इस बार निकाय चुनाव होगा दिलचस्प
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पूर्व में नगर निकायों में ज्यादातर प्रत्याशी निर्दलीय के तौर पर ही चुनाव लड़ते रहे। नगर निगमों में जरूर पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ाया जाता था। हालांकि नगरपालिका और नगर पंचायतों में राजनीतिक दल अपने सिंबल पर चुनाव लड़ाने से बचती थीं। फरवरी माह में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक दलों को निकाय चुनाव में भी पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए मजबूर कर दिया है।
स्थानीय नगर निकाय चुनाव को ध्यान में रखकर ही कांग्रेस ने प्रदेशभर में 18 प्रभारी बनाए हैं, जिनमें शामली के पूर्व विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक को आगरा मंडल का प्रभारी बनाया गया है। इनके अलावा सहारनपुर से पूर्व विधायक इमरान मसूद को बरेली, हापुड़ से पूर्व विधायक गजराज सिंह को सहारनपुर तथा राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल को मेरठ मंडल का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस घोषणा भी कर चुकी है कि निकाय चुनाव में पार्टी सिंबल पर प्रत्याशी उतारे जाएंगे। इन प्रभारियों की जिम्मेदारी होगी कि निकाय चुनाव में जिताऊ प्रत्याशी को पार्टी का टिकट दिलाया जाए।
वहीं, भाजपा पहले से ही निकाय चुनाव को लेकर बेहद गंभीरता बरत रही है। बूथ कमेटियों को सक्रिय करने के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन किए जा रहे हैं। मेरा घर-भाजपा का घर जैसे अभियान शुरू किए हुए हैं। साथ ही भाजपा से चुनाव लड़ने के लिए टिकट के दावेदारों ने अभी से प्रयास भी तेज कर दिए हैं। शामली शहर के साथ ही अन्य कस्बों में होर्डिंग और बैनर लगाए जा चुके हैं।
इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी भी निकाय चुनाव में पार्टी सिंबल पर प्रत्याशी उतारेगी, जिसके लिए बसपा ने नगर निकायों की कमेटियों को पुन: गठित कर सक्रिय कर दिया गया है। निकायों में मजबूत प्रत्याशियों को तलाशा जा रहा है, जो पार्टी के लिए जिताऊ साबित हो सकें। इसी तरह समाजवादी पार्टी ने नगर निकाय चुनाव को ध्यान में रखकर सदस्यता अभियान चलाया हुआ है, तो पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों को तलाश किया जा रहा है।
आरक्षण पर है नेताओं की निगाह
अभी शासन ने वार्डों के आरक्षण पर मुहर नहीं लगाई है। साथ ही निकाय के अध्यक्ष पद के आरक्षण की घोषणा भी नहीं हुई है। लिहाजा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेता भी पशोपेश में हैं। क्योंकि चुनाव की तैयारियां करने के साथ ही यह असमंजस भी है कि कहीं सीट का आरक्षण बदल न जाए। शामली जिले में नगर पालिका शामली को लेकर बड़ी बेचैनी बनी हुई है। एक तरफ लोगों को उम्मीद है कि शामली नगर पालिका अध्यक्ष पद ओबीसी के लिए आरक्षित होगा, तो कुछ लोग सामान्य में आने की आस लगाए बैठे हैं। इसी उत्सुकता में ओबीसी के कई नेताओं ने अपने होर्डिंग और बैनर भावी प्रत्याशी के तौर पर लगवा दिए हैं। सामान्य में चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशी भी प्रचार कर रहे हैं। इसी तरह नगर पालिका कैराना और कांधला को लेकर भी यही स्थिति बनी हुई है।