देवबंद (सहारनपुर)। श्री गीता भवन में आयोजित 36 वें नर नारायण सेवा यज्ञ समारोह में बृहस्पतिवार को कथावाचक रक्षा सरस्वती ने कहा कि आज हमारे परिवारों मे संस्कार विलुप्त होते जा रहे है। जिस कारण परिवार में आपसी पे्रम का अभाव है।
श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान कराते हुए रक्षा सरस्वती ने कहा कि पिता के गलत आचरण और घर के छोटे को दिए गए गलत संस्कार के कारण मान सम्मान खत्म हो रहा है। उन्होंने भक्तों से स्वयं संस्कारित होकर अपने बच्चों को भी संस्कारवान बनाने की शिक्षा दी। कथावाचक ने कहा भागवत नाम मात्र से ही इंसान मोक्ष प्राप्त कर सकता है। इसलिए हमें अपने मन को प्रभु चरणों में समर्पित करके सच्चे धर्म को अपनाना चाहिए। कथा के यजमान राजीव बंसल व श्यामलाल भारती रहे। प्रसाद वितरण आलोक सिंघल व चिराग सिंघल ने किया। इस मौके पर अखिल शर्मा, आर्यवृत्त शर्मा, रितेश बंसल, सुधीर गर्ग, संजय मित्तल, पंकज अग्रवाल, अजय बंसल, मंजू शर्मा, अनिता तायल, मीरा देवी, गीता सिंसघल, मधु रस्तोगी, नीलू गर्ग व पल्लवी आदि मौजूद रहे।