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डीएम और एडीएम ऑफिस में भर दिया गन्ने का अगोला
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 26 May 2018 12:56 AM IST
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एडीएम ऑफिस में हंगामा करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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भाकियू ने रेलवे द्वारा अधिग्रहित भूमि पर फसल नष्ट करने के विरोध में कलक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। डीएम और एडीएम के ऑफिस में गन्ने के अगोले भर दिए। हंगामे के बीच एडीएम वित्त सियाराम मौर्य को एक ज्ञापन दिया।
भाकियू कार्यकर्ता महावीर चौक स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से पैदल जुलूस के रुप में कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने गांव सीमली, जडौदा, लछेडा, मीरापुर और जट नंगला में पांच दिन पूर्व खड़ी फसल पर जेसीबी चलाने का विरोध किया। आरोप लगाया कि बिना पैसा दिए अधिग्रहित भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।
जमीन का रेट भी कम कर दिया गया है। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि जिले के सभी किसानों का भूमि का मुआवजा एक समान होना चाहिए। मुआवजा बढ़ाने की बजाए कम कर दिया गया है। भाकियू इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। गुस्साये किसानों ने डीएम ऑफिस को गन्ने के अगोलों से भर दिया।
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यही नहीं मौके पर मौजूद एडीएम वित्त सियाराम मौर्य के कार्यालय में भी अगोले डाल दिए। किसानों ने डीएम के नाम एडीएम वित्त को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि बाजारी दर पर मुआवजे का निर्धारण किया जाए। आर्बिटेशन अवार्ड और पुनर्वास अवार्ड के भुगतान के बाद ही भूमि पर कब्जा किया जाए।
जिले में निर्धारित अधिकतम दर को आधार मानते हुए एक ही दर से मुआवजा दिया जाए। बर्बाद की जाने वाली फसल का मुआवजा दिया जाए। गन्ना भुगतान, शुद्ध पेयजल सहित 12 मांग रखी गई। इस दौरान धर्मेंद्र मलिक, ओमप्रकाश, विकास शर्मा, अंकित, बिजेंद्र, कपिल सोम, यासाीन, योगेश, सर्वेंद्र, मनोज सहरावत, दुष्यंत, मनोज, प्रभात, पिंटू, विनय, गौरव, सिद्धार्थ आदि शामिल रहे।
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भाकियू कार्यकर्ता महावीर चौक स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से पैदल जुलूस के रुप में कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने गांव सीमली, जडौदा, लछेडा, मीरापुर और जट नंगला में पांच दिन पूर्व खड़ी फसल पर जेसीबी चलाने का विरोध किया। आरोप लगाया कि बिना पैसा दिए अधिग्रहित भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।
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जमीन का रेट भी कम कर दिया गया है। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि जिले के सभी किसानों का भूमि का मुआवजा एक समान होना चाहिए। मुआवजा बढ़ाने की बजाए कम कर दिया गया है। भाकियू इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। गुस्साये किसानों ने डीएम ऑफिस को गन्ने के अगोलों से भर दिया।
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यही नहीं मौके पर मौजूद एडीएम वित्त सियाराम मौर्य के कार्यालय में भी अगोले डाल दिए। किसानों ने डीएम के नाम एडीएम वित्त को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि बाजारी दर पर मुआवजे का निर्धारण किया जाए। आर्बिटेशन अवार्ड और पुनर्वास अवार्ड के भुगतान के बाद ही भूमि पर कब्जा किया जाए।
जिले में निर्धारित अधिकतम दर को आधार मानते हुए एक ही दर से मुआवजा दिया जाए। बर्बाद की जाने वाली फसल का मुआवजा दिया जाए। गन्ना भुगतान, शुद्ध पेयजल सहित 12 मांग रखी गई। इस दौरान धर्मेंद्र मलिक, ओमप्रकाश, विकास शर्मा, अंकित, बिजेंद्र, कपिल सोम, यासाीन, योगेश, सर्वेंद्र, मनोज सहरावत, दुष्यंत, मनोज, प्रभात, पिंटू, विनय, गौरव, सिद्धार्थ आदि शामिल रहे।