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मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड: पीड़िता की हुई गवाही, महिला गवाहों के लिए मांगी सुरक्षा, ये था पूरा मामला

Wed, 06 Dec 2023 08:13 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Wed, 06 Dec 2023 08:13 PM IST
सार

Rampur Tiraha Kand : अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तिथि तय की है।

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UP: A victim testified in Muzaffarnagar Rampur Tiraha incident
अदालत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड में एक पीड़िता की गवाही पूरी हो गई है। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने अदालत में महिला गवाहों की सुरक्षा कराए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तिथि तय की है।

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शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा, रजनीश चौहान और महेश यादव ने बताया कि सरकार बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावलियों की सुनवाई हुई। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक पीड़िता की गवाही प्रक्रिया पूरी हो गई। बचाव पक्ष की ओर से जिरह की गई।

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उधर, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा की ओर से उत्तराखंड की महिला गवाहों को सुरक्षा प्रदान कराने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि महिला गवाहों पर हमला होने का अंदेशा है। लंबा सफर तय कर गवाह अदालत पहुंचते हैं। गवाहों को न्यायालय से घर तक आने जाने के दौरान सुरक्षा की मांग रखी गई है। अदालत ने इसके लिए कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

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यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। जिनका ट्रायल चल रहा है।

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