक स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। रविवार रात अचानक रोशन की तबीयत बिगड़ने लगी और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। मरीज की मौत होने पर परिजनों ने नर्सिंग होम में हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि मरीज को भर्ती कराते समय नर्सिंग होम में 80 हजार रुपये जमा कराए गए थे, लेकिन कोई डॉक्टर तीन दिन तक उसे देखने तक नहीं आया। यहां तक कि रविवार को जब रोशन की हालत बिगड़ी, तब भी नर्सिंग होम के डॉक्टर या कर्मचारी उसे देखने नहीं पहुंचे। रात करीब आठ बजे हुई मौत की सूचना उन्हें देर रात दस बजे दी गई। हंगामे की सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। देर रात पूर्व राज्यमंत्री योगराज सिंह भी नर्सिंग होम में पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों में वार्ता कराई गई, जिसमें उनके बीच समझौता हो गया। इसके बाद पीड़ित परिजन शव लेकर गांव लौट गए।
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भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव शिकारपुर निवासी रोशन को उसके परिजनों ने चार दिन पूर्व हृदय रोग से संबंधित समस्या होने पर बालाजी चौक स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। रविवार रात अचानक रोशन की तबीयत बिगड़ने लगी और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। मरीज की मौत होने पर परिजनों ने नर्सिंग होम में हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि मरीज को भर्ती कराते समय नर्सिंग होम में 80 हजार रुपये जमा कराए गए थे, लेकिन कोई डॉक्टर तीन दिन तक उसे देखने तक नहीं आया। यहां तक कि रविवार को जब रोशन की हालत बिगड़ी, तब भी नर्सिंग होम के डॉक्टर या कर्मचारी उसे देखने नहीं पहुंचे। रात करीब आठ बजे हुई मौत की सूचना उन्हें देर रात दस बजे दी गई। हंगामे की सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। देर रात पूर्व राज्यमंत्री योगराज सिंह भी नर्सिंग होम में पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों में वार्ता कराई गई, जिसमें उनके बीच समझौता हो गया। इसके बाद पीड़ित परिजन शव लेकर गांव लौट गए।
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