देवबंद। पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण कराने और गन्ना मूल्य भुगतान समेत किसानों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर बृहस्पतिवार को पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) ने संयुक्त तत्वावधान में एसडीएम कार्यालय में किसान सम्मान रैली का आयोजन किया। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता है तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान निजी वाहनों पर सवार होकर जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां रैली को संबोधित करते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि जब तक पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण नहीं होगा, अग्निपथ योजना समाप्त नहीं होगी, मनरेगा योजना को खेती से नहीं जोड़ा जाएगा, किसानों को कृषि कार्य हेतु निशुल्क बिजली नहीं दी जाएगी, चीनी मिलों से गन्ना भुगतान व ब्याज अविलंब नहीं मिलेगा, गन्ना मूल्य 600 क्विंटल घोषित नहीं होगा, किसानों को भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा, सहारनपुर जनपद के किसानों को शामली, मुजफ्फरनगर व बागपत के किसानों के बराबर मुआवजा नहीं दिया जाएगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा। किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राजबीर सिंह ने कहा कि देश के किसान और खेती की उन्नति के लिए महान कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को सरकार तत्काल लागू करे। उन्होंने किसान व मजदूरों से संगठित होकर पृथक राज्य और किसानों की लड़ाई में संघर्ष करने का आह्वान किया। रैली में राष्ट्रीय महासचिव रविंदर चौधरी गुर्जर, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष राव रजा खान, प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित नीरज कपिल, हाफिज मुर्तजा त्यागी व आसिम मलिक आदि ने भी विचार रखे। रैली के बाद किसानों ने एसडीएम दीपक कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर ऋषिपाल प्रधान, सरदार गुलविंदर सिंह, ओमपाल सिंह, इरशाद सोनी, विनोद पहलवान, पदम राठी, नीरज सैनी, रविंद्र चौधरी, अरविंद चौधरी, वसीम जहीरपुर, यासीन त्यागी, सुनील धीमान, सुशील गुर्जर व डॉ. अशोक मलिक आदि रहे।

देवबंद में समस्याओं को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते किसान- फोटो : DEVBAND