फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   They do not wish to recall those days; both communities are living in brotherhood.

Muzaffarnagar News: याद नहीं करना चाहते वो दिन, भाईचारे से रह रहे दोनों समुदाय

Thu, 27 Aug 2026 02:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
They do not wish to recall those days; both communities are living in brotherhood.
गांव कवाल का वह चौराहा जहां पर ममेरे व फुफेरे भाइयों सचिन व गौरव की हत्या की गई थी। स्रोतः संवा
जानसठ। 27 अगस्त 2013...यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर के पन्नों पर नफरत से लिखी इबारत है। शाम ढलते-ढलते कवाल गांव के बीच में लम्हों से खता हुई। ममेरे-फुफेरे भाई सचिन और गौरव का शाहनवाज के साथ झगड़ा हुआ। दोनों बाइक पर बैठकर अपने घर जाने लगे लेकिन तिराहे पर भीड़ मौत बन गई। अब गांव का माहौल में बदलाव है। ग्रामीणों का कहना है की अब उन जख्मों को कोई याद नहीं करना चाहता। गांव में दोनों समुदाय के लोग आपस में भाईचारे से रहते हैं।
विज्ञापन

तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी मंजिल सैनी पुलिसबल के साथ गांव पहुंचे। घायल शाहनवाज की अस्पताल में मौत हुई। कवाल में सर्च अभियान चलाकर गिरफ्तारियां शुरू हुईं। इसी पल डीएम-एसएसपी के तबादले का आदेश पहुंचा।
विज्ञापन

इसके बाद चिंगारी रातभर सुलगी। पोस्टमार्टम के बाद 28 अगस्त को मलिकपुरा में गौरव-सचिन के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए लोगों ने कवाल में तोड़फोड़ की। पूर्व विधायक विक्रम सैनी पर रासुका लगाई गई थी। रोज हालात बिगड़ते गए और नंगला मंदौड़ में सात सितंबर की पंचायत से लौटते लोगों पर पथराव के बाद दंगा शुरू हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

दंगे के 534 मुकदमे लिखे गए। एसआईटी की जांच हुई। दंगे से सियासत का नया समीकरण बना और राजनीति में कई नाम उभरे।

याद नहीं करना चाहते वो दिन : इस्लाम
गांव कवाल की प्रधान के पति मोहम्मद इस्लाम कहते हैं कि वह गांव के लिए काला दिन था। अब उन लम्हों को कोई याद नहीं करना चाहता। वह एक भूल थी, जिसकी सजा पूरे जिले ने भुगती। गांव में दोनों समुदाय के लोग आपस में भाईचारे से रहते हैं।
ग्रामीण हबीबुर्रहमान उर्फ छोटा का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम समाज के लोग भी कांवड़ियों की सेवा करते हैं। धार्मिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं।
--
गांव में कायम है भाईचारा : प्रदीप
ग्रामीण प्रदीप कुमार का कहना है कि गांव में किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं है। सभी हिंदू और मुस्लिम ग्रामीण आपस में एक-दूसरे के साथ बैठते हैं। पूर्व प्रधान महेंद्र सैनी का कहना है कि गांव में सभी लोग अमन-चैन से रह रहे हैं। दोनों समुदायों के लोग आपस में एक-दूसरे के यहां शादियों में भी शामिल होते हैं।

सचिन-गौरव की हत्या में इन्हें हुई थी सजा
अदालत ने सचिन और गौरव की हत्या के मामले में दोषी कवाल गांव के मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, जहांगीर, नदीम, अफजाल, इकबाल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मुजम्मिल बुलंदशहर जेल में है, जबकि अन्य दोषी आगरा जेल में सजा काट रहे हैं।

शाहनवाज की हत्या में यह बना आरोपी
कवाल कांड के शाहनवाज हत्याकांड में मलिकपुरा के प्रहलाद, तेंदर उर्फ तेंदू, विशन, देवेंद्र, जितेंद्र और रविंद्र के खिलाफ ट्रायल चल रहा है। इनमें से तेंदर उर्फ तेंदू की दो माह पूर्व मृत्यु हो गई थी। शाहनवाज के पिता सलीम का भी दो साल पूर्व इंतकाल हो गया था।

अब इस तरह रह रहे परिवार
गांव कवाल से तीन किमी दूर बसा मजरा मलिकपुरा में रहने वाले रविंद्र के पुत्र गौरव और बिशन के पुत्र सचिन की हत्या हुई थी। वर्तमान में रविंद्र अपनी पत्नी सुरेश के साथ मुजफ्फरनगर में रहते हैं। उनकी दोनों बेटी नीति और शैली की शादी हो चुकी है। मृतक सचिन के पिता बिशन, उनकी पत्नी मुनेश और छोटा बेटा राहुल मलिकपुरा में ही रहते हैं। सचिन की पत्नी स्वाति पांच माह से मलिकपुरा में ही रह रही है पौत्र गगन भी मलिकपुरा में अपने दादा और दादी के साथ रहकर कक्षा नौ में पढ़ रहा है।

-----
सचिन-गौरव के स्मारक पर 28 को हवन
जानसठ। कवाल कांड में मारे गए सचिन और गौरव की स्मृति में स्मारक बनाया गया है। आयोजन समिति यहां पर 28 अगस्त को हवन करेगी। इसमें दंगे में मारे गए 12 अन्य लोगों को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे।

गांव कवाल का वह चौराहा जहां पर ममेरे व फुफेरे भाइयों सचिन व गौरव की हत्या की गई थी। स्रोतः संवा

गांव कवाल का वह चौराहा जहां पर ममेरे व फुफेरे भाइयों सचिन व गौरव की हत्या की गई थी। स्रोतः संवा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed