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जेल गया श्रीराम ही करता था उगाही
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जेल गया श्रीराम ही करता था उगाही
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर की एसओजी द्वारा जेल भेजा गया श्रीराम कनौजिया डीसओ ऑफिस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था और जून में सेवानिवृत्त हो गया था। बावजूद इसके 11 दिसंबर तक वह गाड़ी में अधिकारियों के साथ देखा गया। जिले में उगाही का कार्य श्रीराम ही कर रहा था।
डीएसओ ऑफिस के कर्मचारी श्रीराम कनौजिया की गिरफ्तारी से विभाग पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गया है। 30 जून को श्रीराम की सेवानिवृत्ति हो गई थी, बावजूद इसके वह विभाग की गाड़ी चलाते हुए कुछ लोगों ने देखा, इसकी शिकायत पुलिस तक भी पहुंची है।
सहारनपुर की एसओजी के गिरफ्तार करने के बाद पूरा विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। यह भी साफ हो गया है कि विभाग में किस तरह अवैध वसूली का धंधा चल रहा है। पंपों से लेकर राशन की दुकानों तक से सीधे वसूली की जिम्मेदारी इसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की थी। श्रीराम कनौजिया 11 दिसंबर तक विभाग के जिम्मेदारी अधिकारी के साथ देखा गया है।
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हमारा कोई संबंध नहीं: शुक्ला
जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला का कहना है कि श्रीराम कनौजिया विभाग से 30 जून को रिटायर हो चुका है। अब विभाग का उससे कोई संबंध नहीं है।
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मुजफ्फरनगर। सहारनपुर की एसओजी द्वारा जेल भेजा गया श्रीराम कनौजिया डीसओ ऑफिस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था और जून में सेवानिवृत्त हो गया था। बावजूद इसके 11 दिसंबर तक वह गाड़ी में अधिकारियों के साथ देखा गया। जिले में उगाही का कार्य श्रीराम ही कर रहा था।
डीएसओ ऑफिस के कर्मचारी श्रीराम कनौजिया की गिरफ्तारी से विभाग पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गया है। 30 जून को श्रीराम की सेवानिवृत्ति हो गई थी, बावजूद इसके वह विभाग की गाड़ी चलाते हुए कुछ लोगों ने देखा, इसकी शिकायत पुलिस तक भी पहुंची है।
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सहारनपुर की एसओजी के गिरफ्तार करने के बाद पूरा विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। यह भी साफ हो गया है कि विभाग में किस तरह अवैध वसूली का धंधा चल रहा है। पंपों से लेकर राशन की दुकानों तक से सीधे वसूली की जिम्मेदारी इसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की थी। श्रीराम कनौजिया 11 दिसंबर तक विभाग के जिम्मेदारी अधिकारी के साथ देखा गया है।
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हमारा कोई संबंध नहीं: शुक्ला
जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला का कहना है कि श्रीराम कनौजिया विभाग से 30 जून को रिटायर हो चुका है। अब विभाग का उससे कोई संबंध नहीं है।