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Muzaffarnagar News: विवाह योजना की धनराशि के लिए जीजा से करा दिया साली का निकाह
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मीरापुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लालच में एक व्यक्ति ने अपनी अविवाहित बेटी का निकाह उसके जीजा से करा दिया। निकाह के बाद मिले पचास हजार रुपये के बंटवारे को लेकर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। युवक ने अपनी नवविवाहित पत्नी के बजाए पहली पत्नी को तलाक देने की चेतावनी दी है। मामला पंचायतों के दौर में उलझ गया है।
कस्बा निवासी एक व्यक्ति के तीन पुत्री हैं, जिसमें से दो विवाहित व एक अविवाहित थी। उक्त व्यक्ति ने चार वर्ष पहले अपनी दूसरी पुत्री का निकाह मेरठ जनपद के बहसूमा थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से किया था। कुछ दिन पूर्व उक्त व्यक्ति ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लालच में अपनी तीसरी अविवाहित पुत्री का निकाह उसके ही जीजा से करा दिया था। लाभ लेने के लिए कागजातों में फर्जीवाड़ा किया गया। योजना के अन्तर्गत मिले 50 हजार के चेक को देखकर दामाद के मन में भी लालच आ गया। वह भी रुपयों की मांग करने लगा। ससुर ने दामाद से नवविवाहित पुत्री को तलाक देने को कहा तो दामाद ने साफ इंकार करते हुए कह दिया कि पहली वाली पत्नी को तलाक दे सकता हूं, लेकिन छोटी वाली को तलाक नहीं दूंगा। इसके बाद से परिवार में रोजाना पंचायत का दौर चल रहा है। बताया गया कि दामाद अपनी पहली पत्नी को लेकर उसके मायके में आ गया है। अपनी नई पत्नी (साली) को भेजने का दबाव बना रहा है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ दिलाने में कई स्थानीय लोगों का भी हाथ बताया जा रहा है। अभी मामला पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों के सामने नहीं पहुंचा है। इसके बावजूद क्षेत्र में यह मामला सभी लोगों की जुबान पर है।
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इन्होंने कहा-
समाज कल्याण अधिकारी विनीत मलिक ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है।
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कस्बा निवासी एक व्यक्ति के तीन पुत्री हैं, जिसमें से दो विवाहित व एक अविवाहित थी। उक्त व्यक्ति ने चार वर्ष पहले अपनी दूसरी पुत्री का निकाह मेरठ जनपद के बहसूमा थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से किया था। कुछ दिन पूर्व उक्त व्यक्ति ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लालच में अपनी तीसरी अविवाहित पुत्री का निकाह उसके ही जीजा से करा दिया था। लाभ लेने के लिए कागजातों में फर्जीवाड़ा किया गया। योजना के अन्तर्गत मिले 50 हजार के चेक को देखकर दामाद के मन में भी लालच आ गया। वह भी रुपयों की मांग करने लगा। ससुर ने दामाद से नवविवाहित पुत्री को तलाक देने को कहा तो दामाद ने साफ इंकार करते हुए कह दिया कि पहली वाली पत्नी को तलाक दे सकता हूं, लेकिन छोटी वाली को तलाक नहीं दूंगा। इसके बाद से परिवार में रोजाना पंचायत का दौर चल रहा है। बताया गया कि दामाद अपनी पहली पत्नी को लेकर उसके मायके में आ गया है। अपनी नई पत्नी (साली) को भेजने का दबाव बना रहा है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ दिलाने में कई स्थानीय लोगों का भी हाथ बताया जा रहा है। अभी मामला पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों के सामने नहीं पहुंचा है। इसके बावजूद क्षेत्र में यह मामला सभी लोगों की जुबान पर है।
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इन्होंने कहा-
समाज कल्याण अधिकारी विनीत मलिक ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है।