{"_id":"5ed7d6768ebc3e903e71abea","slug":"now-pollution-started-increasing-due-to-industry-and-vehicles-muzaffarnagar-news-mrt4846937169","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब उद्योग और वाहन चलते ही बढ़ने लगा प्रदूषण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब उद्योग और वाहन चलते ही बढ़ने लगा प्रदूषण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब उद्योग और वाहन चलते ही बढ़ने लगा प्रदूषण
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में सख्ती के दौरान सुधरी आबोहवा फिर से खराब होने लगी है। उद्योगों और वाहनों के संचालन में छूट मिली तो वायु प्रदूषण बढ़ने लगा। कुछ दिन पहले 56 तक आया एयर क्वालिटी इंडेक्स अब 150 तक पहुंच गया है।
दिवाली के आसपास व सर्दी के मौसम में मुजफ्फरनगर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया था। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर चला गया था, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। 25 मार्च से लागू हुए लॉकडाउन में जिले की हवा की स्थिति सुधरने लगी थी। जब तक लॉकडाउन में सख्ती बरती गई तब तक एक्यूआई काफी नीचे रहा। यह 56 तक भी आ गया था, लेकिन जैसे ही ढील देनी शुरू हुई प्रदूषण बढ़ने लगा। उद्योग और वाहनों का संचालन शुरू हो जाने से एक्यूआई 150 तक पहुंच गया है। यह स्थिति तो तब है, जब हवा अच्छी चल रही है तथा दो दिन पहले बारिश भी हुई। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार का कहना है कि प्रदूषण की स्थिति ज्यादा खराब नहीं है। सर्दियों में हवा नहीं चलने और स्माग के कारण एक्यूआई बढ़ जाता है। लॉकडाउन में तो सभी गतिविधियां बंद थी, इसलिए प्रदूषण काफी कम था।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में सख्ती के दौरान सुधरी आबोहवा फिर से खराब होने लगी है। उद्योगों और वाहनों के संचालन में छूट मिली तो वायु प्रदूषण बढ़ने लगा। कुछ दिन पहले 56 तक आया एयर क्वालिटी इंडेक्स अब 150 तक पहुंच गया है।
दिवाली के आसपास व सर्दी के मौसम में मुजफ्फरनगर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया था। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर चला गया था, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। 25 मार्च से लागू हुए लॉकडाउन में जिले की हवा की स्थिति सुधरने लगी थी। जब तक लॉकडाउन में सख्ती बरती गई तब तक एक्यूआई काफी नीचे रहा। यह 56 तक भी आ गया था, लेकिन जैसे ही ढील देनी शुरू हुई प्रदूषण बढ़ने लगा। उद्योग और वाहनों का संचालन शुरू हो जाने से एक्यूआई 150 तक पहुंच गया है। यह स्थिति तो तब है, जब हवा अच्छी चल रही है तथा दो दिन पहले बारिश भी हुई। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार का कहना है कि प्रदूषण की स्थिति ज्यादा खराब नहीं है। सर्दियों में हवा नहीं चलने और स्माग के कारण एक्यूआई बढ़ जाता है। लॉकडाउन में तो सभी गतिविधियां बंद थी, इसलिए प्रदूषण काफी कम था।
विज्ञापन