मुजफ्फरनगर। वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर यज्ञ एवं सत्संग में वेदों के सत्य ज्ञान से युवाओं को जोड़ने का आह्वान किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि आर्य समाज राष्ट्र भक्त संस्था है। ऋषि दयानंद ने वेदों की क्रांति से देश को अंधविश्वास, पाखंड से बचाया।
संतोष विहार में आयोजित यज्ञ में वेद मंत्रों से आहुतियां दी गई। जोधपुर से पधारे अखिल भारतीय जांगिड ब्राह्मण महासभा के प्रतिनिधि मंडल को महर्षि दयानंद की कृति ‘सत्यार्थ प्रकाश’ भेंट की गई। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि आर्य समाज देश की एकता, अखंडता और वैदिक संस्कृति को समर्पित संस्था है। ऋषि दयानंद ने स्वराज के उद्घोष से आजादी आंदोलन में लाखों क्रांतिवीरों ने संघर्ष, त्याग और बलिदान दिया। बुराइयों के उन्मूलन को गांव-गांव में वेदों की ज्योति जलाई जाए। युवा यज्ञ, योग, गुरुकुल, वैदिक ज्ञान से जुड़े। वरिष्ठ अधिवक्ता पुखराज जांगिड़ ने कहा कि आर्य समाज से संस्कारों की प्रेरणा मिलती है। जय नारायण जांगिड़, सूरजमल जांगिड़, हस्ती मल डोयल, महेश मंगलाव ने विचार रखे। सोहन लाल सुथार, किशोरीलाल भदरेचा, निंबाराम जांगिड़, अथर्व भारद्वाज, हर्षवर्धन, देवांश जांगिड़ आदि मौजूद रहे।