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निराना में तालाब की खुदाई को लेकर तनाव
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 30 May 2016 12:35 AM IST
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तालाब की खुदाई का विरोध करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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निराना गांव में तालाब को कब्जा मुक्त कराने के प्रधान के प्रयास का ग्रामीणों ने विरोध किया है। दोनों पक्षों के आमने-सामने आ जाने से गांव में तनाव फैल गया। ग्रामीणों ने मौके पर जाकर जेसीबी मशीन को बंद करा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तालाब की खुदाई के काम को रुकवा दिया और दोनों पक्षों को एसडीएम के सामने अपना पक्ष रखने के लिए कहा हैं।
निराना के बाहर स्थित शमशान की भूमि को तालाब की भूमि बताकर प्रधान इस्तिकार ने जेसीबी मशीन लगाकर उसकी खुदाई का काम शुक्रवार से चला रखा हैं। खुदाई का विजयपाल पक्ष ने प्रधान से विरोध जताया और काम को बंद करने के लिए कहा।
विजयपाल पक्ष का कहना है कि 1977 में तालाब की भूमि को शमशान के लिए प्रशासन से तब्दील करा लिया गया था। उधर, प्रधान का कहना है कि शमशान की भूमि अभी भी तालाब में ही दर्ज हैं। प्रशासन द्वारा तालाबों को खाली कराए जाने वाले अभियान के चलते इसे खाली कराया जा रहा हैं। खुदाई को लेकर दोनों पक्षों आमने-सामने आ जाने से गांव में तनाव के हालात बन गए।
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ग्रामीणों ने मौके पर जाकर जेसीबी मशीन को बंद करवाकर काम को रुकवा दिया। सूचना पर एसओ योगेश शर्मा भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों की बात को सुना। दोनों पक्षों को कागजात के साथ थाने बुलवाया। थाने में भी घंटों चली वार्ता के दौरान समस्या का कोई हल नहीं निकलने पर एसओ ने दोनों पक्षों को एसडीएम के यहां जाने के लिए कहा है और समाधान होने तक काम को रुकवा दिया है। फिलहाल गांव में ग्रामीणों के विरोध के चलते काम रुका हुआ है।
बच्चों की हड्डिया दिखने पर बिफरे ग्रामीण
निराना में प्रधान द्वारा तालाब की जेसीबी से खुदाई कराने के दौरान जमीन से बच्चों की हड्डिया निकलने लगी। हड्डियों के निकलने की सूचना पर हिंदू समाज के दर्जनों लोग मौके पर पहुंच गए और प्रधान इस्तिकार से कार्रवाई को लेकर विरोध जताया।
ग्रामीणों ने प्रधान पर एकतरफा काम करने का आरोप लगाया और जेसीबी मशीन को बंद करने को कहा। बाद में पुलिस के पहुंचने पर भी ग्रामीणों ने एसओ को हड्डियों के निकलने की जानकारी दी। काम को बंद कराने के बाद ही लोग शांत हुए।
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निराना के बाहर स्थित शमशान की भूमि को तालाब की भूमि बताकर प्रधान इस्तिकार ने जेसीबी मशीन लगाकर उसकी खुदाई का काम शुक्रवार से चला रखा हैं। खुदाई का विजयपाल पक्ष ने प्रधान से विरोध जताया और काम को बंद करने के लिए कहा।
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विजयपाल पक्ष का कहना है कि 1977 में तालाब की भूमि को शमशान के लिए प्रशासन से तब्दील करा लिया गया था। उधर, प्रधान का कहना है कि शमशान की भूमि अभी भी तालाब में ही दर्ज हैं। प्रशासन द्वारा तालाबों को खाली कराए जाने वाले अभियान के चलते इसे खाली कराया जा रहा हैं। खुदाई को लेकर दोनों पक्षों आमने-सामने आ जाने से गांव में तनाव के हालात बन गए।
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ग्रामीणों ने मौके पर जाकर जेसीबी मशीन को बंद करवाकर काम को रुकवा दिया। सूचना पर एसओ योगेश शर्मा भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों की बात को सुना। दोनों पक्षों को कागजात के साथ थाने बुलवाया। थाने में भी घंटों चली वार्ता के दौरान समस्या का कोई हल नहीं निकलने पर एसओ ने दोनों पक्षों को एसडीएम के यहां जाने के लिए कहा है और समाधान होने तक काम को रुकवा दिया है। फिलहाल गांव में ग्रामीणों के विरोध के चलते काम रुका हुआ है।
बच्चों की हड्डिया दिखने पर बिफरे ग्रामीण
निराना में प्रधान द्वारा तालाब की जेसीबी से खुदाई कराने के दौरान जमीन से बच्चों की हड्डिया निकलने लगी। हड्डियों के निकलने की सूचना पर हिंदू समाज के दर्जनों लोग मौके पर पहुंच गए और प्रधान इस्तिकार से कार्रवाई को लेकर विरोध जताया।
ग्रामीणों ने प्रधान पर एकतरफा काम करने का आरोप लगाया और जेसीबी मशीन को बंद करने को कहा। बाद में पुलिस के पहुंचने पर भी ग्रामीणों ने एसओ को हड्डियों के निकलने की जानकारी दी। काम को बंद कराने के बाद ही लोग शांत हुए।