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स्कूल बंद होने के बाद फिर से शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई

Fri, 23 Apr 2021 12:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 12:22 AM IST
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Online education resumed after school closure
खतौली के गांव भूड़ क्षेत्र में कक्षा प्ले और एलकेजी के बच्चों को ऑनलाईन पढाई कराते हुए। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
स्कूल बंद होने के बाद फिर से शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई
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मुजफ्फरनगर, खतौली। कोविड-19 के लगातार बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर एक बार फिर शासन द्वारा कक्षा-12 तक के स्कूलों को बंद करा दिया गया है। ऐसे में शिक्षा सत्र जारी रखने के लिए स्कूल संचालकों ने एक बार फिर से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करा दी है। हालांकि नेटवर्क बाधित होने के साथ ही सभी परिवारों पर स्मार्ट फोन की अनुपलब्धता के चलते छात्र व अभिभावकों की परेशानियों में फिर से इजाफा होने लगा है।
पिछले वर्ष की तरह वर्तमान शैक्षिक सत्र पर भी कोविड-19 का खतरा मंडरा रहा है। कोरोना प्रभावित मरीजों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही शासन द्वारा एक बार फिर से स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। नतीजतन शैक्षिक सत्र सुचारु रखने के लिए स्कूल संचालकों ने एक बार फिर से ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा लेना शुरू कर दिया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा फिर से कक्षाओं के हिसाब से व्हाट्सएप ग्रुप तैयार कर उनमें बच्चों के अभिभावकों को जोड़ा गया है।
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इस ग्रुप के माध्यम से ही कक्षा अध्यापक बच्चों को रोजाना का होमवर्क भेजते हुए उसके उत्तर मंगा रहे हैं। ऐसे में जिन घरों में स्मार्टफोन नहीं है या फिर बच्चों की संख्या एक से अधिक है, उनमें बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही मोबाइल नेटवर्क की समस्या के चलते बच्चे ऑनलाइन हो रही पढ़ाई में उपस्थिति भी दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। वहीं, जिन अभिभावकों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, उनके बच्चे भी शैक्षिक सत्र में पिछड़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी स्कूल प्रबंधन की इस ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। कस्बे के भूड़ क्षेत्र निवासी महिलाओं गुड़िया, प्रीति गुप्ता, बरखा, कोमल गौड़ व कमला देवी का कहना है कि पिछले वर्ष बच्चे एक बार भी स्कूल नहीं गए, लेकिन स्कूल संचालकों द्वारा पूरे वर्ष की फीस वसूली की गई। इस बार भी स्कूल खुलने की संभावना न के बराबर है, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई के बहाने से स्कूल संचालक फीस वसूली का दबाव बनाते हैं। वहीं, ऑनलाइन भेजा जा रहा होमवर्क भी बच्चे समय से नहीं कर पा रहे हैं।
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