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उद्यान विभाग की जमीन को लेकर पालिका में रार

Sun, 11 Oct 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2020 11:57 PM IST
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Rage in garden department and municipality over land
जमीन को लेकर उद्यान विभाग और पालिका में रार
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मुजफ्फरनगर। कंपनी बाग की 46 बीघा भूमि को लेकर नगर पालिका और उद्यान विभाग के बीच रार बढ़ती जा रही है। दीवार गिराए जाने पर पालिका ईओ और कर अधीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सभासद इस मामले में लामबंद हो गए हैं। सभासदों ने उद्यान विभाग पर 35 बीघा जमीन पर अवैैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को उक्त जमीन की पैमाइश कराने की बात कही है।
उद्यान विभाग को वर्ष 1992 में तत्कालीन डीएम द्वारा कमला नेहरू वाटिका में पौधशाला और कार्यालय के लिए 99 साल की लीज पर कुछ भूमि दी थी। चार दिन पूर्व नगरपालिका ने कंपनी बाग में कराई गई उद्यान विभाग की बाउंड्री वॉल को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया था, जिसके बाद उद्यान अधिकारी सत्येंद्र पाल मान द्वारा पालिका ईओ विनय मणि त्रिपाठी व कर अधीक्षक आरडी पौड़वाल सहित 60-70 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसके बाद से ही नगरपालिका और उद्यान विभाग के बीच रार शुरू हो गई है। नगरपालिका के व्हाट्सएप ग्रुप एनसीपी पर चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल व सभी सभासदों द्वारा इस रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उद्यान विभाग पर कंपनी बाग की 35 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। सभासद राजीव शर्मा ने कहा कि उद्यान विभाग को केवल 11 बीघा जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन विभाग द्वारा बाग की 46 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। सभासदों का कहना है कि उद्यान विभाग के पास यदि 46 बीघा भूमि की लीज के कागजात हैं, तो वह बोर्ड में उन्हें प्रस्तुत करे। सभासदों ने इस मामले में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल से भी मिलने की बात कही है। सभासद राजीव शर्मा का कहना है कि सोमवार को पालिका के ड्राफ्टमैन राजेश्वर सिंह को उक्त जमीन की पैमाइश कराने के लिए भेजे जाने पर सहमति बनी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रस्ताव पारित होने के बाद ही ध्वस्त कराई गई थी दीवार
मुजफ्फरनगर। कंपनी बाग स्थित उद्यान विभाग की दीवार को ध्वस्त कराए जाने का प्रस्ताव सात अक्तूबर को हुई बोर्ड बैठक में रखा गया था। वार्ड संख्या-17 के सभासद राजीव शर्मा ने उद्यान विभाग पर कंपनी बाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर दीवार बनाने का मामला उठाते हुए उसे ध्वस्त कराकर कंपनी बाग की भूमि सुरक्षित करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया था। इसके बाद ही चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने ईओ विनय मणि त्रिपाठी को उद्यान विभाग की दीवार ध्वस्त कराने के निर्देश दिए थे। इसके चलते ईओ, कर अधीक्षक व पालिका कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से उद्यान विभाग की दीवार को ध्वस्त कर दिया था।
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18 अगस्त 1992 को आवंटित हुई थी जमीन
मुजफ्फरनगर। जिला उद्यान विभाग को कंपनी बाग में 11.5 बीघा जमीन कार्यालय व पौधशाला के लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने के लिए तत्कालीन डीएम ने 27 जुलाई 1991 को शासन को पत्र लिखा था। इसके जवाब में शासन के तत्कालीन अनुसचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने 18 अगस्त 1992 को डीएम को पत्र लिखकर भूमि हस्तांतरित करने की अनुमति दी थी। जिसके बाद जिला उद्यान विभाग को कंपनी बाग की 9246.69 वर्ग मीटर नजूल भूमि हस्तांतरित की गई थी। पालिका सभासदों का आरोप है कि उक्त भूमि करीब 11.5 बीघा बैठती है, लेकिन विभाग द्वारा कंपनी बाग की इससे अलग 35 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया।
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