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Muzaffarnagar News: प्रस्ताव निरस्त होने के बावजूद किराया निर्धारित
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका बोर्ड बैठक में प्रस्ताव निरस्त होने के बावजूद किराया बढ़ोतरी और नामांतरण को लेकर आख्या दे दी गई। आख्या पालिका ईओ को अग्रसारित किए जाने पर मामला खुला। इसके बाद ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कर निर्धारण अधिकारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब कर लिया। ईओ ने आरोप लगाया कि षड्यंत्र के तहत उन्हें और चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को गुमराह करने का कुछ लोगों की ओर से प्रयास किया गया।
टैक्स विभाग के कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने पालिका की ओर से निर्मित दुकानों में किराया बढ़ोतरी एवं मृतक आश्रितों के नामांतरण की लगभग 23 पत्रावलियां अधिशासी अधिकारी डाॅ. प्रज्ञा सिंह के समक्ष भेजी हैं।
इसमें कर निर्धारण अधिकारी ने प्रस्ताव संख्या-448 का हवाला देकर बिंदू संख्या-2 के अनुसार नामांतरण के लिए शुल्क एक हजार रुपये जमा कराने, नामांतरण व अनुबंध की अग्रिम कार्रवाई के लिए पत्रावलियां प्रस्तुत की थीं। इसको लेकर अधिशासी अधिकारी नाराज हो गईं।
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कर निर्धारण अधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि नगर पालिका की 30 जनवरी को बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी, इनमें प्रस्ताव संख्या-448 पर सर्वसम्मति नहीं बनने पर उसे अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करना पारित किया गया। इसके बावजूद टीओ यानि कर निर्धारण अधिकारी की ओर से षड्यंत्र के तहत गुमराह कर आख्या दी गई।
उन्होंने कहा कि अगर चेयरपर्सन की ओर से आख्या स्वीकृति का अनुमोदन दे दिया जाता तो यह स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आ जाता। उन्होंने कहा कि कर निर्धारण अधिकारी की ओर से दी गई आख्या विश्वासघात प्रतीत होती है।
उन्होंने पत्रावलियां जान बूझकर रोकने के आरोप को भी निराधार बताया। इस पूरे प्रकरण को लेकर ईओ डॉक्टर प्रज्ञा सिंह ने नियम विरुद्ध आख्या, गुमराह करने संबंधित कार्य पर कर निर्धारण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसको लेकर दोनों अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति है।
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका बोर्ड बैठक में प्रस्ताव निरस्त होने के बावजूद किराया बढ़ोतरी और नामांतरण को लेकर आख्या दे दी गई। आख्या पालिका ईओ को अग्रसारित किए जाने पर मामला खुला। इसके बाद ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कर निर्धारण अधिकारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब कर लिया। ईओ ने आरोप लगाया कि षड्यंत्र के तहत उन्हें और चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को गुमराह करने का कुछ लोगों की ओर से प्रयास किया गया।
टैक्स विभाग के कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने पालिका की ओर से निर्मित दुकानों में किराया बढ़ोतरी एवं मृतक आश्रितों के नामांतरण की लगभग 23 पत्रावलियां अधिशासी अधिकारी डाॅ. प्रज्ञा सिंह के समक्ष भेजी हैं।
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इसमें कर निर्धारण अधिकारी ने प्रस्ताव संख्या-448 का हवाला देकर बिंदू संख्या-2 के अनुसार नामांतरण के लिए शुल्क एक हजार रुपये जमा कराने, नामांतरण व अनुबंध की अग्रिम कार्रवाई के लिए पत्रावलियां प्रस्तुत की थीं। इसको लेकर अधिशासी अधिकारी नाराज हो गईं।
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कर निर्धारण अधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि नगर पालिका की 30 जनवरी को बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी, इनमें प्रस्ताव संख्या-448 पर सर्वसम्मति नहीं बनने पर उसे अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करना पारित किया गया। इसके बावजूद टीओ यानि कर निर्धारण अधिकारी की ओर से षड्यंत्र के तहत गुमराह कर आख्या दी गई।
उन्होंने कहा कि अगर चेयरपर्सन की ओर से आख्या स्वीकृति का अनुमोदन दे दिया जाता तो यह स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आ जाता। उन्होंने कहा कि कर निर्धारण अधिकारी की ओर से दी गई आख्या विश्वासघात प्रतीत होती है।
उन्होंने पत्रावलियां जान बूझकर रोकने के आरोप को भी निराधार बताया। इस पूरे प्रकरण को लेकर ईओ डॉक्टर प्रज्ञा सिंह ने नियम विरुद्ध आख्या, गुमराह करने संबंधित कार्य पर कर निर्धारण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसको लेकर दोनों अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति है।