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अब खोटे हो गए आपके सिक्के, जमा करने में आनाकानी कर रहे बैंक 

Wed, 25 Oct 2017 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 25 Oct 2017 01:25 AM IST
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Now the false coins
10 रुयपे का सिक्का। - फोटो : अमर उजाला
आपके पास अगर एक हजार से अधिक रुपये के सिक्के हैं तो यह खबर आपके लिए है। कभी खूब खनकने वाले सिक्के अब खोटे हो गए हैं। बैंकों की मनमानी के आगे व्यापारी, कारोबारी परेशान हैं। बैंकों ने साफ कर दिया है कि प्रति व्यक्ति केवल एक हजार रुपये तक के ही सिक्के जमा किए जा सकते हैं। उसमें भी दस और पांच रुपये के सिक्के होने लाजमी हैं। एक और दो रुपये का सिक्का बैंक लेने के लिए तैयार नहीं हैं।  
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बैंकों की लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने निर्देश जारी किए हैं। इसमें बैंकों को सिक्के लेना अनिवार्य किया है। मगर, बैंक अधिकारी इस निर्देश से कोई इत्तेफाक नहीं रखते हैं। दुकानों के गल्ले, जेबों में खनकने वाले सिक्के अब बोझ बन गए हैं। बैंक सिक्कों को लेने से हाथ खड़े कर रहे हैं। सबसे अधिक समस्याएं किराना व्यापारी और छोटे दुकानदारों के सामने खड़ी हो गई हैं। रोजाना बड़ी संख्या में सिक्के आते हैं, लेकिन ग्राहक वापस नहीं ले रहा है। साथ ही बैंक में जमा कराने पर जवाब मिलता है, इतने सिक्के गिनेगा कौन? इससे परेशानी बढ़ गई है।  
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गुल्लक के किंग चिल्लर बने मुसीबत 
गुल्लक की शान कहे जाने वाले एक और दो रुपये के सिक्के दुकानदार के साथ बैंक लेने से इंकार कर रहे हैं। गुल्लक में सिक्कों का खनकना बंद हो गया है। एक दो बैंक में जैसे-तैसे कर दस और पांच रुपये के सिक्के तो किसी तरह जमा हो जाते हैं, लेकिन एक और दो रुपये के सिक्के कोई नहीं ले रहा है।  
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दुकानदारों को रोडवेज का सहारा 
मुजफ्फरनगर। दुकानदारों को रोडवेज डिपो आड़े वक्त में सहारा दे रही है। दुकानदार परिचालकों को एक, दो, पांच रुपये के सिक्के सप्लाई कर रहे हैं। 100 रुपये के सिक्के लेेने पर 102 रुपये दिए जाते हैं। किसी तरह से सिक्कों को खपाया जा रहा है।  

नोटबंदी में बांटे थे सिक्के 
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने नोटबंदी की थी, तब 1000 और 500 के नोट बदलने के दौरान आम लोगों के साथ व्यापारियों को बैंकों ने 10 और पांच रुपये के सिक्के खूब दिए थे। अब बैंक इन सिक्कों को लेने से हाथ खड़े कर रहे हैं। जिससे व्यापारी परेशान हैं।  

क्या बोले दुकानदार... 
किराना कारोबारी वसीम सिद्दिकी ने बताया कि बाजार में एक और दो रुपये का सिक्का कोई नहीं लेता है। उसके पास 10 हजार रुपये के सिक्के हैं। बैंक में जमा करने जाते हैं तो इंकार कर दिया जाता है। उसके पास सिक्के बढ़ रहे हैं। ग्राहक भी अधिक सिक्के लेने से मना कर देते हैं।  


सभी बैंक सिक्के लेंगे : एलडीएम 
मुजफ्फरनगर। जिले के लीड बैंक मैनेजर एसके जैन ने बताया कि आरबीआई की नई गाइडलाइन आई है। बैंकों में एक हजार रुपये तक के सिक्के जमा किए जा सकते हैं। कुछ लोगों ने सिक्कों को लेकर गलत अफवाह फैला रखी है। सभी बैंक सिक्के लेंगे। इसके लिए सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं।
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