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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Police could not present even a single witness in 17 years, Salim acquitted after 27 years

Muzaffarnagar News: 17 साल में एक भी गवाह पेश नहीं कर सकी पुलिस, 27 साल बाद बरी हुआ सलीम

Sun, 09 Feb 2025 01:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 01:04 AM IST
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Police could not present even a single witness in 17 years, Salim acquitted after 27 years
मुजफ्फरनगर। चोरी का सामान बरामद होने के मामले को अभियोजन पक्ष 27 साल में भी आरोपी पर साबित नहीं कर पाया। मुकदमा दर्ज कराने वाली पुलिस 17 साल में एक भी गवाह अदालत में पेश नहीं कर सकी। साक्ष्य के अभाव में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल ने आरोपी बनाए गए सलीम को दोषमुक्त करार दिया।
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शहर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार, सिपाही असलम व नगेंद्र 25 जुलाई 1999 को चुंगी नंबर दो पर ड्यूटी कर रहे थे। पुलिस ने सरवट चौराहे की तरफ से आते हुए मूल रूप से मेरठ के सरधना और तब मिमलाना रोड पर रह रहे सलीम को पकड़कर तलाशी ली। पुलिस का कहना था कि सलीम के थैले से वीडियो गेम, बेल्ट के छल्ले, घड़ी के फीते और कड़े समेत अन्य सामान बरामद हुआ।
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वादी हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और चालान कर दिया। पुलिस का कहना था कि आरोपी बरामद सामान को कभी मेरठ तो कभी मुजफ्फरनगर से चोरी करने की बात कहता रहा। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी पर दो जुलाई 2008 को आरोप तय हुए।
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प्रकरण की सुनवाई सीजेएम ने की। अभियोजन की गवाही के समय को 17 साल बीत गए, लेकिन पुलिस एक भी गवाह अदालत में पेश नहीं कर पाई। इस केस में अभियोजन की ओर से गवाहों को तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र तक नहीं दिया गया। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी सलीम को दोषमुक्त करार दिया है। हालांकि आरोपी जमानत पर चल रहा था।

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इनसेट
इस सामान की दिखाई थी बरामदगी
सैल वाला वीडियो गेम, चार छोटे रेडियो, चार पीतल के बेल्ट के छल्ले, घड़ी के 14 फीते, पीतल के 14 कड़े, चॉबी के छल्ले, प्लास कटर, दो नाखून कटर और अलग-अलग तरह की आठ घड़ी।


इनसेट
पत्रावली पर यह किया पेश
पुलिस की ओर से कोर्ट में आरोप पत्र, नकल तहरीर, चिक एफआईआर, नक्शा नजरी, फर्द बरामदगी का प्रपत्र और सीडी की कॉपी अदालत में पेश की गई थी।
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