देवबंद (सहारनपुर)। प्राचीन सिद्धपीठ श्री राधा वल्लभ मंदिर में श्री राधा नवरंगी लाल जी महाराज के सांझी उत्सव में रविवार को रसिकों ने रास मंडल की सांझी को रंग-बिरंगे फूलों से उकेरा। रास मंडल में ठाकुर जी और श्री राधेरानी अपनी अष्ट सखियों गोपियों के साथ रास करते हैं। मंदिर के सेवाधिकारी नीरज गोस्वामी ने बताया कि श्री हिताचार्य महाप्रभु गोस्वामी श्री हित हरिवंशचंद्र महाराज ने अपनी वाणी में इस युगल प्रेम विहार का वर्णन किया है । इस महारास में शामिल होने के लिए महादेव को भी गोपी भेष धारण करना पड़ा था, चूंकि ठाकुर जी और राधेरानी के रास में प्रवेश केवल गोपियों को ही मिलता है, इसीलिए भगवान भोले नाथ को गोपेश्वर महादेव भी कहा जाता है। सांझी के पद फूलन बीनन हो गयी सखी और वन की लीला लाल ही भावे का नित्य गायन करते हैं। रविवा को सांझी की रचना टीना गोस्वामी, अनुष्का गोस्वामी, पुष्पा गोयल, मीनाक्षी गोयल, सारिका गर्ग, रेखा गोयल, शैली सिंघल, रानी गोयल, चारु सिंघल, कल्पना गर्ग और रितिका गर्ग ने मिलकर की। जबकि सुशील गोयल, मनोज गोयल, विकास गर्ग, प्रदीप गोयल, अमित कंसल, अरुण गोयल, सतेंद्र बंसल, सचिन सिंघल और विजय गर्ग ने सांझी उत्सव का पद गायन किया।

श्री राधा वल्लभ मंदिर में सांझी उत्सव में रास मंडल की सांझी बनाती महिलाएं- फोटो : DEVBAND