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अब से पहले आरक्षित रह चुके वार्ड होंगे बाहर
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अब से पहले आरक्षित रह चुके वार्ड होंगे बाहर
मुजफ्फरनगर। शासन ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर गाइड लाइन जारी कर दी है। आरक्षण को चक्रानुक्रम रखा गया है। इसी के साथ प्रशासन को विशेष हिदायत दी गई है कि जो वार्ड अब से पहले आरक्षित रह चुके हैं, यह प्रयास करें कि वह अब आरक्षित में न रहें। मजबूरी में ही ऐसे वार्डों, ग्राम पंचायतों और बीडीसी सदस्यों के क्षेत्र को आरक्षित किया जाए।
पंचायत चुनाव को लेकर बिगुल पूरी तरह बज चुका है। शासन ने आरक्षण को लेकर गाइड लाइन भी जारी कर दी है। जिले में जिला पंचायत के 43 वार्ड हैं और 498 ग्राम प्रधानों का निर्वाचन होना है। क्षेत्र पंचायत के लिए 1085 और ग्राम पंचायत के लिए 6726 सदस्यों का चुनाव किया जाना है। 2015 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत का वार्ड दो और वार्ड चार, वार्ड 33 अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था। वार्ड सात, वार्ड 12, वार्ड 32 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। इसी तरह पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए वार्ड 23, वार्ड 37, वार्ड 38 आरक्षित था। पिछड़ा वर्ग के लिए वार्ड 16, 17, 18, 20, 26 और 34 आरक्षित था। इसी तरह महिला के लिए वार्ड पांच, छह, 27, 29, 30,31,43 आरक्षित रहा। जो वार्ड गत चुनाव में आरक्षित थे, इस बार उनमें आरक्षण बदलने की पूरी संभावना है। शासन ने भी प्रशासन को इसी तरह की गाइड लाइन जारी की है। आरक्षण की प्रक्रिया चक्रानुक्रम रहेगी। जो वार्ड पहले आरक्षित रह चुके हैं, उन्हें इस बार आरक्षण से मुक्त रखने की कोशिश रहेगी। सीडीओ आलोक यादव ने बताया कि शाम के समय शासन से आई गाइड लाइन प्राप्त हो गई है। गाइड लाइन का अध्ययन किया जा रहा है। आरक्षण की प्रक्रिया चक्रानुक्रम के आधार पर ही रहेगी। जिला पंचायत, प्रधान, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य सभी में आरक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। शासन ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर गाइड लाइन जारी कर दी है। आरक्षण को चक्रानुक्रम रखा गया है। इसी के साथ प्रशासन को विशेष हिदायत दी गई है कि जो वार्ड अब से पहले आरक्षित रह चुके हैं, यह प्रयास करें कि वह अब आरक्षित में न रहें। मजबूरी में ही ऐसे वार्डों, ग्राम पंचायतों और बीडीसी सदस्यों के क्षेत्र को आरक्षित किया जाए।
पंचायत चुनाव को लेकर बिगुल पूरी तरह बज चुका है। शासन ने आरक्षण को लेकर गाइड लाइन भी जारी कर दी है। जिले में जिला पंचायत के 43 वार्ड हैं और 498 ग्राम प्रधानों का निर्वाचन होना है। क्षेत्र पंचायत के लिए 1085 और ग्राम पंचायत के लिए 6726 सदस्यों का चुनाव किया जाना है। 2015 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत का वार्ड दो और वार्ड चार, वार्ड 33 अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था। वार्ड सात, वार्ड 12, वार्ड 32 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। इसी तरह पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए वार्ड 23, वार्ड 37, वार्ड 38 आरक्षित था। पिछड़ा वर्ग के लिए वार्ड 16, 17, 18, 20, 26 और 34 आरक्षित था। इसी तरह महिला के लिए वार्ड पांच, छह, 27, 29, 30,31,43 आरक्षित रहा। जो वार्ड गत चुनाव में आरक्षित थे, इस बार उनमें आरक्षण बदलने की पूरी संभावना है। शासन ने भी प्रशासन को इसी तरह की गाइड लाइन जारी की है। आरक्षण की प्रक्रिया चक्रानुक्रम रहेगी। जो वार्ड पहले आरक्षित रह चुके हैं, उन्हें इस बार आरक्षण से मुक्त रखने की कोशिश रहेगी। सीडीओ आलोक यादव ने बताया कि शाम के समय शासन से आई गाइड लाइन प्राप्त हो गई है। गाइड लाइन का अध्ययन किया जा रहा है। आरक्षण की प्रक्रिया चक्रानुक्रम के आधार पर ही रहेगी। जिला पंचायत, प्रधान, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य सभी में आरक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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