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Muzaffarnagar News: सीबीआई ने पेश की बृजेश कुमार की मृत्यु आख्या
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मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड से जुड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) बनाम राधा मोहन द्विवेदी मामले में अब 12 अक्तूबर को सुनवाई होगी। सीबीआई ने इस मामले में आरोपी रहे बृजेश कुमार की मृत्यु आख्या कोर्ट में पेश की है।
यह मामला एक अक्तूबर, 1994 की रात हुई घटना से संबंधित है। उस रात अलग राज्य की मांग के लिए आंदोलनकारी देहरादून से दिल्ली जा रहे थे। उनकी बसें रामपुर तिराहा पर रोकी गईं। इनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल थीं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रात करीब एक बजे बसें रोकीं। उन्होंने महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म किया था। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने इस मामले में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सीबीआई ने 25 जनवरी 1995 को पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। इन मुकदमों की सुनवाई अभी भी चल रही है।
एक अक्तूबर, 1994 को उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारी दिल्ली जा रहे थे। रात करीब एक बजे पुलिसकर्मियों ने रामपुर तिराहा पर उनकी बसें रोक लीं। इसके बाद महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म के आरोप लगे। इस घटना के बाद उत्तराखंड संघर्ष समिति ने कानूनी लड़ाई शुरू की। सीबीआई ने 25 जनवरी 1995 को पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।
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यह मामला एक अक्तूबर, 1994 की रात हुई घटना से संबंधित है। उस रात अलग राज्य की मांग के लिए आंदोलनकारी देहरादून से दिल्ली जा रहे थे। उनकी बसें रामपुर तिराहा पर रोकी गईं। इनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल थीं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रात करीब एक बजे बसें रोकीं। उन्होंने महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म किया था। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने इस मामले में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सीबीआई ने 25 जनवरी 1995 को पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। इन मुकदमों की सुनवाई अभी भी चल रही है।
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एक अक्तूबर, 1994 को उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारी दिल्ली जा रहे थे। रात करीब एक बजे पुलिसकर्मियों ने रामपुर तिराहा पर उनकी बसें रोक लीं। इसके बाद महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म के आरोप लगे। इस घटना के बाद उत्तराखंड संघर्ष समिति ने कानूनी लड़ाई शुरू की। सीबीआई ने 25 जनवरी 1995 को पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।
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