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पेयजल को फिर तरसेंगे कस्बे के लोग

Thu, 04 Mar 2021 12:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 12:13 AM IST
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Town people will crave drinking water again
खतौली। करीब 1.26 लाख की आबादी वाले कस्बे के लोग इन गर्मियों में भी हर बार की तरह पेयजल समस्या से दो-चार होने के लिए मजबूर होंगे।
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कस्बे में पेयजल व्यवस्था कई दशक पूर्व की गई थी, जिस समय कस्बे की आबादी महज 72 हजार थी। उस समय कस्बे में पानी की खपत 11 एमएलडी थी, जबकि पालिका द्वारा केवल 6.5 एमएलडी सप्लाई ही दी जाती थी। उस समय पानी के कनेक्शनों की संख्या भी करीब 4,500 थी। वर्तमान में कस्बे की आबादी बढ़कर 1.26 लाख पहुंच गई है, लेकिन कस्बे के पेयजल सप्लाई उन्हीं दशकों पुराने संसाधनों पर आधारित है। खास बात यह है कि पालिका के पास उस समय दस ट्यूबवेल थी, जिनमें वे वर्तमान में केवल चार ट्यूबवेल ही काम कर रहीं हैं। वहीं, पानी की दो टंकियां भी खराब हैं। इसके चलते कस्बे में पेयजल आपूर्ति बेहद सीमित होती है, जिसका प्रेशर भी काफी कम होता है। हर बार की तरह इस बार भी पालिका इन्हीं गिने-चुने संसाधनों से पेयजल आपूर्ति की जाएगी, जिससे कस्बे में पेयजल की किल्लत होना तय है।
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कस्बे में यहां लगी हैं पालिका की ट्यूबवेल
खतौली। कस्बे में दस स्थानों पर पालिका की ट्यूबवेल हैं। इनमें मोहल्ला सीताशरण, बालाजीपुरम, बुढ़ाना रोड, सर्राफान और दयालपुरम में मिनी ट्यूबवेल है। दयालपुरम की मिनी ट्यूबवेल ही चालू हालत में है। पालिका बाजार, पालिका प्रांगण, मोहल्ला गणेशपुरी और बुढ़ाना रोड पर बड़ी ट्यूबवेल हैं। यहां पालिका प्रांगण, गणेशपुरी व बुढ़ाना रोड की ट्यूबवेल चालू हालत में हैं। इसके अलावा पालिका के पास पेयजल पाइप लाइन का नक्शा ही उपलब्ध नहीं है।
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गर्मियों में पेयजल मिलना है मुश्किल
कस्बा निवासी जावेद और शमशाद सिद्दीकी का कहना है कि हर बार पेयजल आपूर्ति बाधित होती है, लेकिन इसे सुधारने के लिए अफसरों द्वारा किसी तरह के पूर्व प्रयास नहीं किए जाते। डॉ. शशिकांत वर्मा और राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि कस्बे की पाइप लाइन कई स्थानों पर सीवरेज व नाले के पास से होकर गुजर रही है। ऐसे में कभी पाइप लाइन में फॉल्ट आता है तो कस्बे में दूषित पेयजल आना शुरू हो जाता है।
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कोट...
कस्बे में पेयजल कनेक्शन कम है और प्रेशर अधिक आने से फॉल्ट हो जाता है। कस्बे में नई पाइप लाइन डालने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्ययोजना भेजी जा चुकी है। इसे मंजूरी न मिलने तक पुरानी व्यवस्था के तहत ही पेयजल आपूर्ति की जाएगी। - जेपी यादव, ईओ नगरपालिका
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