{"_id":"6083154e8ebc3e8d1853dac4","slug":"the-wheat-crop-lying-in-the-fields-is-wet-muzaffarnagar-news-mrt535759452","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से गेहूं की कटाई हुई प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से गेहूं की कटाई हुई प्रभावित
विज्ञापन
खेतों में पड़ी गेहूं की फसल भीगी
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार सुबह अचानक हुई बारिश से गेहूं की कटाई प्रभावित हो गई। साथ ही खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल भी भीग गई। हालांकि बरसात कम हुई, फिर भी अपने फसल को लेकर किसान चिंतित हो गए। अचानक मौसम बदलने से गरमी से राहत मिली है। अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस और बरसात 1.2 मिमी लीटर दर्ज की गई है।
शुक्रवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। आसमान में बादल घिरने के बरसात प्रारंभ हो गई। तेज हवा के कारण बादल छट जाने से बरसात अधिक नहीं हुई। फिर भी बरसात ने किसानों के चेहरे पर चिंता के भाव पैदा कर दिए, क्योंकि अभी भी खेतों से गेहूं की कटाई और थ्रैसिंग का काम चल रहा है। बरसात होने से कटाई और थ्रेसिंग दोनों प्रभावित हुई। खेत में कटा पड़ी फसल और भूसा भीग गया।
खतौली में भी खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल तथा भूसा भीग गए। किसान मोहम्मद कौसर, हाजी शारिक, राजकुमार, दिनेश, सूरज आदि का कहना है कि गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है। कुछ किसानों ने गेहूं की फसल को थ्रेसिंग करने के लिए कटाई कर खेत में डाला हुआ है, तो कुछ ने गेहूं निकाल लिया है। जिन किसानों के गेहूं खेत में पड़े हैं, वहां भूसा भी पड़ा था, वह भीग गया। पुरकाजी में भी किसानों का खेत में कटा पड़ा गेहूं भीग गया। किसान गोल्डी राठी, पप्पू मुखिया, सतीश गुर्जर, जुगनू ने बताया कि गेहूं भीग जाने से दाने काले हो जाते हैं, जिन्हें बाजार में व गेहूं क्रय केंद्र पर बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार सुबह अचानक हुई बारिश से गेहूं की कटाई प्रभावित हो गई। साथ ही खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल भी भीग गई। हालांकि बरसात कम हुई, फिर भी अपने फसल को लेकर किसान चिंतित हो गए। अचानक मौसम बदलने से गरमी से राहत मिली है। अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस और बरसात 1.2 मिमी लीटर दर्ज की गई है।
शुक्रवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। आसमान में बादल घिरने के बरसात प्रारंभ हो गई। तेज हवा के कारण बादल छट जाने से बरसात अधिक नहीं हुई। फिर भी बरसात ने किसानों के चेहरे पर चिंता के भाव पैदा कर दिए, क्योंकि अभी भी खेतों से गेहूं की कटाई और थ्रैसिंग का काम चल रहा है। बरसात होने से कटाई और थ्रेसिंग दोनों प्रभावित हुई। खेत में कटा पड़ी फसल और भूसा भीग गया।
विज्ञापन
खतौली में भी खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल तथा भूसा भीग गए। किसान मोहम्मद कौसर, हाजी शारिक, राजकुमार, दिनेश, सूरज आदि का कहना है कि गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है। कुछ किसानों ने गेहूं की फसल को थ्रेसिंग करने के लिए कटाई कर खेत में डाला हुआ है, तो कुछ ने गेहूं निकाल लिया है। जिन किसानों के गेहूं खेत में पड़े हैं, वहां भूसा भी पड़ा था, वह भीग गया। पुरकाजी में भी किसानों का खेत में कटा पड़ा गेहूं भीग गया। किसान गोल्डी राठी, पप्पू मुखिया, सतीश गुर्जर, जुगनू ने बताया कि गेहूं भीग जाने से दाने काले हो जाते हैं, जिन्हें बाजार में व गेहूं क्रय केंद्र पर बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन