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खेल-खेल में दो बच्चियां आग में जिंदा जली, तीसरी बालिका की हालत भी गंभीर बनी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 14 Apr 2017 11:44 PM IST
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इसी स्थान पर आग में झुलसकर हुई बच्चियों की मौत।
- फोटो : अमर उजाला
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शाहपुर के गांव रसूलपुर जाटान में घर में अचानक आग लगने से दो मासूम बच्चियों की जलकर मौत हो गई। जबकि तीसरी बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। हादसे की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। देर शाम केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने गांव पहुंचकर हादसे की जानकारी ली।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर जाटान में लक्ष्मण और रविंद्र के घर पास-पास हैं। शुक्रवार को दोनों के परिजन गेहूं की कटाई के लिए खेतों पर गए हुए थे। स्कूल की छुट्टी होने के कारण लक्ष्मण की दो बेटियां सोनम (11), तनु (4) और रविंद्र की पुत्री छवि (6) पास में स्थित एक बंद पड़े मकान के बरामदे में खेल रही थीं।
बरामदे में रखे गन्ने की पत्ती के अगोलों में अचानक आग लग गई। आग लगती देख दोनों छोटी बच्चियां छवि और तनु अंदर बरामदे में डरकर छिप गईं और 11 वर्षीय सोनम बुरी तरह झुलस गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग में जलने से छवि और तनु की मौके पर ही मौत हो गई। सोनम के शोर मचाने पर इकट्ठा हुए पड़ोस के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
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सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी सुभाष चंद राठौर ने गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को शाहपुर सीएचसी भेजा, जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बरामदे के एक कोने में मृत अवस्था में मिली दोनों बच्चियों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही एसपी देहात विनीत भटनागर, सीओ बुढ़ाना मोहनलाल, एसडीएम बुढ़ाना श्याम अवध चौहान भी घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। पुलिस ने दोनों बच्चियों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। गांव में एक साथ दो बच्चियों की मौत से मातम छा गया।
देखते ही देखते आग ने लील ली दोनों मासूम
शाहपुर। गांव रसूलपुर जाटान में लक्ष्मण और रविंद्र के परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दोनों परिवार गरीब हैं और इनदिनों गेहूं की कटाई में लगे थे। मासूमों को घर छोड़कर जाते समय इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि वह उनकी बेटियां अब कभी उन्हें नहीं मिलेंगी।
हादसे का शिकार हुई मासूम बच्चियां गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। शुक्रवार को डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्म दिवस की छुट्टी होने के कारण ये तीनों बच्चियां स्कूल नहीं गईं। घरवालों के खेतों में जाने के बाद ये बालिकाएं बंद पड़े मकान के बरामदे में खेल रही थीं।
जहां पर गन्ने की पत्तियों के अगोलों में आग लग जाने से भयानक हादसा हो गया। हादसे में छवि और तनु की मौके पर ही मौत हो गई। छवि कक्षा एक में पढ़ती थी। सोनम कक्षा तीन की छात्रा है। ग्रामीणों ने ही आग पर काबू पाया। जबकि शाहपुर में दमकल विभाग की गाड़ी खड़ी थी, जो मौके पर नहीं पहुंची।
पीड़ितों को 4-4 लाख की मदद की घोषणा
शाहपुर। रसूलपुर जाटान गांव में हुए हादसे में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने शासन से पीड़ित परिजनों को चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद दिलाने की घोषणा की है, जबकि घायल बच्ची के उपचार के लिए साढ़े 12 हजार रुपये दिलवाने की घोषणा की है।
रसूलपुर जाटान गांव आदर्श ग्राम की श्रेणी में है, जिसे केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने गोद लिया था। हादसे की जानकारी मिलने पर देर शाम केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से हादसे की जानकारी ली। पीड़ित परिजनों से मिलकर सांत्वना दी।
साथ ही शासन से आर्थिक मदद दिलाने की घोषणा की। मासूम बालिकाओं के अंतिम संस्कार में भी वह शामिल हुए। उन्होंने हादसे पर गहरा शोक प्रकट किया। इस दौरान उनके साथ शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल, चरथावल विधायक विजय कश्यप, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक आदि मौजूद रहे। उधर, पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह, पूर्व प्रधान सतेंद्र चौधरी, संदीप बालियान, नीरज मुखिया आदि ने भी पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।
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शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर जाटान में लक्ष्मण और रविंद्र के घर पास-पास हैं। शुक्रवार को दोनों के परिजन गेहूं की कटाई के लिए खेतों पर गए हुए थे। स्कूल की छुट्टी होने के कारण लक्ष्मण की दो बेटियां सोनम (11), तनु (4) और रविंद्र की पुत्री छवि (6) पास में स्थित एक बंद पड़े मकान के बरामदे में खेल रही थीं।
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बरामदे में रखे गन्ने की पत्ती के अगोलों में अचानक आग लग गई। आग लगती देख दोनों छोटी बच्चियां छवि और तनु अंदर बरामदे में डरकर छिप गईं और 11 वर्षीय सोनम बुरी तरह झुलस गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग में जलने से छवि और तनु की मौके पर ही मौत हो गई। सोनम के शोर मचाने पर इकट्ठा हुए पड़ोस के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
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सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी सुभाष चंद राठौर ने गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को शाहपुर सीएचसी भेजा, जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बरामदे के एक कोने में मृत अवस्था में मिली दोनों बच्चियों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही एसपी देहात विनीत भटनागर, सीओ बुढ़ाना मोहनलाल, एसडीएम बुढ़ाना श्याम अवध चौहान भी घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। पुलिस ने दोनों बच्चियों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। गांव में एक साथ दो बच्चियों की मौत से मातम छा गया।
देखते ही देखते आग ने लील ली दोनों मासूम
शाहपुर। गांव रसूलपुर जाटान में लक्ष्मण और रविंद्र के परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दोनों परिवार गरीब हैं और इनदिनों गेहूं की कटाई में लगे थे। मासूमों को घर छोड़कर जाते समय इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि वह उनकी बेटियां अब कभी उन्हें नहीं मिलेंगी।
हादसे का शिकार हुई मासूम बच्चियां गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। शुक्रवार को डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्म दिवस की छुट्टी होने के कारण ये तीनों बच्चियां स्कूल नहीं गईं। घरवालों के खेतों में जाने के बाद ये बालिकाएं बंद पड़े मकान के बरामदे में खेल रही थीं।
जहां पर गन्ने की पत्तियों के अगोलों में आग लग जाने से भयानक हादसा हो गया। हादसे में छवि और तनु की मौके पर ही मौत हो गई। छवि कक्षा एक में पढ़ती थी। सोनम कक्षा तीन की छात्रा है। ग्रामीणों ने ही आग पर काबू पाया। जबकि शाहपुर में दमकल विभाग की गाड़ी खड़ी थी, जो मौके पर नहीं पहुंची।
पीड़ितों को 4-4 लाख की मदद की घोषणा
शाहपुर। रसूलपुर जाटान गांव में हुए हादसे में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने शासन से पीड़ित परिजनों को चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद दिलाने की घोषणा की है, जबकि घायल बच्ची के उपचार के लिए साढ़े 12 हजार रुपये दिलवाने की घोषणा की है।
रसूलपुर जाटान गांव आदर्श ग्राम की श्रेणी में है, जिसे केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने गोद लिया था। हादसे की जानकारी मिलने पर देर शाम केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से हादसे की जानकारी ली। पीड़ित परिजनों से मिलकर सांत्वना दी।
साथ ही शासन से आर्थिक मदद दिलाने की घोषणा की। मासूम बालिकाओं के अंतिम संस्कार में भी वह शामिल हुए। उन्होंने हादसे पर गहरा शोक प्रकट किया। इस दौरान उनके साथ शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल, चरथावल विधायक विजय कश्यप, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक आदि मौजूद रहे। उधर, पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह, पूर्व प्रधान सतेंद्र चौधरी, संदीप बालियान, नीरज मुखिया आदि ने भी पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।