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पालिका ने एक सौ साल पुरानी पीस लाइब्रेरी को कराया ध्वस्त

Thu, 08 Oct 2020 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 12:09 AM IST
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The municipality demolished one hundred year old Peace Library
नगर की प्रचीन पीस लाईबेररी को ध्वस्त करती जेसीबी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
पालिका ने एक सौ साल पुरानी पीस लाइब्रेरी को कराया ध्वस्त
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मुजफ्फरनगर। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने नगरपालिका बोर्ड की बैठक खत्म होने के बाद एक सौ साल पुरानी पीस लाइब्रेरी का ध्वस्तीकरण कराया। पालिका टीम ने जेसीबी सहित पूरे तामझाम के साथ पीस लाइब्रेरी भवन पर पहुंचकर कार्रवाई कराई। लाइब्रेरी प्रबंधन की शिकायत पर जब तक एसडीएम दीपक कुमार मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण रुकवाते, तब तक केवल एक दीवार ही शेष रह गई थी। उधर, चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी के साथ बहुमंजिला मल्टीपरपज काम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इस जर्जर हो रहे भवन के बिस्मार होने तक चेयरपर्सन मौके पर ही मौजूद रहीं।
इससे पहले बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में वार्ड 13 के सभासद अरविंद धनगर ने पालिका की आय बढ़ाने और रोजगार के नए संसाधन व अवसर पैदा करने के लिए पीस लाइब्रेरी पर नया भवन निर्माण करने के लिए पूर्व में पारित प्रस्तावों का जिक्र करते हुए ब्रिटिश शासनकाल के इस भवन को आज ही ध्वस्त कराने का प्रस्ताव रखा। इस पर सदन में चर्चा के बाद सर्वसम्मति से भवन के ध्वस्तीकरण पर मुहर लगी। बोर्ड मीटिंग समाप्त होने के साथ ही चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल सभासदों और पालिका अफसरों को साथ लेकर पीस लाइब्रेरी भवन पर पहुंची और वहां अपने सामने ही भवन को बिस्मार कराने का काम शुरू कर दिया। यहां पर तीन जेसीबी इस भवन को गिराने के लिए लगाई गई।
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सभासदों और आम लोगों ने चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के इस निर्णय को सराहनीय बताया। इन लोगों का कहना था कि भाजपा में शामिल होने के बाद अंजू अग्रवाल की शक्ति भी बढ़ गई हैं और यह कार्यवाही उसी का नतीजा है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने बताया कि पीस लाइब्रेरी व इसके पीछे के पालिका क्वार्टर, नेहरू चिकित्सालय में खाली पड़ी पालिका भूमि का कोई भी ज्यादा लाभ समाज या पालिका प्रशासन को नहीं हो पा रहा था। अब पीस लाइब्रेरी सहित अन्य समस्त भूमि को शामिल करते हुए जनहितार्थ अंडर ग्राउंड पार्किंग स्थल, बहुमंजिला लिफ्ट युक्त आधुनिक काम्प्लेक्स और आधुनिक कम्प्यूटराइज लाइब्रेरी का निर्माण कराए जाने के लिए बोर्ड ने मिलकर स्वीकृति दी है। यहां पर भविष्य में एक ऐसा भवन निर्माण कराया जाएगा, जो शहर की पहचान बनेगा और पालिका को आर्थिक स्तर पर इससे मजबूती मिलेगी। 16 जनवरी 2019 में हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद भी बिल्डिंग ध्वस्त नहीं हो पाई थी। पीस लाइब्रेरी प्रबंधन की शिकायत पर एसडीएम दीपक कुमार जब तक ध्वस्तीकरण रुकवाने मौके पर पहुंचे, तब तक एक दीवार ही शेष रह गई थी।
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एक रुपये वार्षिक पर दी गई थी जमीन
पालिका ने पीस लाइब्रेरी एसोसिएशन को लाइब्रेरी के लिए 5104 वर्ग फुट भूमि लीज पर दी थी, जिसका अनुबंध म्यूनिसिपल बोर्ड मुजफ्फरनगर व पीस लाइब्रेरी एसोसिएशन के मध्य 13 फरवरी 1941 को हुआ था। अनुबंध के अनुसार पीस लाइब्रेरी एसोसिएशन को 5104 वर्ग फुट भूमि एक रुपये वार्षिक की दर से लीज की गई थी, लेकिन यह एक रुपये वार्षिक शुल्क भी पीस लाइब्रेरी एसोसिएशन की ओर से पालिका कोष में जमा नहीं कराया गया। इतनी भूमि बेवजह ही खंडहर हो रही थी।

1920 में सेठ बिहारीलाल ने बनवाई थी लाइब्रेरी
पीस लाइब्रेरी के बरामदे में ब्रिटिश शासनकाल की याद दिलाता एक फाउंडेशन स्टोन भी इस ध्वस्तीकरण की धूल में खो गया। इस फाउंडेशन स्टोन के अनुसार पीस लाइब्रेरी की नींव 23 मार्च 1920 को रखी गई थी। इसका शिलान्यास तत्कालीन अंग्रेज आईपीएस अफसर पी.डब्ल्यू. मार्श द्वारा किया गया था। इस फाउंडेशन स्टोन के अनुसार पीस लाइब्रेरी का निर्माण सेठ बिहारीलाल तुलाराम द्वारा कराया गया था।
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