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सहकारी समिति सचिव पर गबन का आरोप 

Fri, 09 Sep 2016 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 09 Sep 2016 12:14 AM IST
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Secretary accused of embezzlement
crime demo - फोटो : crime demo
नईमंडी स्थित डाक-तार वेतन भोगी कर्मचारी सहकारी समिति में करोड़ों का घोटाला सामने आया है। समिति के सौ से ज्यादा सदस्यों के नाम पर करोड़ों का फर्जी ऋण लेकर डकार लिया गया। बिना खाताधारक के ही उसके नाम का चेक बनाकर बैंक से भुगतान ले लिया गया। बिना खाताधारक के लाखों का भुगतान करने वाले बैंककर्मी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। समिति के सचिव सुभाषचंद गौड़ और घोटाले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। 
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बीएसएनएल एवं डाक विभाग के कर्मचारियों को सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिए डाक-तार वेतनभोगी सहकारी समिति लिमिटेड लंबे समय से कार्य कर रही है। नईमंडी बीएसएनएल दफ्तर के ही एक कमरे में समिति का संचालन हो रहा था। कर्मचारियों को समिति से आसानी से ऋण मिल जाता है और ऋण का पैसा उनके वेतन से कटता रहता है। इसके अलावा कर्मचारी  समिति में पैसा भी जमा कराते रहते हैं।
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लगभग 500 खाताधारक समिति के सदस्य हैं। हाल ही में कुुछ ऐसे मामले सामने आए कि जिन कर्मचारियों ने ऋण नहीं लिया, उनका पैसा कटने लगा। कर्मचारियों ने समिति में पता किया तो उनके नाम ऋण निकला। एक-एक कर ऐसे सौ से ज्यादा मामले आ गए। एक खाताधारक के नाम पर दो लाख से लेकर सात लाख तक का ऋण लिया गया है। ऋण का जो पैसा निकलता है, उस चेक पर समिति के सचिव और सभापति के हस्ताक्षर होते हैं।
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समिति में लंबे समय से सचिव सुभाषचंद गौड़ हैं और सभापति पद पर एके सिंगल और निरंकार त्यागी रहे हैं। नियम के अनुसार खाताधारक को ही बैंक भुगतान कर सकता है। जिन सौ से ज्यादा लोगों के नाम पर ऋण लिया गया, उनमें सहकारी बैंक की नईमंडी की गुड मंडी रोड शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बिना खाताधारक के ही भुगतान कर दिया। मामला सामने आया तो सचिव सुभाषचंद गौड़ ने समिति में संविदा पर रखे हुए कर्मचारी श्रीकांत शर्मा के खिलाफ नईमंडी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया।

जिन लोगों के खातों से पैसा निकला है, उनमें हेमेंद्र पाल ने बताया कि उसके नाम पर साढ़े चार लाख का ऋण लिया गया है। कर्मचारी बृजपाल के खाते से सात लाख, राजेश के खाते से साढ़े तीन लाख, सुभाष गुप्ता के खाते से साढ़े पांच लाख, एक एसडीओ के खाते से चार लाख 26 हजार निकाल लिए गए। इसी तरह सौ से अधिक कर्मचारियों के खाते से पैसा निकाला गया। कर्मचारियों का कहना है कि घोटाले का असली सूत्रधार सचिव सुभाषचंद गौड़ है। उसके खिलाफ एफआईआर की जाए और कर्मचारियों का पैसा उन्हें वापस दिलाया जाए। 

दोषी जेल जाएंगे : प्रदीप
एआर कोआपरेटिव प्रदीप सिंह ने बताया कि घोटाले का पूरा प्रकरण उनके संज्ञान में आ गया है। बैंककर्मियों की जांच के लिए महाप्रबंधक को लिखा गया है। बिना खाताधारक के पैसा जारी करना गंभीर घटना है। सचिव सुभाषचंद गौड़ और अन्य सभी लोगों की भूमिका की जांच को कमेटी बनाई गई है। कमेटी में विभाग के एडीसीओ मेहर सिंह और शोभाराम को शामिल किया गया है। जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। 


ट्रेड यूनियन ने दी चेतावनी
भारतीय मजदूर संघ के जिला महामंत्री हेमेंद्र पाल ने बताया कि विभाग ने 22 सितंबर तक आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो ट्रेड यूनियन आंदोलन को मजबूर होगी। यूनियन सुभाषचंद गौड़ सहित घोटाले में शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रही है। 
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