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Muzaffarnagar News: चौपाल में अधिकारी नहीं पहुंचे, बाढ़ पीड़ितों को कैसे मिलेगी राहत
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। खादर क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की समस्या सुनने के लिए आयोजित की गई राहत चौपाल में किसी भी सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीण मायूस हो गए।
खादर क्षेत्र में उत्तराखंड से छोड़े गए पानी से हुए क्षेत्र के लोगों को हो रही समस्याओं को सुनने के लिए तीन दिवसीय राहत चौपाल का आयोजन करने के निर्देश जारी किए गए थे। मंगलवार को ग्राम पंचायत रजकल्ला पुर में बाढ़ पीड़ितों की समस्या सुनने के लिए राहत चौपाल का आयोजन किया गया था। ग्रामीण घंटों तक राहत चौपाल में बैठे रहे। मगर, राहत चौपाल में जिला स्तर का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा।
इस दौरान पहुंचे पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ मोहित चौहान और ग्राम सचिव विनीत बालियान ने ग्रामीणों को शांत कर उनकी समस्याएं सुनी। ग्रामीणों ने उत्तराखंड के पहाड़ों से आने वाले पानी की समुचित व्यवस्था के लिए बांध बनवाने व पानी से हुए फसलों के नुकसान का मुआवजा देने, बिजली बिल माफ करने, बैंकों से लिये गए कर्ज माफ करने की मांग रखी गई। ग्राम प्रधान प्रमोद गुर्जर ने बताया कि राहत चौपाल में कोई भी सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में रोष है।
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पुरकाजी। खादर क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की समस्या सुनने के लिए आयोजित की गई राहत चौपाल में किसी भी सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीण मायूस हो गए।
खादर क्षेत्र में उत्तराखंड से छोड़े गए पानी से हुए क्षेत्र के लोगों को हो रही समस्याओं को सुनने के लिए तीन दिवसीय राहत चौपाल का आयोजन करने के निर्देश जारी किए गए थे। मंगलवार को ग्राम पंचायत रजकल्ला पुर में बाढ़ पीड़ितों की समस्या सुनने के लिए राहत चौपाल का आयोजन किया गया था। ग्रामीण घंटों तक राहत चौपाल में बैठे रहे। मगर, राहत चौपाल में जिला स्तर का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा।
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इस दौरान पहुंचे पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ मोहित चौहान और ग्राम सचिव विनीत बालियान ने ग्रामीणों को शांत कर उनकी समस्याएं सुनी। ग्रामीणों ने उत्तराखंड के पहाड़ों से आने वाले पानी की समुचित व्यवस्था के लिए बांध बनवाने व पानी से हुए फसलों के नुकसान का मुआवजा देने, बिजली बिल माफ करने, बैंकों से लिये गए कर्ज माफ करने की मांग रखी गई। ग्राम प्रधान प्रमोद गुर्जर ने बताया कि राहत चौपाल में कोई भी सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में रोष है।
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