{"_id":"5b4504d04f1c1bbf248b5b62","slug":"the-marriage-of-a-teenager-stopped-at-bhandur","type":"story","status":"publish","title_hn":"भंडूर में रुकवाई गई किशोरी की शादी, कंकरखेड़ा के गांव जेवरी से आई थी बारात ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भंडूर में रुकवाई गई किशोरी की शादी, कंकरखेड़ा के गांव जेवरी से आई थी बारात
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:41 AM IST
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गांव नाबालिग लड़की की शादी रुकवाने पहुंची पुलिस और सामाजिक संगठन के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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सिखेड़ा के भंडूर गांव में मंगलवार को हो रहे शादी-समारोह में बखेड़ा हो गया। दुल्हन के नाबालिग होने की शिकायत पर पहुंची महिला प्रकोष्ठ की सदस्याओं ने पुलिस के साथ शादी को रुकवा दिया। बाद में ग्राम प्रधान के घर हुई पंचायत में दोनों पक्ष किशोरी के बालिग होने तक दो साल बाद शादी करने पर राजी हो गए।
थाना क्षेत्र के गांव भंडूर निवासी दलित की 16 वर्षीय बेटी की शादी पारिवारिक रजामंदी के बाद मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव जेवरी निवासी युवक से तय हुई थी। निर्धारित तिथि पर मंगलवार को दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंच गया, जहां बारात की अगवानी करते हुए उनके स्वागत-सत्कार की तैयारियां शुरू कर दी।
जैसे ही शादी-समारोह में शादी की रस्में शुरू होने लगीं, अचानक महिला प्रकोष्ठ की टीम ममता व शमशाद बेगम के नेतृत्व में भंडूर चौकी पुलिस के साथ दुल्हन के घर जा पहुंची और दुल्हन को नाबालिग बताते हुए शादी को रुकवा दिया।
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महिला प्रकोष्ठ व पुलिस द्वारा शादी रुकवाए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने कार्रवाई के विरोध में हंगामा कर दिया। मामला बढ़ते देख पुलिस व महिला प्रकोष्ठ की टीम ने दुल्हन के वैधानिक कागजात चेक किए तो उनमें उसकी उम्र 16 साल पाई गई।
घंटों की गहमागहमी के बाद आखिरकार ग्राम प्रधान सेवाराम सैनी के यहां दोनों पक्षों की पंचायत हुई, जिसमें आखिरकार दोनों पक्ष दो साल बाद दुल्हन के बालिग होने पर ही उनकी शादी कराने पर राजी हो गए। इसके बाद विधिवत बारात का स्वागत-सत्कार करते हुए दूल्हे समेत सभी बारातियों को ससम्मान विदा कर दिया गया।
शादी रुकने से सदमे में आई दुल्हन बेहोश
थाना क्षेत्र के गांव भंडूर में हंसी-खुशी शादी के लाल जोड़े में बैठी पिया के घर जाने के सपने संजो रही दुल्हन अचानक शादी रुकने की खबर से होशोहवास खो बैठी। दुल्हन के अचानक बेहोश होने से परिजनों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाकर उसका उपचार दिलाया गया। इलाज मिलने के करीब दो घंटे बाद दुल्हन को किसी तरह होश में लाया गया, जिसके बाद उसे कानूनी पेचीदगियों का हवाला देते हुए समझा-बुझाकर शांत किया गया।
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थाना क्षेत्र के गांव भंडूर निवासी दलित की 16 वर्षीय बेटी की शादी पारिवारिक रजामंदी के बाद मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव जेवरी निवासी युवक से तय हुई थी। निर्धारित तिथि पर मंगलवार को दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंच गया, जहां बारात की अगवानी करते हुए उनके स्वागत-सत्कार की तैयारियां शुरू कर दी।
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जैसे ही शादी-समारोह में शादी की रस्में शुरू होने लगीं, अचानक महिला प्रकोष्ठ की टीम ममता व शमशाद बेगम के नेतृत्व में भंडूर चौकी पुलिस के साथ दुल्हन के घर जा पहुंची और दुल्हन को नाबालिग बताते हुए शादी को रुकवा दिया।
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महिला प्रकोष्ठ व पुलिस द्वारा शादी रुकवाए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने कार्रवाई के विरोध में हंगामा कर दिया। मामला बढ़ते देख पुलिस व महिला प्रकोष्ठ की टीम ने दुल्हन के वैधानिक कागजात चेक किए तो उनमें उसकी उम्र 16 साल पाई गई।
घंटों की गहमागहमी के बाद आखिरकार ग्राम प्रधान सेवाराम सैनी के यहां दोनों पक्षों की पंचायत हुई, जिसमें आखिरकार दोनों पक्ष दो साल बाद दुल्हन के बालिग होने पर ही उनकी शादी कराने पर राजी हो गए। इसके बाद विधिवत बारात का स्वागत-सत्कार करते हुए दूल्हे समेत सभी बारातियों को ससम्मान विदा कर दिया गया।
शादी रुकने से सदमे में आई दुल्हन बेहोश
थाना क्षेत्र के गांव भंडूर में हंसी-खुशी शादी के लाल जोड़े में बैठी पिया के घर जाने के सपने संजो रही दुल्हन अचानक शादी रुकने की खबर से होशोहवास खो बैठी। दुल्हन के अचानक बेहोश होने से परिजनों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाकर उसका उपचार दिलाया गया। इलाज मिलने के करीब दो घंटे बाद दुल्हन को किसी तरह होश में लाया गया, जिसके बाद उसे कानूनी पेचीदगियों का हवाला देते हुए समझा-बुझाकर शांत किया गया।