{"_id":"6401d463fa134dd34806ce15","slug":"the-drain-bridge-built-during-the-british-rule-began-to-crack-muzaffarnagar-news-c-14-1-140775-2023-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: दरकने लगा ब्रिटिश शासनकाल में बना नाले का पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: दरकने लगा ब्रिटिश शासनकाल में बना नाले का पुल
विज्ञापन
नावला-खतौली मार्ग पर बना है पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। नावला-खतौली मार्ग स्थित भैंसी नाले पर ब्रिटिश शासनकाल में बना पुल दरकने लगा है। लोहे के गर्डर लगाकर पुल किसी तरह रोका गया है। पुल जर्जर से हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
नावला मार्ग पर भैंसी गांव की ओर से आ रहे गंदे नाले के पुल से गांव नावला, मथेडी, अंबरपुर, खेड़ी तगान समेत अन्य गांवों से आवागमन होता है। यही मार्ग बुढ़ाना और शाहपुर को भी जोड़ता है। वर्तमान में इस मार्ग का पुनर्निमाण कराया जा रहा है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से पुल निर्माण की भी मांग करते चले आ रहे है। पुल इतना संकरा है कि यहां से आवागमन में भी परेेेशानी होती है। भैंसी के प्रधान अमित अहलावत, जितेंद्र सिंह, कुलदीप त्यागी, पप्पू त्यागी, रंजन अहलावत, विशाल अहलावत और गजेंद्र चौधरी का कहना है कि पुल का निर्माण किया जाना चाहिए।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
विभाग के पास नहीं इतना पैसा : लांबा
सिंचाई विभाग के एक्सईएन नीरज कुमार लांबा ने बताया कि नालों पर बने पुलों की मरम्म्त और निर्माण कार्य कराए जा रहे है। पुल में 60 लाख रुपये से अधिक की लागत आने की संभावना है। इतना बजट विभाग के पास नहीं है। विभाग 10 से 15 लाख रुपये तक लागत वाले पुल बना रहे है। इस पुल का इस्टीमेट बनाकर मई माह में शासन को भेजा जाएगा। शासन से धन अवमुक्त होते ही पुल का निर्माण करा दिया जाएगा।
सिंचाई विभाग बजट देगा तो करेंगे पुल निर्माण : राणा
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार राणा ने बताया कि इस मार्ग पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। पुल निर्माण का संबंध उनके विभाग से नहीं है। सिंचाई विभाग बजट देगा तो पुल निर्माण करा देंगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। नावला-खतौली मार्ग स्थित भैंसी नाले पर ब्रिटिश शासनकाल में बना पुल दरकने लगा है। लोहे के गर्डर लगाकर पुल किसी तरह रोका गया है। पुल जर्जर से हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
नावला मार्ग पर भैंसी गांव की ओर से आ रहे गंदे नाले के पुल से गांव नावला, मथेडी, अंबरपुर, खेड़ी तगान समेत अन्य गांवों से आवागमन होता है। यही मार्ग बुढ़ाना और शाहपुर को भी जोड़ता है। वर्तमान में इस मार्ग का पुनर्निमाण कराया जा रहा है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से पुल निर्माण की भी मांग करते चले आ रहे है। पुल इतना संकरा है कि यहां से आवागमन में भी परेेेशानी होती है। भैंसी के प्रधान अमित अहलावत, जितेंद्र सिंह, कुलदीप त्यागी, पप्पू त्यागी, रंजन अहलावत, विशाल अहलावत और गजेंद्र चौधरी का कहना है कि पुल का निर्माण किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग के पास नहीं इतना पैसा : लांबा
सिंचाई विभाग के एक्सईएन नीरज कुमार लांबा ने बताया कि नालों पर बने पुलों की मरम्म्त और निर्माण कार्य कराए जा रहे है। पुल में 60 लाख रुपये से अधिक की लागत आने की संभावना है। इतना बजट विभाग के पास नहीं है। विभाग 10 से 15 लाख रुपये तक लागत वाले पुल बना रहे है। इस पुल का इस्टीमेट बनाकर मई माह में शासन को भेजा जाएगा। शासन से धन अवमुक्त होते ही पुल का निर्माण करा दिया जाएगा।
सिंचाई विभाग बजट देगा तो करेंगे पुल निर्माण : राणा
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार राणा ने बताया कि इस मार्ग पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। पुल निर्माण का संबंध उनके विभाग से नहीं है। सिंचाई विभाग बजट देगा तो पुल निर्माण करा देंगे।