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लद्दावाला में शोपीस बने लाखों के अंडरग्राउंड डस्टबिन
Sun, 21 Apr 2019 12:07 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Sun, 21 Apr 2019 12:07 AM IST
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कूड़ेदान
- फोटो : amar ujala
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नगर में डलावघरों को खत्म करने तथा सड़क पर कूड़ा फैलने से रोकने के लिए लगाए गए अंडरग्राउंड डस्टबिन शोपीस बन गए हैं। लद्दावाला में चार डस्टबिन होने के बावजूद कूड़ा सड़क पर डाला जा रहा है। गंदगी के कारण यहां से निकलना भी दूभर रहता है। अन्य दो स्थानों पर भी डस्टबिन का प्रयोग नहीं हो पा रहा। लाखों की लागत से लगे ये डस्टबिन सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। शहर की सफाई के बाद कूड़ा डलावघरों में इकट्ठा किया जाता है और यहां से नगर पालिका के बड़े वाहनों में भरकर किदवईनगर स्थित एटूजेड प्लांट में ले जाया जाता है।
मोहल्ला लद्दावाला में अस्पताल चौक से अंदर बड़ा डलावघर था। यहां के निवासियों ने इस डलावघर को समाप्त कर दिया था और यहां से रास्ता बना लिया था। इसे लेकर सफाई कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में कई दिनों तक विवाद भी चला था। बाद में डलावघर पुन: शुरू हो गया। प्रशासन ने एमडीए के माध्यम से यहां पर चार अंडरग्राउंड डस्टबिन स्थापित करा दिए। प्रत्येक की लागत लगभग साढ़े पांच लाख रुपये बताई जाती है।
आसपास चबूतरा बनाकर बैठने के लिए बेंच भी बनवा दी गई। इस स्थान पर तो कूड़ा डालना बंद हो गया, लेकिन अस्पताल चौक के नजदीक रास्ते पर सफाई कर्मचारियों ने कूड़ा डालना शुरू कर दिया, जबकि कुछ ही दूरी पर जिला अस्पताल के बाहर डलावघर स्थित है। गंदगी और कीचड़ के कारण लोगों का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। रोजाना रेहड़ा चालक सफाई कर्मचारी यहां पर कूड़ा डाल रहे हैं, जबकि अंडरग्राउंड डस्टबिन खाली पड़े रहते हैं। इसके अलावा चर्च और बघरा तांगा स्टैंड के पास लगे डस्टबिन का भी यही हाल हो रहा है।
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लोग इनमें कूड़ा डालने की जगह बाहर डालते हैं।
अंडरग्राउंड डस्टबिन में रेहड़ों से कूड़ा नहीं डाला जा सकता। स्थानीय लोग अपने घरों का कूड़ा ही डस्टबिन में डाल सकते हैं। इससे मोहल्ले में कूड़ा डालने की समस्या तो खत्म हो गई, लेकिन नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने दूसरे स्थान पर कूछ़ाघर बना दिया। इससे समस्या जस की तस बनी रह गई। उधर, नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस राठी का कहना है सफाई कर्मचारियों को डलावघर में ही कूड़ा डालने को कहा जा रहा है। लद्दावाला में सड़क पर कूड़ा डालना बंद कराया जाएगा।
पालिका के कार्यों की होगी साप्ताहिक समीक्षा
मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने कैंप कार्यालय पर शब-ए बरात पर साफ-सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के कार्यों की लगातार साप्ताहिक समीक्षा होगी। बिगड़ी सफाई व्यवस्था के निराकरण के लिए अन्य अधिकारियों की भी टीम लगाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहर को एकदम स्वच्छ बनाना लक्ष्य होना चाहिए। सीएमओ को निर्देश दिए कि जिले को मलेरिया के प्रकोप से बचाने के लिए फॉगिंग कराई जाए और मलेरिया विभाग व नगर पालिका की एक संयुक्त बैठक आयोजित करें। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, डिप्टी कलेक्टर अजय अंबष्ट, ईओ ओम गिरि आदि मौजूद रहे।
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मोहल्ला लद्दावाला में अस्पताल चौक से अंदर बड़ा डलावघर था। यहां के निवासियों ने इस डलावघर को समाप्त कर दिया था और यहां से रास्ता बना लिया था। इसे लेकर सफाई कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में कई दिनों तक विवाद भी चला था। बाद में डलावघर पुन: शुरू हो गया। प्रशासन ने एमडीए के माध्यम से यहां पर चार अंडरग्राउंड डस्टबिन स्थापित करा दिए। प्रत्येक की लागत लगभग साढ़े पांच लाख रुपये बताई जाती है।
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आसपास चबूतरा बनाकर बैठने के लिए बेंच भी बनवा दी गई। इस स्थान पर तो कूड़ा डालना बंद हो गया, लेकिन अस्पताल चौक के नजदीक रास्ते पर सफाई कर्मचारियों ने कूड़ा डालना शुरू कर दिया, जबकि कुछ ही दूरी पर जिला अस्पताल के बाहर डलावघर स्थित है। गंदगी और कीचड़ के कारण लोगों का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। रोजाना रेहड़ा चालक सफाई कर्मचारी यहां पर कूड़ा डाल रहे हैं, जबकि अंडरग्राउंड डस्टबिन खाली पड़े रहते हैं। इसके अलावा चर्च और बघरा तांगा स्टैंड के पास लगे डस्टबिन का भी यही हाल हो रहा है।
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लोग इनमें कूड़ा डालने की जगह बाहर डालते हैं।
अंडरग्राउंड डस्टबिन में रेहड़ों से कूड़ा नहीं डाला जा सकता। स्थानीय लोग अपने घरों का कूड़ा ही डस्टबिन में डाल सकते हैं। इससे मोहल्ले में कूड़ा डालने की समस्या तो खत्म हो गई, लेकिन नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने दूसरे स्थान पर कूछ़ाघर बना दिया। इससे समस्या जस की तस बनी रह गई। उधर, नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस राठी का कहना है सफाई कर्मचारियों को डलावघर में ही कूड़ा डालने को कहा जा रहा है। लद्दावाला में सड़क पर कूड़ा डालना बंद कराया जाएगा।
पालिका के कार्यों की होगी साप्ताहिक समीक्षा
मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने कैंप कार्यालय पर शब-ए बरात पर साफ-सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के कार्यों की लगातार साप्ताहिक समीक्षा होगी। बिगड़ी सफाई व्यवस्था के निराकरण के लिए अन्य अधिकारियों की भी टीम लगाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहर को एकदम स्वच्छ बनाना लक्ष्य होना चाहिए। सीएमओ को निर्देश दिए कि जिले को मलेरिया के प्रकोप से बचाने के लिए फॉगिंग कराई जाए और मलेरिया विभाग व नगर पालिका की एक संयुक्त बैठक आयोजित करें। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, डिप्टी कलेक्टर अजय अंबष्ट, ईओ ओम गिरि आदि मौजूद रहे।