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सोलानी के पानी में डूबे संपर्क मार्ग, क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आए, आवागमन ठप

Tue, 05 Sep 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 05 Sep 2017 12:17 AM IST
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Solanite water immersed path
घर के सामन को सुरक्षित स्थान पर ले जाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
शिवालिक की पहाड़ियों से आए पानी ने गंगा खादर में अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जिसके चलते खादर के दर्जनों गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। सोलानी नदी में तेज उफान से मोरना, भोकरहेड़ी और लक्सर मार्ग पानी में डूब गया है। मोरना से उत्तराखंड सीमा पर बसे गांव का संपर्क मार्ग टूट चुका है। घरों में बाढ़ के पानी घुस जाने से घर में रखा सामान खराब हो गया। पशुओं को ऊंचे स्थान पर ले जाया गया है। जंगली जानवर नीलगाय, हिरण आदि भी आशियाने की तलाश में भटक रहे हैं। 
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विकासखंड मोरना के शुक्रताल गंगा खादर क्षेत्र के गांव बाढ़ से जलमग्न हो गए हैं। नागरिकों के साथ ही पशुओं और जंगली जानवरों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। गांव मजलिसपुर तौफीर, सिताबपुरी, खैरनगर, महाराज नगर, इंछावाला आदि गांव बाढ़ के पानी में डूबने लगे हैं। गांव मजलिसपुर तौफीर में ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए आगामी किसी भी चुनाव में मतदान नहीं करने की बात कही है।
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मोरना, भोकरहेड़ी और लक्सर मार्ग पर बाढ़ का पानी आने से महिलाएं और वृद्ध गिरकर घायल हो रहे हैं। गांव का संपर्क मार्ग टूटने से प्रसव पीड़िताएं और मरीज इलाज के लिए घरों के अंदर रहने पर मजबूर हैं। महेंद्र चौहान, ओमकार सिंह, रोहित, मांगेराम, ऋषिपाल, ओमप्रकाश, योगेंद्र, जयपाल, शेरसिंह, सुरेंद्र, प्रमोद, जसवंत, जलसिंह, कपिल, संदीप, पोपिन, सचिन  कृष्णपाल आदि ने शासन प्रशासन पर अनदेखी करने का आरोप लगाया है। 
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जलस्तर हो रहा कम, लेकिन कम नहीं हुई मुसीबतें
पुरकाजी। सोलानी नदी का पानी अब धीरे-धीरे उतर रहा है। लक्सर मार्ग पर कुछ रपटों पर पानी कम होने से आवागमन शुरू हो गया है। वहीं, कई गांवों के रास्तों पर अभी रुके पानी से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है।      

उत्तराखंड की पहाड़ियों से छोड़े जाने वाले पानी में हुई कमी और लोहे के पुल के नीचे हुई सफाई से पानी के सीधे निकल जाने से खादर क्षेत्र के गांवों के अंदर घुसने वाला पानी अब गांवों के अंदर न जाकर सीधा निकलना शुरू हो गया है। जिससे खादर क्षेत्र ग्राम पांचली, दादुपुर, भदौला, खेड़की, धुम्मनपुरी आदि दर्जनों गांवों में रुका पानी निकलने से जहां ग्रामीणों का आवागमन शुरू हो गया है, वहीं रामनगर, रजगल्लापुर, अलमावाला, जिंदावाला आदि के रास्तों पर अभी पानी रुका होने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद है।


ग्रामीण अपने खेतों पर भी नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीण जगतार सिंह, रजनीश, राजू, सोमपाल, सरदार गुरमीत सिंह, कांता सिंह, डॉ राजेन्द्र सिंह आदि ने बताया कि रास्तों पर पानी होने के कारण व पानी के पास नाव नहीं होने से स्कूल जाने वाले बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा जानवरों के लिए चारे की विकट समस्या है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव का इंतजाम करने की भी मांग की है।  
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