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आज घरों में विराजेंगी सांझी, कल पहला नवरात्र

Sun, 25 Sep 2022 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2022 12:12 AM IST
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Today Sanjhi will be seated in homes, tomorrow the first Navratri
चरथावल में सांझी को रंग से सजाती गृहणी अंजना और उनकी पुत्रवधू - फोटो : MUZAFFARNAGAR
पितृ विसर्जन अमावस्या पर देवी स्वरुपा सांझी का घरों में होगा पदार्पण
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आकर्षक रंगों से सजी रेडीमेड सांझी की महिलाओं ने जमकर खरीदारी की
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। सांझी ले लो सांझी...यह आवाज कई दिनों से गली मोहल्लों में गूंज रही है। दुकानों पर आकर्षक रंगों से सजी रेडीमेड सांझी की महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। पितृ विसर्जन अमावस्या पर देवी स्वरुपा सांझी का घरों में आज मंगलकारी सांझी का पदार्पण होगा। सोमवार से पहला नवरात्र है।
प्राच्य देवी मंदिर के पुरोहित मुकेश त्रिपाठी ने बताया कि श्राद्घ के बाद परंपरागत सांझी पर्व का अनूठा महत्व है। रविवार को श्राद्घ के बाद अमावस्या पर पूजा-अर्चना के घरों में मंगलकारी सांझी का पदार्पण होगा। इसके साथ शुभ कार्यों की शुरूआत होगी। महिलाएं और युवतियां तैयारी में जुटी हैं। अब रेडीमेड सांझी खरीदकर सजाने में दिलचस्पी लेती है। इसके विपरीत दूधली, कुटेसरा, बिरालसी, लुहारी खुर्द और कस्बे में कुछ महिलाएं आज भी उत्साहपूर्वक सांझी बनाती है। गृहणी बबीता, अंजना, कविता और मंजू आदि का कहना है सोशलसाइटों ने सांझी के वैभव को पहले से कम किया है।
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घर में सांझी बनाने की जिद करते है बच्चे
अंशिका, कासवी, भव्या, सलोनी, पलक, पारिसा आदि बच्चे मम्मी से घर पर सांझी बनाने की जिद करते हैं। सांझी के साथ सजाने के लिए टिकड़ी, तोते, सांझी का भाई, बाजे वाला, मोर, बामनी आदि बनाने के लिए कई दिन पहले तैयारियां शुरू हो जाती थी हैं। गांव में हस्त निर्मित सांझी को किशोरियों के लिए कला सीखने की पहली सीढ़ी मानी जाती थी।
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रेडीमेड सांझी की खूब रही बिक्री
घिस्सुखेड़ा गांव के दिनेश प्रजापति आसपास गांव और कस्बे में रेडीमेड सांझी बेचने के लिए सुबह मोपेड पर निकल जाते है। कहते है 60 से 100 रुपये तक सांझी बेच रहे है। हकीमपुरा रोड़ पर चाक चलाने वाले विनोद प्रजापति का कहना है कि मिट्टी की किल्लत और मौसम गड़बड़ाने से बाजार से खरीदकर ही सांझी बेची है। दुकानदार आलोक कुमार कहते है कि परंपरा में बदलाव के कारण ज्यादातर महिलाएं बाजार से सांझी खरीदकर घरों में सजाने लगी है।

सांझी की आरती से घर-आंगन में गूंजेगी भक्ति धारा
आरता री आरता...सांझी माई आरता...दियों की टिमटिमाती थालियां लेकर घरों में बालिकाएं आरती करने पहुंचती है। सांझ ढलने पर घरों में लड़कियों की टोलियां घरों से निकलती है। घर देवी मां की भक्ति में लीन हो जाता है। किशोरियों और बच्चों को इन दिनों का बेसब्री से इंतजार रहता हैं।
नवरात्र की तिथियां
दिनांक तिथि पूजन
26 सितंबर प्रतिपदा शैलपुत्री
27 सितंबर द्वितीय ब्रह्मचारिणी
28 सितंबर तृतीय चंद्रघंटा
29 सितंबर चतुर्थी कुष्मांडा
30 सितंबर पंचमी स्कंदमाता
01 अक्तूबर षष्टी कात्यायनी
02 अक्तूबर सप्तमी कालरात्रि
03 अक्तूबर अष्टमी महागौरी
04 अक्तूबर नवमी सिद्घिदात्री
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