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लेखपालों का काम 49
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लेखपालों का काम 498 लिपिकों को सौंपा
मुजफ्फरनगर। जिले में लेखपालों की हड़ताल के चलते जिला प्रशासन ने 54 विभागों के 498 लिपिकों की सभी 498 राजस्व ग्रामों में लेखपाल की जगह तैनाती की जा रही है। ब्लाक और गांव के की जिम्मेदारी साथ ही लॉगिन आईडी भी दी जा रही है, जिससे वह आय-जाति प्रमाण पत्र जारी कर सके।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि 11 दिसंबर से चल रही लेखपालों की हड़ताल से आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या आय-जाति प्रमाण पत्र को लेकर है। शासन के आदेश पर प्रत्येक गांव में लेखपालों के स्थान पर लिपिक की तैनाती की जा रही है। 498 राजस्व गांवों में इतने ही लिपिक रखे जा रहे हैं। 54 विभागों से 5200 ग्रेड के लिपिकों को इस कार्य में लगाया गया है। इसमें विकास भवन से लेकर लोनिवि, सिंचाई, नलकूप, रोडवेज, पशु चिकित्सा, स्वास्थ्य आदि विभागों के कर्मचारी हैं। इन सभी 498 कर्मचारियों को ब्लाक और गांव अलाट करने के साथ लेखपाल की लॉगिन आईडी जारी की जा रही है। मंगलवार यानि आज से ये सभी कर्मचारी अपना काम संभाल सकते हैं। इस पर तेजी से काम चल रहा है।
लेखपालों को तीन दिन का अल्टीमेटम
मुजफ्फरनगर। एडीएम प्रशासन ने बताया कि जिले के 188 लेखपालों को आरोप पत्र जारी किया गया था। इस बीच किसी भी लेखपाल ने अपनी ड्यूटी ज्वाइनिंग नहीं की। इसके चलते प्रशासन ने तीन दिन का समय देते हुए दूसरा आरोप पत्र जारी किया है। यदि इस बीच भी ये लोग काम पर नहीं आते हैं तो शासन के निर्देश पर इन पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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लेखपालों का आंदोलन लगातार जारी
(फोटो समाचार)
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की कार्रवाई को नजर अंदाज कर लेखपालों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन जारी रहा। लेखपालों ने चेतावनी दी कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती है वह पीछे नहीं हटेंगे। लखनऊ में 27 दिसंबर को विधानसभा के घेराव में जिले से बड़ी संख्या में लेखपाल लखनऊ जाने की तैयारी में हैं। लेखपालों के धरने को खचेडू खां, अनिल वर्मा, संजीव मलिक आदि ने संबोधित किया।
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मुजफ्फरनगर। जिले में लेखपालों की हड़ताल के चलते जिला प्रशासन ने 54 विभागों के 498 लिपिकों की सभी 498 राजस्व ग्रामों में लेखपाल की जगह तैनाती की जा रही है। ब्लाक और गांव के की जिम्मेदारी साथ ही लॉगिन आईडी भी दी जा रही है, जिससे वह आय-जाति प्रमाण पत्र जारी कर सके।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि 11 दिसंबर से चल रही लेखपालों की हड़ताल से आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या आय-जाति प्रमाण पत्र को लेकर है। शासन के आदेश पर प्रत्येक गांव में लेखपालों के स्थान पर लिपिक की तैनाती की जा रही है। 498 राजस्व गांवों में इतने ही लिपिक रखे जा रहे हैं। 54 विभागों से 5200 ग्रेड के लिपिकों को इस कार्य में लगाया गया है। इसमें विकास भवन से लेकर लोनिवि, सिंचाई, नलकूप, रोडवेज, पशु चिकित्सा, स्वास्थ्य आदि विभागों के कर्मचारी हैं। इन सभी 498 कर्मचारियों को ब्लाक और गांव अलाट करने के साथ लेखपाल की लॉगिन आईडी जारी की जा रही है। मंगलवार यानि आज से ये सभी कर्मचारी अपना काम संभाल सकते हैं। इस पर तेजी से काम चल रहा है।
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लेखपालों को तीन दिन का अल्टीमेटम
मुजफ्फरनगर। एडीएम प्रशासन ने बताया कि जिले के 188 लेखपालों को आरोप पत्र जारी किया गया था। इस बीच किसी भी लेखपाल ने अपनी ड्यूटी ज्वाइनिंग नहीं की। इसके चलते प्रशासन ने तीन दिन का समय देते हुए दूसरा आरोप पत्र जारी किया है। यदि इस बीच भी ये लोग काम पर नहीं आते हैं तो शासन के निर्देश पर इन पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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लेखपालों का आंदोलन लगातार जारी
(फोटो समाचार)
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की कार्रवाई को नजर अंदाज कर लेखपालों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन जारी रहा। लेखपालों ने चेतावनी दी कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती है वह पीछे नहीं हटेंगे। लखनऊ में 27 दिसंबर को विधानसभा के घेराव में जिले से बड़ी संख्या में लेखपाल लखनऊ जाने की तैयारी में हैं। लेखपालों के धरने को खचेडू खां, अनिल वर्मा, संजीव मलिक आदि ने संबोधित किया।