{"_id":"6925bae3ea6ae19c8b027546","slug":"rampur-tiraha-case-update-court-summons-two-accused-from-jail-cbi-ordered-to-present-witness-on-nov-28-2025-11-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रामपुर तिराहा कांड: तीन आरोपियों की हाजिरी माफी मंजूर, 2 जेल से तलब; सीबीआई को 28 नवंबर को पेश करने होंगे गवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामपुर तिराहा कांड: तीन आरोपियों की हाजिरी माफी मंजूर, 2 जेल से तलब; सीबीआई को 28 नवंबर को पेश करने होंगे गवाह
Tue, 25 Nov 2025 07:50 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Tue, 25 Nov 2025 07:50 PM IST
सार
रामपुर तिराहा कांड की सुनवाई में मंगलवार को तीन आरोपियों की ओर से हाजिरी माफी पत्र दिया गया, जबकि अदालत ने दो अन्य आरोपियों को जेल से तलब किया है। कोर्ट ने सीबीआई को 28 नवंबर को गवाह पेश करने के आदेश दिए हैं। मामला 2004 से लंबित है।
विज्ञापन
रामपुर तिराहा कांड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रामपुर तिराहा कांड की सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी पत्रावली में तीन आरोपियों की ओर से हाजिरी माफी प्रार्थनापत्र दिया गया। अदालत ने सीबीआई को आदेश दिए कि 28 नवंबर को गवाह को उपस्थित किया जाए। दो आरोपी अगली तिथि पर जेल से तलब किए गए हैं।
विज्ञापन
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या- नौ में सुनवाई हुई। आरोपी ब्रिजेश कुमार, संजीव कुमार और कंवरपाल की ओर से हाजिरी माफी प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया। अभियुक्त मिलाप सिंह और वीरेंद्र प्रताप जेल में बंद है। अन्य आरोपी अदालत में पेश हुए।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: नीला ड्रम केस: जेल में नशा छोड़ा-धार्मिक हो गई मुस्कान, बेटी को देखते ही कहा-'राधा', बेटा होता तो रखती ये नाम?
विज्ञापन
अदालत ने जेल में बंद आरोपियों को अगली सुनवाई तिथि पर तलब किया। अदालत ने कहा कि प्रकरण 2004 से लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि 20 से 30 साल पुरानी पत्रावलियों का निस्तारण किया जाए।
सीबीआई को आदेश दिए कि अगली तिथि पर गवाह को पेश किया जाए।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 की रात अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। इनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल थीं। पुलिसकर्मियों ने रात करीब एक बजे रामपुर तिराहा पर बस रुकवा ली गई। आरोप है कि महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म किया। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 25 जनवरी 1995 को सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे, जिसकी सुनवाई चल रही है। मुजफ्फरनगर में अब तीन पत्रावलियों पर सुनवाई चल रही है।
सीबीआई को आदेश दिए कि अगली तिथि पर गवाह को पेश किया जाए।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 की रात अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। इनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल थीं। पुलिसकर्मियों ने रात करीब एक बजे रामपुर तिराहा पर बस रुकवा ली गई। आरोप है कि महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म किया। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 25 जनवरी 1995 को सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे, जिसकी सुनवाई चल रही है। मुजफ्फरनगर में अब तीन पत्रावलियों पर सुनवाई चल रही है।