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Muzaffarnagar News: बाढ़ में डूबा श्मशान, ईख काटकर किया महिला का अंतिम संस्कार
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रतनपुरी क्षेत्र में सैंकड़ों बीघा फसल जलमग्न
- हिंडन की बाढ़ में नुकसान के लिए ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित
- बुड्ढ़ाखेड़ा से नदी में उतरकर कसौली पहुंचें केंद्रीय राज्य मंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। हिंडन नदी में लगातार पानी बढ़ने से किसान, मजदूरों और पशु पालकों सामने मुश्किल बढ़ गई है। बाढ़ के पानी में डूबे श्मशान की वजह से रविवार को दूधली में महिला का अंतिम संस्कार ईख कटवाकर खेत में करना पड़ा। उधर, नदी में उतरकर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
ग्रामीणों की माने तो वर्ष 1978 के बाद हिंडन नदी में जलस्तर उफान पर है। नदी किनारे बसे बुड्ढ़ाखेड़ा, छिमाऊ, कसौली, दूधली, सिकंदरपुर, पीपलशाह में श्मशान घाट भी डूब गए है। रविवार को गांव दूधली में सुभाष की पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए ईख कटवाया गया। इसी गांव की मछला देवी का भी निधन हो गया। उनका भी अंतिम संस्कार खेत में करना पड़ा।
सिकंदरपुर के प्रधान मोहम्मद रजा ने बताया कि श्मशान नदी के पानी में पूरी डूब गया है। पीपलशाह के रवि कश्यप का कहना है कि उनके गांव के 12 हजार के रकबे में से 2500 बीघा जमीन नदी किनारे है। चकबंदी चल रही है। पानी बढ़ने से फसल बर्बाद हो गई और खेतों की पैमाइश बंद हो गई। दूधली के रामभूल सिंह , सुभाष और रामकुमार का कहना है कि खेतों में पानी भरने से ईख की फसल चौपट हो गई।
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कुल्हेड़ी में सड़क पर बह रही हिंडन
कुल्हेड़ी में करीब 2800 बीघा जमीन नदी किनारे है। खेतों में जाने वाले खड़ंजे पर छाती तक पानी बह रहा है। आस मोहम्मद ने बताया उनकी 15 बीघा ईख बर्बाद हो गया। माेमीन, अय्यूब, मुस्तफा, असलम, फुरकान, जुल्फिकार आदि के सैकड़ों किसानों के ईख और चारा खत्म हो गया।
नदी में उतरकर कसौली पहुंचें केंद्रीय मंत्री, सुनीं लोगों की समस्याएं
अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। सड़क पर बहाव तेज होने के कारण बुड्ढ़ाखेड़ा से नदी में उतरकर कसौली पहुंचें केंद्रीय मंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
दूधली और बुड्ढाखेड़ा के दौरे के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री को कसौली जाना था। मगर, नदी के बहाव में सड़क टूटने से संपर्क टूट गया था। उन्होंने मौके पर देखा, नदी के दूसरे छोर पर ग्रामीण उनका इंतजार कर रहे है। वाया सड़क चरथावल होकर सड़क से जाने में एक घंटा लगेगा। नदी के पानी में बच्चे नहा रहे थे। करीब चार फीट तक पानी चल रहा था। मंत्री ने भी कपड़े उतारे और कार्यकर्ताओं के साथ नदी में उतर गए।
कसौली जाकर हालत का जायजा लिया। गाड़ी तक वापसी भी पानी से होकर की। ब्लॉक प्रमुख अक्षय पुंडीर, जिपंस के पति डाक्टर विपिन त्यागी, चरथावल अध्यक्ष मनीष गर्ग, ब्रजपाल सिंह, नितिन मलिक आदि मंत्री के साथ पानी में होकर गुजरे। जिला पंचायत अध्यक्ष डाक्टर वीरपाल निर्वाल, गौरव पंवार, मामचंद पुंडीर, दूधली प्रधान शोभित पुडीर, सुरेंद्र छिमाऊ, रविंद्र पुंडीर, नीरज राणा, रामभूल पुंडीर, प्रवीण राणा आदि मौजूद रहें।
शाम तक शासन को भेजेंगे रिपोर्ट
बुड्ढ़ाखेड़ा में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा जिले में नदी किनारे गांवों में दो किलोमीटर के दायरे में दोनों तरफ किसानों को नुकसान हुआ है। यहां जिले के तमाम अधिकारी है। शाम तक नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। एसडीएम परमानंद झा से कहा कि किसी भी पीड़ित किसान का नाम मुआवजा सूची में नहीं छूटना चाहिए। जिला कृषि अधिकारी सतेंद्र तिवारी, तहसीलदार सदर अभिषेक साही, लोनिवि एसडीओ एसके पोसवाल, नीरज पुंडीर, मुकेश गर्ग, सुरेंद्र कश्यप आदि मौजूद रहे।
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- बुड्ढ़ाखेड़ा से नदी में उतरकर कसौली पहुंचें केंद्रीय राज्य मंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। हिंडन नदी में लगातार पानी बढ़ने से किसान, मजदूरों और पशु पालकों सामने मुश्किल बढ़ गई है। बाढ़ के पानी में डूबे श्मशान की वजह से रविवार को दूधली में महिला का अंतिम संस्कार ईख कटवाकर खेत में करना पड़ा। उधर, नदी में उतरकर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
ग्रामीणों की माने तो वर्ष 1978 के बाद हिंडन नदी में जलस्तर उफान पर है। नदी किनारे बसे बुड्ढ़ाखेड़ा, छिमाऊ, कसौली, दूधली, सिकंदरपुर, पीपलशाह में श्मशान घाट भी डूब गए है। रविवार को गांव दूधली में सुभाष की पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए ईख कटवाया गया। इसी गांव की मछला देवी का भी निधन हो गया। उनका भी अंतिम संस्कार खेत में करना पड़ा।
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सिकंदरपुर के प्रधान मोहम्मद रजा ने बताया कि श्मशान नदी के पानी में पूरी डूब गया है। पीपलशाह के रवि कश्यप का कहना है कि उनके गांव के 12 हजार के रकबे में से 2500 बीघा जमीन नदी किनारे है। चकबंदी चल रही है। पानी बढ़ने से फसल बर्बाद हो गई और खेतों की पैमाइश बंद हो गई। दूधली के रामभूल सिंह , सुभाष और रामकुमार का कहना है कि खेतों में पानी भरने से ईख की फसल चौपट हो गई।
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कुल्हेड़ी में सड़क पर बह रही हिंडन
कुल्हेड़ी में करीब 2800 बीघा जमीन नदी किनारे है। खेतों में जाने वाले खड़ंजे पर छाती तक पानी बह रहा है। आस मोहम्मद ने बताया उनकी 15 बीघा ईख बर्बाद हो गया। माेमीन, अय्यूब, मुस्तफा, असलम, फुरकान, जुल्फिकार आदि के सैकड़ों किसानों के ईख और चारा खत्म हो गया।
नदी में उतरकर कसौली पहुंचें केंद्रीय मंत्री, सुनीं लोगों की समस्याएं
अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। सड़क पर बहाव तेज होने के कारण बुड्ढ़ाखेड़ा से नदी में उतरकर कसौली पहुंचें केंद्रीय मंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
दूधली और बुड्ढाखेड़ा के दौरे के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री को कसौली जाना था। मगर, नदी के बहाव में सड़क टूटने से संपर्क टूट गया था। उन्होंने मौके पर देखा, नदी के दूसरे छोर पर ग्रामीण उनका इंतजार कर रहे है। वाया सड़क चरथावल होकर सड़क से जाने में एक घंटा लगेगा। नदी के पानी में बच्चे नहा रहे थे। करीब चार फीट तक पानी चल रहा था। मंत्री ने भी कपड़े उतारे और कार्यकर्ताओं के साथ नदी में उतर गए।
कसौली जाकर हालत का जायजा लिया। गाड़ी तक वापसी भी पानी से होकर की। ब्लॉक प्रमुख अक्षय पुंडीर, जिपंस के पति डाक्टर विपिन त्यागी, चरथावल अध्यक्ष मनीष गर्ग, ब्रजपाल सिंह, नितिन मलिक आदि मंत्री के साथ पानी में होकर गुजरे। जिला पंचायत अध्यक्ष डाक्टर वीरपाल निर्वाल, गौरव पंवार, मामचंद पुंडीर, दूधली प्रधान शोभित पुडीर, सुरेंद्र छिमाऊ, रविंद्र पुंडीर, नीरज राणा, रामभूल पुंडीर, प्रवीण राणा आदि मौजूद रहें।
शाम तक शासन को भेजेंगे रिपोर्ट
बुड्ढ़ाखेड़ा में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा जिले में नदी किनारे गांवों में दो किलोमीटर के दायरे में दोनों तरफ किसानों को नुकसान हुआ है। यहां जिले के तमाम अधिकारी है। शाम तक नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। एसडीएम परमानंद झा से कहा कि किसी भी पीड़ित किसान का नाम मुआवजा सूची में नहीं छूटना चाहिए। जिला कृषि अधिकारी सतेंद्र तिवारी, तहसीलदार सदर अभिषेक साही, लोनिवि एसडीओ एसके पोसवाल, नीरज पुंडीर, मुकेश गर्ग, सुरेंद्र कश्यप आदि मौजूद रहे।