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रैन बसेरा में मिलता है एक कंबल, पूरी रात ठंड में जागने को विवश

Wed, 01 Jan 2020 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2020 12:42 AM IST
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One gets blanket in night shelter
सोमवार रात्रि में भ्रमण के दौरान स्टेशन परिसर में खुले आसमान के नीचे सोता मिला व्यक्ति। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
रैन बसेरा में मिलता है एक कंबल, पूरी रात ठंड में जागने को विवश
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मुजफ्फरनगर। हाड़कंपा देने वाली सर्दी के बावजूद शहर में कुछ लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को विवश हैं। रैन बसेरे का हाल यह है कि रात गुजारने के लिए जरूरतमंद को एक कंबल मिल रहा है। जरूरतमंद लोग कंबल लपेटकर लोग पूरी रात बैठकर गुजारते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिए हुए हैं कि रैन बसेरों में प्रशासन बेसहारा लोगों के लिए व्यवस्था करेगा। सोमवार रात 12 बजकर दस मिनट पर शहर का हाल जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने शहर का भ्रमण किया। रेलवे स्टेशन के बाहर महिलाओं और बच्चों सहित एक परिवार खुले आसमान के नीचे पड़ा दिखाई दिया। ठंड से बचने के लिए रफीक के परिवार ने कुछ इंतजाम किए थे, लेकिन कोहरे और चलती शीत लहर में वे नाकाफी थे। रेलवे स्टेशन की टिकट खिड़की के कमरे में परेशान यात्री सर्दी के सितम से अछूते नहीं दिखे। शेल्टर होम के रैन बसेरे में सोने के लिए एक ही कंबल दिया गया था। लाचारी के मारे यहां मौजूद 54 लोग ठंड में कंबल को लपेटकर किसी तरह ठिठुरते हुए रात व्यतीत करते नजर आए। यहां ठहरे गोपाल, विनोद कुमार, नरेंद्र, ओमप्रकाश, धर्मेंद्र अपनी पीड़ा बयां करते हुए बोले कि क्या कोई इस ठंड में एक कंबल में सो सकता है। कंबल भी सरकारी है, इनकी हालत आप देख लो। यहां के केयर टेकर राहुल कहते हैं कि हमारे पास 50 ही कंबल है, ठहरने के लिए 70 लोग तक आ जाते हैं। कुछ लोग यहां बिना कंबल के भी रह जाते हैं। पिछले सप्ताह केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान यहां निरीक्षण करने आए थे। उनके सामने भी कंबल की समस्या उठी थी। अधिकारियों से कहा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, और चेयरमैन भी यहां कई बार निरीक्षण कर चुके हैं। हालांकि किसी को भी यहां ठहरे लोगों की व्यवस्था दिखाई नहीं पड़ी। जरूरतमंदों ने प्रशासन की व्यवस्था को नाकाफी बताया है। लोगों ने कहा कि प्रशासन को जरूरतमंदों की आवश्यकतानुसार व्यवस्था करनी चाहिए।
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प्रशासन से मांग चुके हैं कंबल
मुजफ्फरनगर। शेल्टर होम का संचालन कर रही आदर्श सेवा समिति के योगेंद्र शर्मा का कहना है कि उन्हें शासन ने चार लाख 99 हजार का एक साल का टेंडर दिया है। हमारी जिम्मेदारी स्टाफ, मरम्मत, बिजली का बिल देने की है। प्रशासन ने हमें 50 बेड, 50 गद्दे और 50 कंबल उपलब्ध कराए हैं। अधिक कंबल के लिए हम कई बार निवेदन कर चुके हैं, हमारी कोई सुन ही नहीं रहा।
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कंबल न देना अमानवीय: बालियान
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि पिछले सप्ताह मैने खुद शेल्टर होम के रैन बसेरे का निरीक्षण किया। ठंड में एक कंबल पर नाराजगी जताई थी। एडीएम प्रशासन ने अगले दिन कंबल की व्यवस्था कराने की बात कही थी, अब तक कंबल नहीं मिलना अमानवीय है। मैं तत्काल कंबल की व्यवस्था करा रहा हूं।

कंबल के लिए आ चुका 40 लाख
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार कंबल के लिए जिले को 40 लाख उपलब्ध करा चुकी है। 20 लाख के 4400 कंबल खरीदकर प्रशासन जनता में बांट चुका है। चार हजार कंबल खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में शेल्टर होम को कंबल न दिए जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने शासन से पैसा मिलने की पुष्टि की है।
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