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धोखेबाज शिक्षिका के खिलाफ दी गई तहरीर
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धोखा देकर नौकरी पाने वाली शिक्षिका के खिलाफ दी तहरीर
शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। बीएड की फर्जी डिग्री के बल पर दस साल से नौकरी कर रही बसधाड़ा प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा थाने में तहरीर दे दी गई है। वहीं, बीएसए ने भी शिक्षिका की नियुक्ति शून्य करते हुए उससे वेतन रिकवरी के आदेश दिए हैं।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव बसधाड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका कपिल चौधरी पुत्री राजेंद्र सिंह निवासी डिफेंस कॉलोनी कंकरखेड़ा मेरठ ने आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में बीएड उत्तीर्ण की थी। इसी आधार पर 24 जुलाई 2010 को कपिल चौधरी ने जनपद मथुरा में सहायक अध्यापिका के रूप में नियुक्ति पा ली थी। वर्ष 2012 में कपिल चौधरी का स्थानांतरण मुजफ्फरनगर कर दिया गया था और तभी से वह शाहपुर के गांव बसधाड़ा के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थी। इसी दौरान वर्ष 2017 में हुई जांच में डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में हुई बीएड की परीक्षा के कुछ अंकपत्र टेंपर्ड पाए गए, जिनमें कपिल चौधरी भी शामिल थी। मामले में गठित एसआईटी के साथ ही विश्वविद्यालय ने भी जांच में शिक्षिका का अंकपत्र फर्जी ठहराया। इस पर गत 22 जून 2020 को शिक्षा निदेशक ने कपिल चौधरी समेत इसी तरह के अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में बीएसए द्वारा शिक्षिका कपिल चौधरी की नियुक्ति को शून्य घोषित कर उससे वेतन रिकवरी के आदेश कर दिए हैं। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन लाल ने भी बुधवार को शाहपुर थाने में आरोपी शिक्षिका कपिल चौधरी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराने के लिए तहरीर दे दी है।
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कोट...
- जांच के उपरांत शिक्षिका कपिल चौधरी के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए है। खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से उसके खिलाफ शाहपुर थाने में तहरीर दे दी गई है। शिक्षिका की नियुक्ति शून्य कर दी गई है। वेतन रिकवरी के आदेश जारी किए गए है। - राम सागरपति त्रिपाठी, बीएसए
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शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। बीएड की फर्जी डिग्री के बल पर दस साल से नौकरी कर रही बसधाड़ा प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा थाने में तहरीर दे दी गई है। वहीं, बीएसए ने भी शिक्षिका की नियुक्ति शून्य करते हुए उससे वेतन रिकवरी के आदेश दिए हैं।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव बसधाड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका कपिल चौधरी पुत्री राजेंद्र सिंह निवासी डिफेंस कॉलोनी कंकरखेड़ा मेरठ ने आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में बीएड उत्तीर्ण की थी। इसी आधार पर 24 जुलाई 2010 को कपिल चौधरी ने जनपद मथुरा में सहायक अध्यापिका के रूप में नियुक्ति पा ली थी। वर्ष 2012 में कपिल चौधरी का स्थानांतरण मुजफ्फरनगर कर दिया गया था और तभी से वह शाहपुर के गांव बसधाड़ा के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थी। इसी दौरान वर्ष 2017 में हुई जांच में डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में हुई बीएड की परीक्षा के कुछ अंकपत्र टेंपर्ड पाए गए, जिनमें कपिल चौधरी भी शामिल थी। मामले में गठित एसआईटी के साथ ही विश्वविद्यालय ने भी जांच में शिक्षिका का अंकपत्र फर्जी ठहराया। इस पर गत 22 जून 2020 को शिक्षा निदेशक ने कपिल चौधरी समेत इसी तरह के अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में बीएसए द्वारा शिक्षिका कपिल चौधरी की नियुक्ति को शून्य घोषित कर उससे वेतन रिकवरी के आदेश कर दिए हैं। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन लाल ने भी बुधवार को शाहपुर थाने में आरोपी शिक्षिका कपिल चौधरी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराने के लिए तहरीर दे दी है।
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- जांच के उपरांत शिक्षिका कपिल चौधरी के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए है। खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से उसके खिलाफ शाहपुर थाने में तहरीर दे दी गई है। शिक्षिका की नियुक्ति शून्य कर दी गई है। वेतन रिकवरी के आदेश जारी किए गए है। - राम सागरपति त्रिपाठी, बीएसए
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