{"_id":"5ada39644f1c1b330a8b5a67","slug":"sanjiv-bialyan-and-umesh-malik-appear-in-the-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालत में सांसद संजीव बालियान और उमेश मलिक हुए हाजिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अदालत में सांसद संजीव बालियान और उमेश मलिक हुए हाजिर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट में पेश होने जाते संजीव बालियान और उमेश मलिक।
- फोटो : अमर उजाला
करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व कवाल कांड को लेकर नंगला मंदौड़ में हुई महापंचायत में भड़काऊ भाषण देने के मामले में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक आदि आरोपी कोर्ट में पेश हुए। विधायक संगीत सोम, साध्वी प्राची आदि आरोपियों के पेश नहीं होने के कारण आरोपियों पर आरोप तय नहीं हो सके। अदालत ने आरोप तय करने के लिए 29 मई की तारीख नियत की है।
जानसठ के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या हुई थी। इस कांड के विरोध में नंगला मंदौड़ में 31 अगस्त और सात सितंबर को महापंचायत हुई थी। इसके बाद जिले में दंगा भड़का था। इन महापंचायतों में भाजपा नेताओं ने भाग लिया था, तब सपा सरकार के निर्देश पर सिखेड़ा थाने पर डॉ संजीव बालियान, विधायक सुरेश राणा, विधायक संगीत सोम, भारतेंद्र सिंह, उमेश मलिक, साध्वी प्राची समेत 18 लोगों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने के दो मुकदमे दर्ज किए गए थे।
दोनों मुकदमे एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में चल रहे हैं। शुक्रवार को तारीख होने पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह आदि आरोपी कोर्ट में पेश हुए, जबकि विधायक संगीत सोम, मंत्री सुरेश राणा, साध्वी प्राची आदि आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
विज्ञापन
उनके अधिवक्ताओं की ओर से अदालत में हाजिरी माफी के प्रार्थना पत्र दिए गए। सभी आरोपियों के अदालत में पेश नहीं होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। इस पर न्यायालय ने आरोप तय करने के लिए 29 मई की तारीख नियत की है।
राजनेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं होंगे
मुजफ्फरनगर। कोर्ट में पेशी के बाद सांसद डॉ संजीव बालियान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि दंगे के दौरान राजनेताओं पर दर्ज हुए मुकदमे वापस नहीं होगे। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। दंगे के दौरान काफी संख्या में फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे, जिसमें सैकड़ों निर्दोष फंसे है। ऐसे 131 मुकदमे वापस लेने के लिए सरकार से आग्रह किया गया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
जानसठ के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या हुई थी। इस कांड के विरोध में नंगला मंदौड़ में 31 अगस्त और सात सितंबर को महापंचायत हुई थी। इसके बाद जिले में दंगा भड़का था। इन महापंचायतों में भाजपा नेताओं ने भाग लिया था, तब सपा सरकार के निर्देश पर सिखेड़ा थाने पर डॉ संजीव बालियान, विधायक सुरेश राणा, विधायक संगीत सोम, भारतेंद्र सिंह, उमेश मलिक, साध्वी प्राची समेत 18 लोगों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने के दो मुकदमे दर्ज किए गए थे।
विज्ञापन
दोनों मुकदमे एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में चल रहे हैं। शुक्रवार को तारीख होने पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह आदि आरोपी कोर्ट में पेश हुए, जबकि विधायक संगीत सोम, मंत्री सुरेश राणा, साध्वी प्राची आदि आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
विज्ञापन
उनके अधिवक्ताओं की ओर से अदालत में हाजिरी माफी के प्रार्थना पत्र दिए गए। सभी आरोपियों के अदालत में पेश नहीं होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। इस पर न्यायालय ने आरोप तय करने के लिए 29 मई की तारीख नियत की है।
राजनेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं होंगे
मुजफ्फरनगर। कोर्ट में पेशी के बाद सांसद डॉ संजीव बालियान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि दंगे के दौरान राजनेताओं पर दर्ज हुए मुकदमे वापस नहीं होगे। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। दंगे के दौरान काफी संख्या में फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे, जिसमें सैकड़ों निर्दोष फंसे है। ऐसे 131 मुकदमे वापस लेने के लिए सरकार से आग्रह किया गया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।