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Muzaffarnagar News: विधान परिषद चुनाव के लिए बनाया कंट्रोल रूम, पहचान पत्र अनिवार्य
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जिला पंचायत सभागार में बैठक लेते डीएम उमेश मिश्रा : स्रोत सूचना विभाग
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक एवं मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के अलावा शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। मतदान के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने या संशोधन, मतदाता पंजीकरण और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित शिकायतें भी यहां प्राप्त की जाएंगी।
प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 0131-2433023 है। व्हाट्सएप नंबर 9412210080 भी उपलब्ध है। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता, शिक्षक, स्नातक और अभ्यर्थी इन नंबरों पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
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एडीएम प्रशासन देश दीपक सिंह ने बताया कि शिकायतों की प्रगति की निगरानी की जाएगी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का प्रयास होगा। गंभीर शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाएगा।
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शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
शिकायत भेजते समय शिकायतकर्ता को अपना नाम और संपर्क नंबर देना होगा। शिकायत का स्पष्ट विवरण, घटना का स्थान और समय भी बताना अनिवार्य है। उपलब्ध सहायक साक्ष्य भी अवश्य उपलब्ध कराएं। इससे शिकायत की जांच और आवश्यक कार्रवाई में सुविधा होगी।
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निर्वाचक नामावलियों में नाम जोड़ने के लिए लगाए जाएं कैंप : डीएम
फोटो
मुजफ्फरनगर। डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के बाद होने वाले विशेष अभियान पर चर्चा की गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अभियान की जानकारी दी। निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने के लिए बूथ स्तर पर कैंप भी लगाए जाएंगे। रात्रि आश्रयों, लेबर कॉलोनियों और आश्रयहीन व्यक्तियों के लिए विशेष कैंप आयोजित होंगे
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) निर्वाचक नामावलियों की तुलना करेंगे। वह वर्तमान नामावली (10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित) को पिछली नामावली (7 जनवरी 2025 को प्रकाशित) से मिलाएंगे। ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा जिनके नाम पुरानी सूची में थे, पर वर्तमान में नहीं हैं।
बीएलओ घर-घर जाकर इन मतदाताओं की वर्तमान स्थिति का सत्यापन करेंगे। पात्र व्यक्तियों को फार्म-6 के माध्यम से नामावली में नाम शामिल करने में सहायता दी जाएगी। प्रत्येक बीएलओ एक सप्ताह में कम से कम 20-25 मतदाताओं से संपर्क करेगा। सीडीओ कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, एडीएम देश दीप सिंह मौजूद रहे। ब्यूरो
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मेरठ खंड स्नातक-शिक्षक चुनाव: मतदान के लिए पहचान पत्र अनिवार्य
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव 23 अक्तूबर को होंगे। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि प्रतिरूपण रोकने के लिए मतदान में पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। मतदाताओं को मत देने से पहले अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। जो मतदाता यह पहचान पत्र नहीं दिखा पाते, उन्हें पहचान के लिए वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। राज्य/केंद्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों या निजी औद्योगिक घरानों के सेवा पहचान-पत्र भी मान्य होंगे। सांसदों, विधायकों, पार्षदों के सरकारी पहचान-पत्र भी स्वीकार किए जाएंगे। शैक्षिक संस्थाओं के सेवा पहचान-पत्र और विश्वविद्यालय की डिग्री/डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र भी विकल्प हैं। दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं। ब्यूरो
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दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने या संशोधन, मतदाता पंजीकरण और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित शिकायतें भी यहां प्राप्त की जाएंगी।
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प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 0131-2433023 है। व्हाट्सएप नंबर 9412210080 भी उपलब्ध है। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता, शिक्षक, स्नातक और अभ्यर्थी इन नंबरों पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
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एडीएम प्रशासन देश दीपक सिंह ने बताया कि शिकायतों की प्रगति की निगरानी की जाएगी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का प्रयास होगा। गंभीर शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाएगा।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
शिकायत भेजते समय शिकायतकर्ता को अपना नाम और संपर्क नंबर देना होगा। शिकायत का स्पष्ट विवरण, घटना का स्थान और समय भी बताना अनिवार्य है। उपलब्ध सहायक साक्ष्य भी अवश्य उपलब्ध कराएं। इससे शिकायत की जांच और आवश्यक कार्रवाई में सुविधा होगी।
निर्वाचक नामावलियों में नाम जोड़ने के लिए लगाए जाएं कैंप : डीएम
फोटो
मुजफ्फरनगर। डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के बाद होने वाले विशेष अभियान पर चर्चा की गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अभियान की जानकारी दी। निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने के लिए बूथ स्तर पर कैंप भी लगाए जाएंगे। रात्रि आश्रयों, लेबर कॉलोनियों और आश्रयहीन व्यक्तियों के लिए विशेष कैंप आयोजित होंगे
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) निर्वाचक नामावलियों की तुलना करेंगे। वह वर्तमान नामावली (10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित) को पिछली नामावली (7 जनवरी 2025 को प्रकाशित) से मिलाएंगे। ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा जिनके नाम पुरानी सूची में थे, पर वर्तमान में नहीं हैं।
बीएलओ घर-घर जाकर इन मतदाताओं की वर्तमान स्थिति का सत्यापन करेंगे। पात्र व्यक्तियों को फार्म-6 के माध्यम से नामावली में नाम शामिल करने में सहायता दी जाएगी। प्रत्येक बीएलओ एक सप्ताह में कम से कम 20-25 मतदाताओं से संपर्क करेगा। सीडीओ कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, एडीएम देश दीप सिंह मौजूद रहे। ब्यूरो
मेरठ खंड स्नातक-शिक्षक चुनाव: मतदान के लिए पहचान पत्र अनिवार्य
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव 23 अक्तूबर को होंगे। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि प्रतिरूपण रोकने के लिए मतदान में पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। मतदाताओं को मत देने से पहले अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। जो मतदाता यह पहचान पत्र नहीं दिखा पाते, उन्हें पहचान के लिए वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। राज्य/केंद्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों या निजी औद्योगिक घरानों के सेवा पहचान-पत्र भी मान्य होंगे। सांसदों, विधायकों, पार्षदों के सरकारी पहचान-पत्र भी स्वीकार किए जाएंगे। शैक्षिक संस्थाओं के सेवा पहचान-पत्र और विश्वविद्यालय की डिग्री/डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र भी विकल्प हैं। दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं। ब्यूरो