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काकड़ा से किसान आंदोलन खड़ा करने के लिए बजाया रणसिंघा

Sun, 29 May 2022 09:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 09:57 PM IST
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Ranasingha played to start a farmers' movement from Kakra
मुजफ्फरनगर : काकड़ा महापंचायत को संबोधित करते गठवाला खाप के श्याम सिंह मलिक। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। काकड़ा की किसान-मजदूर पंचायत से फिर किसान आंदोलन खड़ा करने के लिए रणसिंघा बजाया गया। खाप चौधरियों और किसानों से एकजुटता का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। चुनावी घोषणापत्र में बिजली मुफ्त करने का एलान किया था, लेकिन ट्यूबवेलों पर मीटर लगाए जा रहे हैं। सरकार पर तोड़फोड़ की राजनीति करने का आरोप लगाया।
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स्वामी कल्याण देव कन्या इंटर कॉलेज के मैदान पर आयोजित पंचायत में भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि खाप पंचायतों के दम पर ही किसान आंदोलन चला था। सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। पर्चे दर्ज किए जाने से किसान दबने वाला नहीं है। सरकार कान खोलकर सुन लें, किसान आंदोलन को दबने वाला नहीं है।
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मुकाबला होगा, सरकार तोड़फोड़ की राजनीति करती है। यूपी में हिंदु-मुस्लिम कराती है। हरियाणा में जाट और गैरजाट, गुजरात में पटेल और गैर पटेल, महाराष्ट्र में मराठा और गैरा मराठा की बात करते हैं। पंजाब में हिंदू और सिख की बात करते हैं। किसानों से आंदोलन मजबूत करने की बात कही। बड़े आंदोलन की तैयारी करनी पड़ेगी।
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भाकियू महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि किसानों को एकजुट होकर अपने हकों के लिए संघर्ष करना होगा। किसान आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। साढ़े चार माह का विश्राम किसानों ने कर लिया।
सेना भर्ती के लिए पीएम का जताया आभार
पंचायत में चौधरी राकेश टिकैत ने सेना भर्ती शुरू कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पत्र लिखने के बाद प्रधानमंत्री ने भर्ती को हरी झंडी दी है।
शामली-मुजफ्फरनगर में नहीं गड़ने देंगे खंभे
पंचायत में एलान किया गया कि जब तक शामली और मुजफ्फरनगर में मुआवजा तय नहीं हो जाता किसान बिजली लाइन के खंभे नहीं गड़ने देंगे। दोनों जिलों के डीएम से बैठकर किसानों के मुआवजे पर बात होगी।
आंदोलन एक पार्टी के खिलाफ नहीं
भाकियू प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाने साधे। साथ में यह भी कि आंदोलन किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं है। सरकार की नीति के खिलाफ है। अधिकारियों के माध्यम से किसानों को दबाने का काम किया जा रहा है। यूपी सरकार डराने का काम न करें।

हमने महात्मा को संघर्ष करते देखा : मलिक
मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि भाकियू के गठन के हम साक्षी है। किसानों के लिए चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने संघर्ष किया। कुछ लोगों ने संगठन को तोड़ने का असफल प्रयास किया है। संघर्ष के लोग कभी टूटा नहीं करते। मुजफ्फरनगर के लोग भाकियू के ऋणी रहेंगे, किसानों को आवाज देने का काम किया है।
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