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जीवन में संस्कारों से आएगा उल्लास
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गांव काजीखेड़ा में आयोजित सामवेद यज्ञ में स्वामी ब्रह्मनंद को सम्मानित करते आर्य विद्वान।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
जीवन में संस्कारों से आएगा उल्लास
मुजफ्फरनगर। वैदिक आश्रम काजीखेड़ा में आयोजित सामवेद परायण यज्ञ में आहुतियां देकर राष्ट्रीय एकता, संस्कृति रक्षा और देशभक्ति का संकल्प लिया।
बघरा ब्लाक के गांव काजीखेड़ा में आयोजित तीन दिवसीय सामवेद यज्ञ पूर्णाहुति के संपन्न हुआ। वैदिक योग आश्रम गुरुकुल खेड़ी दूधाधारी के संचालक स्वामी ब्रह्मनंद सरस्वती को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अंग वस्त्र और सम्मान राशि भेंट कर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने सम्मानित किया। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि घर-घर में वैदिक संस्कृति, सद्गुणों के दीपक जलाएं, ताकि संतानें देशभक्त, मातृ-पितृ भक्त बनें। युवा मोबाइल, इंटरनेट की लत से बचे और प्रेरक साहित्य पढ़े।
स्वामी ब्रह्मनंद सरस्वती ने कहा कि ऋषि दयानंद के सिद्धांतों से ही सनातन संस्कृति की रक्षा होगी। आचार्या मृदुला तथा ब्रह्मचारिणी सुमेधा ने वेदपाठ किया। यज्ञमान तपेंद्र आर्य रहे। सतीश चौधरी ने भजन सुनाए। जिला पंचायत सदस्य संदीप मलिक, आंनद पाल सिंह आर्य, आरपी शर्मा, मंगत सिंह आर्य, प्रधान राजबीर आर्य, मासूम मलिक, रवि मलिक, सागर आर्य, अंकुर आर्य, आकाश आर्य, अक्षय आर्य, आदि रहे। संचालन आरपी शर्मा ने किया।
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मुजफ्फरनगर। वैदिक आश्रम काजीखेड़ा में आयोजित सामवेद परायण यज्ञ में आहुतियां देकर राष्ट्रीय एकता, संस्कृति रक्षा और देशभक्ति का संकल्प लिया।
बघरा ब्लाक के गांव काजीखेड़ा में आयोजित तीन दिवसीय सामवेद यज्ञ पूर्णाहुति के संपन्न हुआ। वैदिक योग आश्रम गुरुकुल खेड़ी दूधाधारी के संचालक स्वामी ब्रह्मनंद सरस्वती को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अंग वस्त्र और सम्मान राशि भेंट कर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने सम्मानित किया। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि घर-घर में वैदिक संस्कृति, सद्गुणों के दीपक जलाएं, ताकि संतानें देशभक्त, मातृ-पितृ भक्त बनें। युवा मोबाइल, इंटरनेट की लत से बचे और प्रेरक साहित्य पढ़े।
स्वामी ब्रह्मनंद सरस्वती ने कहा कि ऋषि दयानंद के सिद्धांतों से ही सनातन संस्कृति की रक्षा होगी। आचार्या मृदुला तथा ब्रह्मचारिणी सुमेधा ने वेदपाठ किया। यज्ञमान तपेंद्र आर्य रहे। सतीश चौधरी ने भजन सुनाए। जिला पंचायत सदस्य संदीप मलिक, आंनद पाल सिंह आर्य, आरपी शर्मा, मंगत सिंह आर्य, प्रधान राजबीर आर्य, मासूम मलिक, रवि मलिक, सागर आर्य, अंकुर आर्य, आकाश आर्य, अक्षय आर्य, आदि रहे। संचालन आरपी शर्मा ने किया।
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