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किशोरियों को वितरित की पोषण पोटली
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किशोरियों को वितरित की पोषण पोटली
मुजफ्फरनगर। डीएम सेल्वा कुुमारी जे ने किशोरी दिवस पर रामपुरम में बालिकाओं को पोषण पोटली का वितरण किया। उन्होंने किशोरियों को आयरन की गोली, घी एवं पुष्टाहार का वितरित किया। किशोरियों से कहा कि प्रत्येक दशा में शिक्षा ग्रहण करनी है। पढ़ाई बीच में नहीं छोड़नी चाहिए।
डीएम ने किशोरियों से उनके खान पान व आहार के बारे में जानकारी प्राप्त की। पोषण युक्त आहार लिए जाने पर बल दिया। कहा कि प्राय : यह देखने में आ रहा है कि बालिकाओं में खून की कमी मिल रही है। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान के तहत प्रत्येक गांव व स्कूलों में कैंप लगाकर किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था, जिसमें काफी संख्या में किशोरियों में खून की कमी मिली थी। उन्होंने कहा कि कुपोषण का सबसे बड़ा कारण अनियमित दिनचर्या और अनियमित आहार विहार है। किशोरावस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन दुर्भाग्यवश इस अवस्था के बालक व बालिकाओं में कुपोषण तेजी से बढ़ रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। हमें इस चिंता से मुक्त होने के लिए देश की आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ बनाना है। हमारा प्रयास है कि हम स्कूलों से घरों से बच्चों को संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित कर सकें। खून की कमी से ही शरीर में अनेक प्रकार के विकार उत्पन्न हो सकते हैं। यदि जांच में किसी किशोर बालिका का खून का स्तर स्वीकार्य मान्यता से कम आता है तो उसे अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना होगा। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व काफी संख्या में किशोरियां व उनकी माताएं उपस्थित रही।
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मुजफ्फरनगर। डीएम सेल्वा कुुमारी जे ने किशोरी दिवस पर रामपुरम में बालिकाओं को पोषण पोटली का वितरण किया। उन्होंने किशोरियों को आयरन की गोली, घी एवं पुष्टाहार का वितरित किया। किशोरियों से कहा कि प्रत्येक दशा में शिक्षा ग्रहण करनी है। पढ़ाई बीच में नहीं छोड़नी चाहिए।
डीएम ने किशोरियों से उनके खान पान व आहार के बारे में जानकारी प्राप्त की। पोषण युक्त आहार लिए जाने पर बल दिया। कहा कि प्राय : यह देखने में आ रहा है कि बालिकाओं में खून की कमी मिल रही है। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान के तहत प्रत्येक गांव व स्कूलों में कैंप लगाकर किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था, जिसमें काफी संख्या में किशोरियों में खून की कमी मिली थी। उन्होंने कहा कि कुपोषण का सबसे बड़ा कारण अनियमित दिनचर्या और अनियमित आहार विहार है। किशोरावस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन दुर्भाग्यवश इस अवस्था के बालक व बालिकाओं में कुपोषण तेजी से बढ़ रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। हमें इस चिंता से मुक्त होने के लिए देश की आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ बनाना है। हमारा प्रयास है कि हम स्कूलों से घरों से बच्चों को संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित कर सकें। खून की कमी से ही शरीर में अनेक प्रकार के विकार उत्पन्न हो सकते हैं। यदि जांच में किसी किशोर बालिका का खून का स्तर स्वीकार्य मान्यता से कम आता है तो उसे अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना होगा। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व काफी संख्या में किशोरियां व उनकी माताएं उपस्थित रही।
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