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Muzaffarnagar : अच्छी कमाई का झांसा देकर बंधक बनाए गए थे मजदूर, 12 श्रमिकों ने पुलिस को सुनाई आपबीती
Wed, 24 Jun 2026 01:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:30 AM IST
सार
नौकरी का सपना दिखाकर मजदूरों को बनाया गया बंधक! मुजफ्फरनगर की फैक्टरी से 12 मजदूर मुक्त, मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी की जांच शुरू।
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मजदूरों को बंधन मुक्त कराकर पकड़े गए आरोपी संवाद
विस्तार
मुजफ्फरनगर। करीब 26 साल पहले खेत में सोना खोदाई के बाद दुनियाभर में सुर्खियां बटोरने वाले मांडी गांव की दोना फैक्टरी में इंसानियत दफन कर दी गई। अलग-अलग जगहों से रोजी के लिए निकले मजदूर रोटी के लिए मोहताज हो गए। पशुओं के चोकर की रोटियां खानी पड़ी। पिटबुल के हमले झेले। तमंचों से डराया गया और बेल्ट से पीटा गया। वापस लौटने का भरोसा रोज टूटता और रोजाना उम्मीद की नई सुबह होती। बंधनमुक्त होने के बाद पुलिस लाइन में फूलों की माला पहनाई गई तो मजदूर भावुक हो गए।
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सोना खोदाई के साथ अपने पहलवानों के दम पर मांडी ने पहचान बनाई है। पुलिस ने फैक्टरी से मजदूर बंधनमुक्त कराए तो ग्रामीण भी हैरान रह गए। पूर्व प्रधान के पौत्र अंकित बालियान ने गांव के बाहर घेर में फैक्टरी लगाई। पिटबुल के डर से ग्रामीण उधर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है।
बंधनमुक्त कराकर पुलिस लाइन लाए गए आगरा के सोनू बताते हैं कि वह इंटर पास है। छह महीने पहले नौकरी के लिए घर से निकले थे। रेलवे स्टेशन पर मिलने आरोपी ने उन्हें अच्छी सैलरी, रहने की व्यवस्था और सीमित काम का झांसा देकर बंधक बना लिया।
उत्तराखंड के नैनीताल के रहने वाले मजदूर रामू ने बताया कि तड़के चार से रात 12 बजे तक काम कराया जाता था। सोने के लिए दो से तीन घंटे ही मिलते थे। बीमार होने पर भी छुट्टी नहीं ले सकते थे। आरोप है कि मालिक ने धमकी दी कि यहां से जिंदा नहीं जाओगे। मजदूर राजन ने बताया कि उसे आठ महीने प्रताड़ित किया गया।
ये है मामला
राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले विक्रम ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर रविवार को तितावी थाना पुलिस को जानकारी दी। एसएसपी संजय वर्मा ने पुलिस टीम गठित की। सोमवार को पुलिस मांडी पहुंची ओर दोना फैक्टरी से 12 मजदूरों को बंधन मुक्त कराया।
बंधनमुक्त कराकर पुलिस लाइन लाए गए आगरा के सोनू बताते हैं कि वह इंटर पास है। छह महीने पहले नौकरी के लिए घर से निकले थे। रेलवे स्टेशन पर मिलने आरोपी ने उन्हें अच्छी सैलरी, रहने की व्यवस्था और सीमित काम का झांसा देकर बंधक बना लिया।
उत्तराखंड के नैनीताल के रहने वाले मजदूर रामू ने बताया कि तड़के चार से रात 12 बजे तक काम कराया जाता था। सोने के लिए दो से तीन घंटे ही मिलते थे। बीमार होने पर भी छुट्टी नहीं ले सकते थे। आरोप है कि मालिक ने धमकी दी कि यहां से जिंदा नहीं जाओगे। मजदूर राजन ने बताया कि उसे आठ महीने प्रताड़ित किया गया।
ये है मामला
राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले विक्रम ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर रविवार को तितावी थाना पुलिस को जानकारी दी। एसएसपी संजय वर्मा ने पुलिस टीम गठित की। सोमवार को पुलिस मांडी पहुंची ओर दोना फैक्टरी से 12 मजदूरों को बंधन मुक्त कराया।
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पूर्व प्रधान का बेटा पकड़ा गया, पौत्र की तलाश
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि मांडी गांव निवासी फैक्टरी मालिक अंकित बालियान का पिता पूर्व प्रधान का बेटा प्रदीप बालियान, बुढ़ाना के उकावली निवासी सुपरवाइजर शिवा त्यागी को पकड़ लिया है। आरोपी अंकित और चौथे अज्ञात आरोपी की पुलिस शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है।
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से तलाशे जाते थे मजदूर
मांडी गांव में पांच सौ गज में बनाई फैक्टरी संचालित की जा रही थी। बंधनमुक्त कराए गए मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान के रहने वाले हैं। मजदूरों से पिछले डेढ़ साल से काम कराया जा रहा था। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे व अन्य स्थानों से उन्हें 10 से 12 हजार रुपये की नौकरी व खाना, रहने की सुविधाओं का लालच दिया जाता था।
पुलिस टीम को इनाम, फैक्टरी पर लगाई सील
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। मजदूरों के परिजनों को सूचना कराई गई है। चार मजदूरों के मोबाइल मिले हैं। अन्य के मोबाइल के बारे में जांच की जा रही है। पुलिस मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी अधिनियम, एससी/ एसटी एक्ट व हत्या समेत अन्य धाराओं में केस की जांच कर रही है। उधर, श्रम विभाग की टीम ने फैक्टरी पर सील लगा दी है। - संजय वर्मा, एसएसपी, मुजफ्फरनगर
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि मांडी गांव निवासी फैक्टरी मालिक अंकित बालियान का पिता पूर्व प्रधान का बेटा प्रदीप बालियान, बुढ़ाना के उकावली निवासी सुपरवाइजर शिवा त्यागी को पकड़ लिया है। आरोपी अंकित और चौथे अज्ञात आरोपी की पुलिस शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है।
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से तलाशे जाते थे मजदूर
मांडी गांव में पांच सौ गज में बनाई फैक्टरी संचालित की जा रही थी। बंधनमुक्त कराए गए मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान के रहने वाले हैं। मजदूरों से पिछले डेढ़ साल से काम कराया जा रहा था। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे व अन्य स्थानों से उन्हें 10 से 12 हजार रुपये की नौकरी व खाना, रहने की सुविधाओं का लालच दिया जाता था।
पुलिस टीम को इनाम, फैक्टरी पर लगाई सील
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। मजदूरों के परिजनों को सूचना कराई गई है। चार मजदूरों के मोबाइल मिले हैं। अन्य के मोबाइल के बारे में जांच की जा रही है। पुलिस मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी अधिनियम, एससी/ एसटी एक्ट व हत्या समेत अन्य धाराओं में केस की जांच कर रही है। उधर, श्रम विभाग की टीम ने फैक्टरी पर सील लगा दी है। - संजय वर्मा, एसएसपी, मुजफ्फरनगर
दो मजदूरों का सुराग नहीं, एक की लाश का दावा
दोना फैक्टरी में काम करने वाले तीन मजदूर गायब बताए गए हैं। इनमें नेपाल निवासी अर्जुन का शव नवंबर 2025 में बोरे में बरामद हुआ था। लापता दो लोगों के बारे में अभी कुछ पता नहीं लग पाया है। एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी अंकित बालियान की गिरफ्तारी के बाद लापता लोगों के बारे में जानकारी मिल जाएगी। यह भी आरोप लगाया गया कि यातनाओं से मरने के बाद मजदूरों के शवों को लावारिस में फेंक दिया जाता था। अर्जुन की लाश का पोस्टमार्टम कराया गया था। बंधनमुक्त मजदूरों ने पुलिस को बताया कि अर्जुन को भी फैक्टरी में ही यातना दी गई थी।
बंधन मुक्त कराए मजदूर
रामू – निवासी नैनीताल
सोनू चौहान – निवासी आगरा
संतोष हेमाराम – निवासी बिहार
शिवम् कुमार – निवासी औरैया
नारायण मेताव – निवासी छत्तीसगढ़
राज हंस – निवासी बिहार
रंजीत– निवासी मुजफ्फरपुर बिहार
उज्ज्वल – निवासी बिहार
दिलशाद– निवासी अमरोहा
जगदीश– निवासी सीतापुर
साहिल- निवासी सोनीपत हरियाणा
संतोष हैनवरण- निवासी बिहार
विक्रम (लापता) – निवासी जोधपुर, राजस्थान
विशाल (लापता) – निवासी आजमगढ़
राजू (लापता) – निवासी हरि गांव सीतापुर
दोना फैक्टरी में काम करने वाले तीन मजदूर गायब बताए गए हैं। इनमें नेपाल निवासी अर्जुन का शव नवंबर 2025 में बोरे में बरामद हुआ था। लापता दो लोगों के बारे में अभी कुछ पता नहीं लग पाया है। एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी अंकित बालियान की गिरफ्तारी के बाद लापता लोगों के बारे में जानकारी मिल जाएगी। यह भी आरोप लगाया गया कि यातनाओं से मरने के बाद मजदूरों के शवों को लावारिस में फेंक दिया जाता था। अर्जुन की लाश का पोस्टमार्टम कराया गया था। बंधनमुक्त मजदूरों ने पुलिस को बताया कि अर्जुन को भी फैक्टरी में ही यातना दी गई थी।
बंधन मुक्त कराए मजदूर
रामू – निवासी नैनीताल
सोनू चौहान – निवासी आगरा
संतोष हेमाराम – निवासी बिहार
शिवम् कुमार – निवासी औरैया
नारायण मेताव – निवासी छत्तीसगढ़
राज हंस – निवासी बिहार
रंजीत– निवासी मुजफ्फरपुर बिहार
उज्ज्वल – निवासी बिहार
दिलशाद– निवासी अमरोहा
जगदीश– निवासी सीतापुर
साहिल- निवासी सोनीपत हरियाणा
संतोष हैनवरण- निवासी बिहार
विक्रम (लापता) – निवासी जोधपुर, राजस्थान
विशाल (लापता) – निवासी आजमगढ़
राजू (लापता) – निवासी हरि गांव सीतापुर