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जनसंख्या वृद्धि से सामाजिक और आर्थिक संकट :ओमानंद

Sun, 31 Mar 2019 11:12 PM IST
Deepak Sharma मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो Published by: Deepak Sharma Updated Sun, 31 Mar 2019 11:12 PM IST
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Social and economic crisis by population growth: Omanand
cultural - फोटो : अमर उजाला
मोरना। शुकतीर्थ के गांव इलाहाबास के महिला उत्थान प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या से युवा पीढ़ी के समक्ष सामाजिक और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कौशल विकास, कुटीर उद्योग और कला, दस्तकारी क्षेत्र में युवा प्रशिक्षण लेकर रोजगार से जुड़ें।
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आर्ष सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश में नौकरियों की कमी है, बेरोजगार बड़ी समस्या बन चुकी है। जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस योजना की जरूरत है। युवा अपनी क्षमता, योग्यता, परिश्रम से ग्रामीण आंचल में कुटीर एवं लघु उद्योग स्थापित करें। कौशल विकास, दस्तकारी में निपुण बनें। खुद रोजगार पैदा करें और दूसरों को रोजगार दें।
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वर्तमान समय औद्योगिकीकरण का है, बेटियां गांवों में रोजगारपरक शिक्षा को प्रेरित हो। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि बेटियां भारत संस्कृति का यशोगान कर रही हैं। संघर्ष, त्याग और मेहनत से हर क्षेत्र में कामयाब हुई हैं। बेटियों को संस्कारित सुरक्षित माहौल दें, स्वावलंबी बनाएं।
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कठिन परिश्रम परिस्थितियों में निराश नहीं हों। समाज और राष्ट्र की प्रेरक महिलाओं की जीवनी पढ़ें। बेटियां आत्मनिर्भर बनेगी तो समाज और परिवार में समृद्धि आएगी। नैतिक मूल्यों, सदाचरण से जीवन को निखारे। कार्यक्रम के दौरान स्वामी भजनानंद महाराज, डा. धर्मवीर सिंह ने विचार रखे। संचालन विमल प्रकाश गुप्ता ने किया तथा अध्यक्षता सुभाष चंद्र गोयल ने की। मुख्य यज्ञमान में सुलोचना देवी, संजय मित्तल, कविता, महेेंद्र, रमेश आदि रहे। इस मौके पर सुरेंद्र वर्मा, अजय गर्ग, मंजू गुप्ता, पंडित शांता प्रकाश आर्य आदि लोग उपस्थित रहे।

सविता देवी ने आत्मनिर्भर बनाने में भूमिका निभाई
सविता देवी ने चार माह में ग्रामीण आंचल की 18 युवतियों और महिलाओं को कढ़ाई, सिलाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें बेबी, राधा, खुशी, कशिश, निकिता, जेबी, पूजा, सरिका, लक्ष्मी, पलक, पूजा आदि ने कड़ी मेहनत कर अपने रोजगार के लिए कदम आगे बढ़ा दिए हैं।
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