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तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा
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आरोपियों को सजा सुनाये जाने के बाद ले जाती पुलिस।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा
मुजफ्फरनगर। अदालत ने शामली जिले के गांव में गंगेेरू में दस साल पहले हुई शमशाद की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास सुनाई है। इसके अलावा एक लाख 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी के अनुसार जनपद शामली के थाना कांधला के गांव गंगेरू निवासी बुंदा ने कांधला थाना पर पांच सितंबर 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उसके भतीजे शमशाद पुत्र इरशाद एवं सलीम पुत्र अकबर में क्रिकेट के खेल में कहासुनी हो गई थी। उसके बाद जब उसका भतीजा सरवर पुत्र रफीक आया तो सलीम पुत्र अकबर, सरवर पुत्र रफीक एवं अजहरुद्दीन पुत्र इनामुल्लाह ने घेर लिया। उसके भतीजे शमशाद को अजहरुद्दीन एवं सरवर ने पकड़ लिया तथा सलीम ने तंमचे से गोली मार कर हत्या कर दी थी।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीर नायक सिंह की कोर्ट संख्या-1 में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनते हुए साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर सलीम, सरवर और अजहरुद्दीन को शमशाद की हत्या का दोषी करार पाया। कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। दोषियों में सलीम तभी से जेल में बंद है, जबकि सरवर और अजहरुद्दीन जमानत पर बाहर थे। सजा सुनाए जाने पर तीनों को जेल भेज दिया गया।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने शामली जिले के गांव में गंगेेरू में दस साल पहले हुई शमशाद की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास सुनाई है। इसके अलावा एक लाख 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी के अनुसार जनपद शामली के थाना कांधला के गांव गंगेरू निवासी बुंदा ने कांधला थाना पर पांच सितंबर 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उसके भतीजे शमशाद पुत्र इरशाद एवं सलीम पुत्र अकबर में क्रिकेट के खेल में कहासुनी हो गई थी। उसके बाद जब उसका भतीजा सरवर पुत्र रफीक आया तो सलीम पुत्र अकबर, सरवर पुत्र रफीक एवं अजहरुद्दीन पुत्र इनामुल्लाह ने घेर लिया। उसके भतीजे शमशाद को अजहरुद्दीन एवं सरवर ने पकड़ लिया तथा सलीम ने तंमचे से गोली मार कर हत्या कर दी थी।
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इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीर नायक सिंह की कोर्ट संख्या-1 में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनते हुए साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर सलीम, सरवर और अजहरुद्दीन को शमशाद की हत्या का दोषी करार पाया। कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। दोषियों में सलीम तभी से जेल में बंद है, जबकि सरवर और अजहरुद्दीन जमानत पर बाहर थे। सजा सुनाए जाने पर तीनों को जेल भेज दिया गया।
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